पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा आत्मघाती हमले में पुलिस स्टेशन के उड़े परखच्चे, 19 लोगों की हुई मौत, 55 लोग हुए घायल
पाकिस्तान के उत्तर-पश्चिमी खैबर पख्तूनख्वा (KP) प्रांत में बड़ा आत्मघाती हमला हुआ है, जिसमें क़रीब 19 लोगों की मौत हो गई. हैरानी की बात ये है धटना आतंकवाद विरोधी शांति रैली के दौरान हुई. कहा जा रहा है कि इसमें क़रीब 55 लोग घायल हुए हैं.
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अमेरिका के कहने पर ख़ुद को दुनियाभर में मध्यस्थ के तौर पर पेश करने की कोशिश कर रहे पाकिस्तान के ख़ुद के घर में ही शांति नहीं है. पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के स्वात जिले में स्थित काबल पुलिस स्टेशन के बाहर हुए एक आत्मघाती बम धमाके में मरने वालों की संख्या बढ़कर 19 हो गई है. मृतकों में छह पुलिसकर्मी भी शामिल हैं.
पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में आतंकवाद विरोधी रैली में आत्मघाती हमला
द एक्सप्रेस ट्रिब्यून के अनुसार, जिला पुलिस अधिकारी (डीपीओ) मोहम्मद ओमे ने बताया कि इस हादसे में 19 लोगों की मौत हुई है, जिनमें छह पुलिसकर्मी हैं. इसके अलावा नौ आम नागरिक घायल हुए हैं. 55 गंभीर रूप से घायल लोगों का इलाज सैदू शरीफ टीचिंग अस्पताल में चल रहा है.
समाचार एजेंसी एपी के अनुसार ये आत्मघाती धमाका स्वात घाटी के काबल शहर में एक पुलिस स्टेशन के सामने हुआ, जहां प्रदर्शनकारी आतंकवाद विरोधी नारे लगा रहे थे और शांति की मांग कर रहे थे. मलाकंद के डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल (डीआईजी) सैयद फिदा हुसैन के अनुसार, पुलिस स्टेशन के आसपास पुलिस लाइन और अन्य संवेदनशील सरकारी इमारतें भी मौजूद हैं.
हुसैन ने कहा कि शुरुआती रिपोर्टों के मुताबिक, धमाके में चार पुलिस अधिकारी गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जबकि दो आम नागरिक भी घायल हुए हैं. यह घटना उस समय हुई जब पुलिस स्टेशन के पास स्थित काबल चौक में सैकड़ों लोग एक सार्वजनिक प्रदर्शन में हिस्सा ले रहे थे.
आत्मघाती हमले में 19 की मौत, 55 का इलाज जारी, 6 पुलिस वालों की भी गई जान
घायलों को पास के सैदू शरीफ टीचिंग अस्पताल भेजा गया. वहीं, सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके को घेर लिया और तलाशी अभियान शुरू कर दिया.
इस सप्ताह की शुरुआत में भी खैबर पख्तूनख्वा के हंगू जिले में स्थित खजीना बांदा चेकपोस्ट पर सशस्त्र हमलावरों ने हमला किया था. स्थानीय मीडिया के अनुसार, इस हमले में कम से कम नौ पुलिसकर्मियों की मौत हो गई थी और 28 अन्य घायल हुए थे.
पाकिस्तान के अखबार डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, खैबर पख्तूनख्वा के इंस्पेक्टर जनरल (आईजी) जुल्फिकार हमीद की ओर से जारी बयान में कहा गया कि इस हमले के पीछे 'फितना अल खवारिज' का हाथ था. यह शब्द पाकिस्तान सरकार प्रतिबंधित तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) से जुड़े आतंकियों के लिए इस्तेमाल करती है.
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हमीद ने बताया कि पुलिस ने हमले का जवाब दिया और अतिरिक्त बलों को मौके पर भेजा गया. उन्होंने कहा कि पुलिस और हमलावरों के बीच हुई गोलीबारी में एक डिप्टी सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस (डीएसपी) समेत नौ पुलिसकर्मी मारे गए, जबकि 28 अन्य घायल हो गए.