जिस पर देशकरता है भरोसा
Advertisement

पहले ही नष्ट कर दिया था...काम नहीं आई पाकिस्तान की घटिया हरकत, भारत ने कर दिया साफ, नहीं बहाल होगी सिंधु संधि

भारत ने पाकिस्तान को साफ कर दिया है कि सिंधु जल समझौता बहाल नहीं होगा. अमेरिका में भारतीय राजदूत ने दो टूक बोल दिया कि पाकिस्तान ने आतंकी ढांचे को नहीं, सिंधु संधि की गुडविल को खत्म किया, जो पाकिस्तानी हरकतों के कारण पहले ही नष्ट हो गया था.

Author
02 Aug 2026
( Updated: 02 Aug 2026
05:57 PM )
पहले ही नष्ट कर दिया था...काम नहीं आई पाकिस्तान की घटिया हरकत, भारत ने कर दिया साफ, नहीं बहाल होगी सिंधु संधि
Image Source-IANS
Advertisement

अमेरिका में भारत के राजदूत विनय मोहन क्वात्रा ने कहा कि सिंधु जल संधि 1960 में सद्भावना और दोस्ती के साथ हुई थी. लेकिन पाकिस्तान ने 50 साल में इसे बर्बाद कर दिया. अब संधि को रद्द करना सिर्फ उसी बात को औपचारिक रूप देना है जिसे पाकिस्तान के रवैये ने पहले ही खत्म कर दिया था. 

सिंधु जल संधि 1960 में भारत और पाकिस्तान के बीच हुई थी, जिसका संबंध सिंधु नदी प्रणाली के पानी के इस्तेमाल से था. इस संधि के तहत भारत को तीन पूर्वी नदियों पर नियंत्रण मिला, जिनमें बेसिन के कुल पानी का लगभग 20 फीसदी हिस्सा है.

वहीं, पाकिस्तान को तीन पश्चिमी नदियों का पानी मिला, जिनमें लगभग 80 फीसदी पानी का हिस्सा है. भारतीय राजदूत विनय क्वात्रा ने न्यूजवीक में लिखे एक लेख में कहा, "इस असमानता की वजह से दशकों तक भारत के उन क्षेत्रों का विकास रुक गया, जिन्हें बेहतर जल अधिकारों से फायदा हो सकता था. इसके बावजूद भारत ने संधि का ईमानदारी से पालन किया."

Advertisement

सिंधु समझौते पर भारत ने साफ कर दिया अपना रुख

हालांकि, पिछले साल हुए पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने एक संप्रभु राष्ट्र के रूप में अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत अपने अधिकारों का प्रयोग किया और सिंधु जल संधि को निलंबित कर दिया. यह निलंबन तब तक जारी रहेगा जब तक पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद के समर्थन को विश्वसनीय और अपरिवर्तनीय रूप से नहीं त्याग देता.

भारतीय राजदूत ने कहा कि भारत के प्रति पाकिस्तान का रवैया युद्धों, दुश्मनी और सीमा पार से आतंकवादी हमलों से पहचाना गया है, जिसमें भारतीय संसद, मुंबई आतंकवादी हमला, उरी और पठानकोट हमले और पहलगाम हमला शामिल हैं. क्वात्रा के अनुसार, पाकिस्तान के आतंकवादी अभियान के कारण भारत में 40,000 से ज्यादा लोग मारे गए हैं.

Advertisement

क्वात्रा के अनुसार, भारत के शुरू किए गए प्रोजेक्ट्स में पाकिस्तान का तरीका रुकावट डालना और ब्यूरोक्रेटिक देरी करना था. 2012 में तुलबुल नेविगेशन प्रोजेक्ट पर हुए आतंकवादी हमले समेत भारतीय प्रोजेक्ट साइट्स को बार-बार निशाना बनाने की वजह से भारत ट्रीटी के तहत अपने अधिकारों का इस्तेमाल नहीं कर पाया.

क्वात्रा ने कहा कि पाकिस्तान ने टेक्नोलॉजी में बदलाव को देखते हुए ट्रीटी पर फिर से बातचीत करने की भारत की कोशिशों का विरोध किया, जिससे भारत अपनी हाइड्रोपावर क्षमता बना पाता.

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने भारत का यह विश्वास खत्म कर दिया कि वह संधि के तहत अपने अधिकारों का प्रयोग कर सकेगा या दुनिया की मौजूदा वास्तविकताओं को देखते हुए बेहतर संधि की उम्मीद कर सकेगा. उन्होंने यह भी बताया कि पाकिस्तान अपनी सरकार की कुप्रबंधन के कारण पानी की कमी से जूझ रहा है.

Advertisement

पाकिस्तान की हरकतों के कारण पहले ही खत्म हो गई थी संधि!

इस लेख में उन्होंने कहा, "यह याद रखना जरूरी है कि संधि की प्रस्तावना में कहा गया है कि यह 'सद्भावना और मित्रता की भावना से' की गई थी. पाकिस्तान ने आधे सदी में उस सद्भावना और मित्रता को खत्म कर दिया. संधि का निलंबन केवल उसी हकीकत को स्वीकार करना है जिसे पाकिस्तान के आचरण ने पहले ही नष्ट कर दिया था."

भारत और पाकिस्तान द्वारा बातचीत फिर से शुरू करने के आह्वान पर प्रतिक्रिया देते हुए, भारतीय राजदूत क्वात्रा ने कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज स्पष्ट रूप से भारत का रुख रखा है: 'आतंकवाद और बातचीत एक साथ नहीं चल सकते, आतंक और व्यापार एक साथ नहीं चल सकते, पानी और खून एक साथ नहीं बह सकते.' पाकिस्तान की आक्रामक बयानबाजी, भारत को 'जल आक्रमणकारी' के रूप में पेश करना, इस सच्चाई को उजागर करता है कि पाकिस्तानियों को आज जिस पानी की कमी का सामना करना पड़ रहा है, वह उनकी अपनी सरकार के कुप्रबंधन का परिणाम है." क्वात्रा ने पाकिस्तान सरकार से कहा कि वह भारत पर आरोप लगाने और धमकियां देने के लिए कॉन्फ्रेंस करने के बजाय अपनी खराब पानी की प्रोडक्टिविटी को ठीक करे.

Advertisement

यह भी पढ़ें

उन्होंने कहा, "हर घरेलू नाकामी का ठीकरा अपने पड़ोसी पर फोड़ने की आदत पुरानी हो गई है. दुनिया को यह बात साफ-साफ कहनी चाहिए और अगर पाकिस्तान सच में द्विपक्षीय मामलों पर भारत का साथ चाहता है, तो उसे सबसे पहले अपने बनाए हुए आतंकी ढांचे को खत्म करना होगा."

Tags

Advertisement
टिप्पणियाँ 0
G
Guest (अतिथि)
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
शॉर्ट्स
वेब स्टोरीज़
होम वीडियो खोजें