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कौन हैं ईरानी सिंगर परस्तू अहमदी? जिन्हें स्लीवलेस ड्रेस में गाने की मिली 74 कोड़ों की सजा, देश निकाला भी दिया

ईरानी हुकूमत ने मशहूर सिंगर परस्तू अहमद को तालिबानी सजा सुनाई है. क्योंकि परस्तू ने अपने कॉन्सर्ट में हिजाब नहीं पहना था, उनकी ड्रेस भी स्लीवलेस थी.

कौन हैं ईरानी सिंगर परस्तू अहमदी? जिन्हें स्लीवलेस ड्रेस में गाने की मिली 74 कोड़ों की सजा, देश निकाला भी दिया
Screengrab/YOUTUBE/PARASTOO AHMADI
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Iranian singer Parastoo Ahmadi: क्या हिजाब न पहनना अश्लीलता है? क्या स्लीवलेस ड्रेस पहनना अश्लीलता है? एक सिंगर को अपने कॉन्सर्ट में क्या पहनना चाहिए, क्या ये भी अब सरकार तय करेगी? और अगर ऐसा नहीं किया तो सरकार उस कलाकार को सजा देगी, सजा भी कोई छोटी-मोटी नहीं बल्कि देश निकाला कर दिया जाएगा. उस सिंगर को सबसे सामने 74 कोड़े मारे जाएंगे. 

हम बात कर रहे हैं ईरान की, वही ईरान जहां जंग की आंच अभी पूरी तरह ठंडी भी नहीं पड़ी कि एक फरमान से वह फिर सुर्खियों में आ गया. ईरानी हुकूमत ने मशहूर सिंगर परस्तू अहमद को तालिबानी सजा सुनाई है. क्योंकि परस्तू ने अपने कॉन्सर्ट में हिजाब नहीं पहना था, उनकी ड्रेस भी स्लीवलेस थी. ईरान की कोर्ट ने इसे अश्लील कंटेट पब्लिश करने और सार्वजनिक शालीनता का उल्लंघन करने मामला माना है. 

ईरानी सिंगर पर क्या हैं आरोप और क्या सजा मिली? 

मामला दिसंबर 2024 का है, जब परस्तू अहमदी ने बिना हिजाब पहने यूट्यूब पर एक लाइव कॉन्सर्ट किया था. उन्होंने ईरान का लोकप्रिय देशभक्ति गीत 'अज खूने जवानाने वतन' (मातृभूमि के युवाओं के खून से) गाया था. इस दौरान उन्होंने हिजाब नहीं पहना था वह स्लीवलेस ड्रेस में थीं. उनकी टीम में चार पुरूष आर्टिस्ट भी थे जिससे मामला और हाईलाइट हो गया. 

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देखते ही देखते Youtube वीडियो वायरल हुआ और परस्तू अहमदी निशाने पर आ गईं. ईरानी अधिकारियों ने परस्तू अहमदी और कई संगीतकारों को कुछ समय के लिए हिरासत में ले लिया. हालांकि कानूनी कार्रवाई जारी रही, मामले में अब सजा सुनाई गई है. जिसके तहत परस्तू समेत उनकी टीम के कुल 9 लोगों को 74 कोड़े मारे जाएंगे. साथ ही साथ उन पर 2 साल तक देश छोड़ने और 2 साल तक किसी भी आर्टिस्टिक एक्टिविटीज यानी गाने और वीडियोज बनाने पर बैन लगा दिया गया है. 

परस्तू अहमदी के इस वीडियो को महिलाओं की आजादी का प्रतीक माना गया था. जिसे अच्छा खासा समर्थन मिला था, लेकिन ईरानी सरकार ने इसे कानून के खिलाफ माना. 

ईरान में महिलाओं का हिजाब पहनना कितना जरूरी? 

दरअसल, ईरान में महिलाओं का सार्वजनिक तौर पर हिजाब पहनना अनिवार्य है. बकायदा इसके लिए कानून बना है जिसमें सजा का प्रावधान भी है. साल 2022 में ईरानी एक्टिविस्ट महसा अमिनी की मौत के बाद हुए प्रदर्शन में सिंगर परस्तू अहमदी ने सत्ता विरोधी आवाज बुलंद की थी. इसके बाद वे सरकार के टारगेट पर थी. 

कौन हैं परस्तू अहमदी? 

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ईरान के नौशहर शहर में जन्मीं परस्तू अहमदी गायिका, संगीतकार, कलाकार और फिल्म डायरेक्टर हैं. वे ईरान में महिलाओं पर लगे सख्त प्रतिबंधों के खिलाफ अपनी आवाज़ उठाने के लिए जानी जाती हैं. 29 साल की परस्तू सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहती हैं. उनके गानों में महिलाओं की अभिव्यक्ति की आजादी की झलक जरूर होती है. 

यह भी पढ़ें- 'न मैं गिड़गिड़ाई, न इटली कभी झुका...' G7 से लौटते ही ट्रंप ने ऐसा क्या कर दिया? बुरी तरह भड़क गईं जॉर्जिया मेलोनी

उन्होंने एक बार अपना परिचय कुछ इस अंदाज में दिया था, ‘मैं परस्तू हूं, एक लड़की जो उन लोगों के लिए गाना चाहती है जिन्हें वो प्यार करती है. ये अधिकार मैं नहीं छोड़ सकती.’ परस्तू अहमदी ईरानी युवाओं के बीच साहस और सांस्कृतिक अभिव्यक्ति का मॉडल हैं. 

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सजा पर मानवाधिकार संगठनों ने उठाए सवाल

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परस्तू अहमदी और उनकी टीम को मिली इस सजा पर कई मानवाधिकार संगठनों ने चिंता जताई है. यह मामला एक बार फिर महिलाओं पर ईरान की तानाशाही नीति को उजागर करता है. ईरान में कई बार ऐसे फरमानों के खिलाफ व्यापक प्रदर्शन हुए हैं, सरकार विरोधी इसी लहर का अमेरिका ने फायदा भी उठाया और सत्ता परिवर्तन की कोशिश की लेकिन ईरान इसके बावजूद अपने कट्टर कानूनों से समझौता नहीं करता. 

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टिप्पणियाँ 2
G
Guest (अतिथि)
K
KASHI BHUWANIA
1 month ago

Dictatorship

K
KMbanker
1 month ago

ईरान की इसी हरकतें की वजह से आज ईरान का ये हाल है,, अच्छा हुआ अमेरिका और इसराइल ने उसका ये हाल बना दिया

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