ट्रंप ने ईरान को बताया बीमार और हिंसक, कर दिया सीजफायर खत्म, होर्मुज में फिर बढ़ेगी जंग, रॉकेट होंगे तेल-LPG के दाम!
पश्चिम एशिया एक बार फिर बड़े संघर्ष की ओर बढ़ता दिख रहा है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अंकारा में नाटो शिखर सम्मेलन के दौरान स्पष्ट कह दिया कि उन्हें लगता है कि ईरान के साथ हुआ समझौता ज्ञापन (MoU) अब खत्म हो गया है. उन्होंने ईरान को बीमार, बुरे और हिंसक करार दे दिया.
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अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर फुल जंग के की आशंका बढ़ गई है. दोनों ही देशों ने एक दूसरे पर जवाबी हमले किए है. इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को बुरे लोग कहते हुए उसके साथ हुए सीजफायर को खत्म करने का ऐलान किया है. अंकारा दौरे पर पहुंचे ट्रंप ने कहा कि उन्हें लगता है कि ईरान के साथ हुआ समझौता ज्ञापन (एमओयू) अब खत्म हो गया है.
ट्रंप ने ईरान को बताया बीमार-हिंसक लोग
आपको बता दें कि कुछ सप्ताह पहले तक ईरान के नेतृत्व को लेकर अपेक्षाकृत नरम रुख रखने वाले राष्ट्रपति ट्रंप ने इस बार तेहरान के खिलाफ कड़े शब्दों का इस्तेमाल किया. ट्रंप ने कहा, "उनमें कुछ गड़बड़ है. वे बीमार हैं और गंदा खेल खेलते हैं." हालांकि, ट्रंप ने यह भी कहा कि वह अपने वार्ताकारों को बातचीत जारी रखने की अनुमति दे सकते हैं, लेकिन उन्हें लगता है कि "वो लोग (ईरान) केवल समय बर्बाद कर रहे हैं." ये बयान यूएस सेंट्रल कमांड और ईरान की आईआरजीसी के बीच हुए हमले के तनावपूर्ण माहौल में सामने आया है.
ट्रंप ने ईरान के साथ किया सीजफायर खत्म!
इस बीच यूएई के वरिष्ठ राजनयिक अनवर गर्गश का कहना है कि होर्मुज स्ट्रेट में कतर और सऊदी अरब के कमर्शियल टैंकरों पर ईरान के हमले और बहरीन और कुवैत के खिलाफ बार-बार की आक्रामकता यह दिखाती है कि तेहरान तनाव कम करने और "युद्ध का अध्याय समाप्त करने" की जरूरतों को पूरा करने में असमर्थ है.
यूएई के राष्ट्रपति के राजनयिक सलाहकार गर्गश ने बुधवार को एक्स पोस्ट में कहा, "खाड़ी के अरब देश, तनाव बढ़ाने और समझदारी, स्थिरता व शांति के रास्ते के बीच ईरान के बदलते रुख का निशाना नहीं बन सकते."
बुधवार को यूएस सेंटकॉम की ओर से ईरान के 80 सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने के दावे के बाद आईआरजीसी ने भी अमेरिका के 85 बेस पर जवाबी कार्रवाई की बात कही. ईरानी सेना ने दावा किया कि उसने दक्षिणी ईरान पर अमेरिका के हमलों के जवाब में बहरीन स्थित शेख ईसा एयर बेस पर तैनात अमेरिकी बलों को निशाने पर लेते हुए ड्रोन हमला किया.
सेना ने कहा कि अमेरिका द्वारा युद्धविराम का बार-बार और खुलेआम उल्लंघन करने के गंभीर परिणाम होंगे और क्षेत्र में मौजूद सभी अमेरिकी सैन्य ठिकाने अब सैन्य ड्रोन हमलों के वैध लक्ष्य होंगे.
अमेरिका ने ईरान पर तेल प्रतिबंधों में दी छूट वापस ली!
इसी बीच ईरान ने अमेरिका द्वारा ईरानी तेल की बिक्री पर प्रतिबंधों में दी गई अस्थायी राहत वापस लेने के फैसले की कड़ी निंदा की है. तेहरान ने इसे 18 जून को हस्ताक्षरित इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन (एमओयू) के अनुच्छेद 10 का "स्पष्ट उल्लंघन" बताया और इस निर्णय के परिणामों के लिए वॉशिंगटन को जिम्मेदार ठहराया.
ईरान ने अमेरिका पर MoU के उल्लंघन का आरोप लगाया
ईरान के विदेश मंत्रालय ने एक आधिकारिक बयान में कहा, "इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान का विदेश मंत्रालय अमेरिकी ट्रेजरी द्वारा ईरानी तेल बिक्री पर प्रतिबंध की अस्थायी रोक को हटाने के कदम की कड़ी निंदा करता है. यह युद्ध समाप्त करने के लिए हुए समझौता ज्ञापन (एमओयू) के अनुच्छेद 10 का गंभीर उल्लंघन है और इस वादाखिलाफी के परिणामों के लिए अमेरिकी सरकार को जिम्मेदार ठहराता है."
On the status of the ceasefire with Iran, US President Donald Trump says, "To me, I think it's over. I don't want to deal with them anymore. They're scum... They're led by sick people... I'll speak to our negotiators. They want to negotiate—they're good people... but they have to… pic.twitter.com/8oZYJJS7dV
— ANI (@ANI) July 8, 2026
मंत्रालय ने कहा कि समझौते पर हस्ताक्षर होने के 20 दिन से भी कम समय बाद घोषित किया गया यह अमेरिकी फैसला वॉशिंगटन की "दुर्भावनापूर्ण मंशा, अस्थिरता और अविश्वसनीयता" को दर्शाता है. मंत्रालय ने आगे आरोप लगाया कि अमेरिका ने एमओयू के विभिन्न प्रावधानों का बार-बार उल्लंघन किया है, चाहे वह सीधे तौर पर हो या "लेबनान के खिलाफ जियोनिस्ट शासन की कार्रवाइयों" के माध्यम से.
मंत्रालय के अनुसार, एमओयू पर हस्ताक्षर होने के बाद से ईरान ने समझौते के तहत अपनी जिम्मेदारियों को पूरा करने के लिए ईमानदारी से प्रयास किए और अपने दायित्वों को निभाते समय सद्भावना के साथ काम किया.
मंत्रालय ने कहा, "एमओयू पर हस्ताक्षर के बाद से इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान ने अपनी सभी क्षमताओं का उपयोग करते हुए ईमानदारी से अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा करने का प्रयास किया है. हालांकि, अमेरिकी सरकार ने हमेशा की तरह एक साथ अपने दायित्वों का उल्लंघन किया और विभिन्न बहानों के जरिए उन्हें सही ठहराने की कोशिश की."
इस घटनाक्रम को लेकर चेतावनी जारी करते हुए मंत्रालय ने कहा कि तेहरान अपने राष्ट्रीय हितों और सुरक्षा की रक्षा के लिए उचित कदम उठाने का अधिकार सुरक्षित रखता है. बयान में कहा गया, "अमेरिका द्वारा समझौते के उल्लंघन के परिणामों की चेतावनी देते हुए, इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान का विदेश मंत्रालय अपने हितों और राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा के लिए आवश्यक समझे जाने वाले सभी कदम उठाएगा."
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने की ईरान के खिलाफ कार्रवाई
इस बीच, अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कहा कि होर्मुज़ जलडमरूमध्य से गुजर रहे तीन वाणिज्यिक जहाजों पर हमले के बाद अमेरिकी सेनाओं ने ईरान के खिलाफ कार्रवाई शुरू की. कमांड ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा, "अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में निर्दोष नागरिकों के चालक दल वाले वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाने और उन पर हमला करने की भारी कीमत चुकाने के लिए अमेरिका ने ईरान के खिलाफ शक्तिशाली हमलों की एक श्रृंखला शुरू कर दी है." कमांड ने कहा, "अमेरिकी हमले होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे तीन वाणिज्यिक जहाजों पर ईरान के हमलों के जवाब में किए गए हैं."
ईरान-अमेरिका के बीच जवाबी जंग और वार-पलटवार
चीनी समाचार एजेंसी शिन्हुआ ने ईरानी सरकारी मीडिया प्रेस टीवी के हवाले से बताया कि ईरान के किश्म द्वीप और बंदरगाह शहरों बंदर अब्बास तथा सिरिक के पास विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं.
होर्मुज में तीन कमर्शियल जहाजों पर हमले के बाद अमेरिकी सेना ने ईरान पर हमले किए हैं. जवाब में ईरान ने बहरीन और कुवैत में अमेरिकी आर्मी के 85 ठिकानों पर किया मिसाइल और ड्रोन से अटैक किया है.
ट्रंप के बयान से तेल-गैस के दाम रॉकेट
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जैसे ही डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ युद्धविराम खत्म हो गया है, बुधवार को दुनिया भर में तेल की कीमतें पांच प्रतिशत से ज्यादा बढ़ गईं. एएफपी की रिपोर्ट के अनुसार इंटरनेशनल बेंचमार्क ब्रेंट नॉर्थ सी क्रूड 5.3 प्रतिशत बढ़कर $78.09 प्रति बैरल हो गया, जबकि मुख्य अमेरिकी कॉन्ट्रैक्ट, वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट, 5.4 प्रतिशत बढ़कर $74.23 प्रति बैरल हो गया.