पिकनिक मनाने गए 4 युवक नदी के तेज़ बहाव में फंसे, 11 घंटे के सफल रेस्क्यू के बाद बची जान
खंडवा जिला मुख्यालय से करीब 20 किमी दूर हांडी कुंडी पिकनिक क्षेत्र में पिकनिक मनाने गए चार युवक पानी के तेज बहाव में टापू पर फंसे. जिसके बाद 11 घंटो की कड़ी मशकत के बाद चारों का रेस्क्यू किया गया.
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मध्य प्रदेश के खंडवा में एक टापू पर फंसे चार युवकों को सफलतापूर्वक बचा लिया गया है. ये युवक पिकनिक मनाने गए थे, लेकिन नदी के बीच बने एक टापू में फंस गए. 11 घंटे के रेस्क्यू के बाद उन्हें वहां से सुरक्षित निकाला गया है.
11 घंटे बाद सफल रेस्क्यू से बची 4 युवकों की जान
यह रेस्क्यू ऑपरेशन गुरुवार शाम करीब 6 बजे शुरू हुआ था. पानी का बहाव कम होने पर इंदौर से आई एसडीआरएफ की टीम और खंडवा एसडीआरएफ की टीम ने मिलकर संयुक्त रूप से शुक्रवार तड़के करीब 4:45 बजे बोट के जरिए चारों युवकों को रेस्क्यू किया.
प्रशासन के आलाधिकारी इस दौरान मौजूद रहे. करीब 11 घंटे चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद सभी युवकों और उनके परिजनों ने प्रशासन को धन्यवाद दिया.
अचानक नदी में आई बाढ़ के चलते टापू पर फंसे 4 युवक
बचाव कार्य की निगरानी के लिए मौके पर प्रभारी कलेक्टर नागार्जुन भी गौड़ा, खंडवा एसपी अगम जैन, एडिशनल एसपी महेंद्र तारणेकर, एसडीम ऋषि सिंघाई सहित बड़ी संख्या में राजस्व, पुलिस और आपदा प्रबंधन की टीम मौजूद रहे.
जानकारी के अनुसार, खंडवा जिला मुख्यालय से करीब 20 किमी दूर हांडी कुंडी पिकनिक क्षेत्र है, जहां शहर के एक मेडिकल व्यवसायी हुजेफा हामिद अली समेत उनके 3 अन्य साथी असगर, मुस्तफा और मयंक बारिश के बीच पिकनिक मनाने पहुंचे थे. इसी बीच अचानक नदी में आई बाढ़ के चलते यह लोग एक छोटे से टापू पर फंस गए, जिसकी जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन की टीम पहुंची.
ड्रोन के जरिए युवको के पास भेजा गया खाना, पानी और लाइफ जैकेट
नदी के दोनों छोर से एसडीईआरएफ की टीमों ने प्रयास शुरू किए. जिला प्रशासन ने चारों युवाओं को एयरलिफ्ट कर बचाने की भी तैयारी की. इसके लिए रायपुर में बचाव हेलीकॉप्टर भी तैयार कराया गया. साथ ही, टापू पर फंसे युवकों तक ड्रोन के जरिए खाना, पानी और लाइफ जैकेट भेजे गए.
खंडवा के पुलिस अधीक्षक (एसपी) अगम जैन ने कहा कि हांडी कुंडी का यह क्षेत्र सुक्ता और आबना नदी का संगम स्थल है. चार लोग यहां नदी में पानी का अधिक बहाव होने के चलते एक टापू पर फंसे गए थे.
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हालांकि, बाद में नदी का बहाव कम होने पर एसडीईआरएफ की टीमों ने अपने प्रयास तेज किए और सभी युवकों को सुरक्षित बाहर निकाला.