'हम नहीं करेंगे आत्मसमर्पण...', भारत की धरती से पेजेश्कियान का अमेरिका-इजराइल को सीधा संदेश, BRICS में दिखेगा नया समीकरण
BRICS समिट से पहले ईरानी राष्ट्रपति पेजेश्कियान ने भारत में अमेरिका और इजराइल को दो टूक संदेश दिया कि ईरान दबाव के आगे नहीं झुकेगा और अपने हितों की रक्षा के लिए मजबूती से खड़ा रहेगा.
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BRICS Summit 2026: BRICS शिखर सम्मेलन 2026 में शामिल होने के लिए दिल्ली में विदेशी राष्ट्राध्यक्षों और उनके प्रतिनिधियों का आगमन हो चुका है. यह शिखर सम्मेलन सिर्फ चर्चा का मंच नहीं, बल्कि भारत की बढ़ती ताकत की एक झलक भी पेश करेगा. यहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान की जो तस्वीर सामने आएगी, वो किसी को बेचैन करे या न करे, लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति को जरूर बेचैन करने वाली है और इस बेचैनी को बढ़ाने वाली बात ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने शुक्रवार को भारत मंडपम में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कही है.
दरअसल, पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने भारत की धरती से अमेरिका और इजराइल को लेकर अपने तेवर एक बार फिर स्पष्ट कर दिए. एक कार्यक्रम में उन्होंने दो टूक कहा कि ईरान किसी भी तरह की दादागीरी या दबाव के सामने झुकने वाला नहीं है और अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए मजबूती से खड़ा रहेगा. धार्मिक नेताओं, बुद्धिजीवियों, शिक्षाविदों और कारोबारी जगत से जुड़े लोगों को संबोधित करते हुए पेजेश्कियान ने खाड़ी क्षेत्र को लेकर तेहरान का पक्ष रखा. उन्होंने शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व के प्रति ईरान की प्रतिबद्धता दोहराई और देश के भीतर मतभेद पैदा करने की कोशिश करने वाली बाहरी ताकतों का मुकाबला करने का संकल्प जताया.
हम नहीं करेंगे आत्म समर्पण: पेजेश्कियान
टीवी 9 की एक रिपोर्ट के मुताबिक, ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उनका देश किसी भी तरह के अत्याचार या दबाव के सामने झुकने वाला नहीं है. उन्होंने कहा कि ईरान इजराइल और अमेरिका के खिलाफ मजबूती से खड़ा है और धमकी या दबाव की राजनीति का जवाब उसी दृढ़ता से दिया जाएगा. पेजेश्कियान ने अमेरिका और इजराइल की सेनाओं पर निशाना साधते हुए उन्हें वास्तविक आतंकवादी बताया. इस दौरान उन्होंने दक्षिणी ईरान में एक प्राथमिक विद्यालय के पास हुए अमेरिकी हमले का भी जिक्र किया और दावा किया कि इस घटना में 168 बच्चों की जान चली गई थी.
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अमेरिका को बताया बेलगाम घोड़ा
पेजेश्कियान ने कहा कि अमेरिका और इजराइल को अस्पतालों, बुनियादी ढांचे और आम लोगों की आजीविका को निशाना बनाने के बजाय सीधे ईरानी सैनिकों का सामना करना चाहिए. उन्होंने कहा कि विरोधी यह मान रहे हैं कि जरूरी सामान की कमी पैदा करके ईरानी जनता को झुकने पर मजबूर किया जा सकता है, लेकिन ऐसा नहीं होने वाला. ईरानी राष्ट्रपति ने अमेरिका और इजराइल की रणनीति की तुलना बिना लगाम के जंगली घोड़े पर सवार होने से करते हुए कहा कि उनकी ये गलतियां उन्हें तबाही की ओर ले जाएंगी. उन्होंने साथ ही कहा कि ईश्वर ने ईरानियों, चीनियों, भारतीयों और दुनिया के अन्य लोगों को बनाया है, इसलिए सभी को मिल-जुलकर रहना सीखना होगा. पेजेश्कियान ने दोहराया कि ईरान अन्याय के सामने नहीं झुकेगा और पीड़ितों के समर्थन में खड़ा रहेगा.
भारत को बताया महान देश
ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान शुक्रवार सुबह तीन दिन के भारत दौरे पर नई दिल्ली पहुंचे। उनके दौरे का प्रमुख उद्देश्य 18वें BRICS शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेना है. ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने भारत की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि उनका देश भारत को एक तेजी से उभरती वैश्विक शक्ति के रूप में देखता है, जो इस समय BRICS की अध्यक्षता कर रहा है. उन्होंने कहा कि BRICS आज एक महत्वपूर्ण मंच बन चुका है और वैश्विक स्तर पर अहम भूमिका निभा रहा है. अराघची ने भरोसा जताया कि भारत समूह और उसके सदस्य देशों का प्रभावी नेतृत्व करने में पूरी तरह सक्षम है. इस कार्यक्रम में ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची के अलावा कश्मीरी अलगाववादी नेता मीरवाइज उमर फारूक, पतंजलि आयुर्वेद के सह-संस्थापक और प्रबंध निदेशक आचार्य बालकृष्ण समेत कई अन्य लोग मौजूद रहे.
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बताते चलें कि ऐसे में BRICS सम्मेलन के मंच से पेजेश्कियान के बयान ने भारत में बदलते वैश्विक समीकरणों को लेकर चर्चा तेज कर दी है. अब निगाहें पीएम मोदी, पुतिन, शी जिनपिंग और पेजेश्कियान की मुलाकात पर हैं, जहां दुनिया की नजरें एक अहम कूटनीतिक तस्वीर पर टिकी रहेंगी.