सत्य निकेतन हादसे के बाद दिल्ली में MCD बड़ा एक्शन, 17 इमारतें ढहाईं और 5 सील; 52 PG भी मिले खस्ताहाल
देश की राजधानी दिल्ली के सत्य निकेतन हादसे के बाद दिल्ली नगर निगम ने कार्रवाई तेज करते हुए 17 जर्जर इमारतें ढहाईं और 5 संपत्तियां सील कीं. हादसे के पास की एक इमारत से छात्राओं का सामान भी बाहर निकलवाया गया. निगम का कहना है कि अब कोई अप्रिय घटना ना हो इसको ध्यान में रखते हुए कार्रवाई की जा रही है.
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दिल्ली के सत्य निकेतन में इमारत गिरने की दर्दनाक घटना के बाद अब दिल्ली नगर निगम ने राजधानी में जर्जर और अवैध भवनों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है. मंगलवार को निगम की टीमों ने अलग-अलग इलाकों में 17 इमारतों को ध्वस्त किया, जबकि पांच संपत्तियों को सील कर दिया गया. इसके साथ ही अनधिकृत निर्माण को लेकर नौ भवन मालिकों को कारण बताओ नोटिस और 15 संपत्तियों के खिलाफ ध्वस्तीकरण आदेश जारी किए गए हैं.
दरअसल, निगम की इस कार्रवाई का असर दिल्ली के कई इलाकों में दिखाई दिया. हिंदुस्तान की एक रिपोर्ट के मुताबिक, सत्य निकेतन में हादसे वाली जगह के आसपास एक जर्जर इमारत को भी सील किया गया. यहां रहने वाली छात्राओं का सामान निगम की टीम ने बाहर निकलवाया. अधिकारियों के मुताबिक, भवन की स्थिति को देखते हुए वहां रहना सुरक्षित नहीं था.
कई इलाकों में पहुंची निगम की टीम
सिर्फ सत्य निकेतन ही नहीं, सैदुलाजाब में भी अवैध निर्माण और खस्ताहाल भवनों के खिलाफ कार्रवाई की गई. इसके अलावा लक्ष्मी नगर, विश्वास नगर, मुखर्जी नगर, जामिया नगर, शाहीन बाग, तिलक नगर, करमपुरा, करोलबाग, रमेश नगर, मानसरोवर गार्डन, चांदनी चौक और नेहरू विहार समेत कई इलाकों में निगम ने जांच और कार्रवाई की. निगम के मुताबिक, हाईकोर्ट के निर्देश के बाद दिल्ली के 12 जोन में सर्वे किया जा रहा है. खासतौर पर स्कूल, कॉलेज और दूसरे शैक्षणिक संस्थानों के आसपास मौजूद भवनों की स्थिति पर नजर रखी जा रही है. पिछले दो दिनों में ही 48 अवैध या जर्जर इमारतों को गिराने और 15 संपत्तियों को सील करने की कार्रवाई किए जाने का दावा निगम ने किया है.
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52 PG मिले खस्ताहाल
सर्वे के दौरान दिल्ली में 52 पेइंग गेस्ट यानी PG भी ऐसी स्थिति में मिले, जिन्हें मरम्मत की जरूरत है. निगम ने इनके मालिकों को जरूरी सुधार कराने के निर्देश दिए हैं. इस सर्वे का उद्देश्य उन इमारतों की पहचान करना है, जहां रहने वाले लोगों के लिए खतरा पैदा हो सकता है. निगम ने सभी जोनल उपायुक्तों को निर्देश दिया है कि वे अपने इलाकों में जर्जर भवनों को जोखिम के हिसाब से अलग-अलग श्रेणियों में रखें. जिन इमारतों से तत्काल खतरा है, वहां जरूरत के मुताबिक सीलिंग या ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी.
तीन साल से झुकी इमारत पर अब चला बुलडोजर
नेहरू विहार में एक ऐसा मकान भी निगम की कार्रवाई के दायरे में आया, जो करीब तीन साल से झुका हुआ था. वर्ष 2023 में इसके खिलाफ ध्वस्तीकरण आदेश जारी किया गया था. मकान खाली भी हो चुका था, लेकिन कार्रवाई आगे नहीं बढ़ी. मंगलवार को निगम ने आखिरकार इसे तोड़ने की प्रक्रिया शुरू कर दी.
चिराग दिल्ली में PG खाली
चिराग दिल्ली में एक PG की दीवारों में बड़ी दरारें मिलने के बाद करीब 50 छात्रों ने भवन खाली कर दिया. इनमें शहीद भगत सिंह कॉलेज और दिल्ली विश्वविद्यालय के कॉलेज ऑफ वोकेशनल स्टडीज के छात्र शामिल हैं. सुरक्षा को देखते हुए छात्रों के लिए शहीद भगत सिंह कॉलेज में अस्थायी ठहरने की व्यवस्था की गई है.
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बताते चलें कि सत्य निकेतन की घटना के बाद जिस तरह दिल्ली में जर्जर इमारतों की जांच तेज हुई है, उससे एक सवाल भी उठ रहा है कि क्या ऐसी कार्रवाई हादसे के बाद ही होती है. फिलहाल निगम का फोकस खतरनाक भवनों की पहचान कर समय रहते कार्रवाई करने पर है, ताकि आने वाले दिनों में कोई अप्रिय घटना ना हो सके.