जिस पर देशकरता है भरोसा
Advertisement

मराठा आरक्षण पर CM फडणवीस का बड़ा बयान, बोले- संवैधानिक दायरे में ही मिलेगा आरक्षण

मनोज जरांगे पाटिल के चल रहे विरोध और मांगों के बारे में पूछे गए सवालों का जवाब देते हुए सीएम फडणवीस ने कहा कि बातचीत के लिए दरवाजे हमेशा खुले हैं. अगर सरकार के फैसलों को लेकर कोई शक, कमी या गलतफहमी है तो राज्य सरकार बैठकर उन्हें साफ करने और सुलझाने के लिए तैयार है.

Author
08 Sep 2026
( Updated: 08 Sep 2026
05:01 PM )
मराठा आरक्षण पर CM फडणवीस का बड़ा बयान, बोले- संवैधानिक दायरे में ही मिलेगा आरक्षण
Image Credit: File photo
Advertisement

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंगलवार को मराठा आरक्षण के चल रहे मुद्दे और एक्टिविस्ट मनोज जरांगे पाटिल की नई मांगों पर प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने मराठा समुदाय के फायदे और कल्याण के लिए बड़े फैसले किए हैं और आगे भी लेती रहेगी. 

संवैधानिक दायरे में होना चाहिए आरक्षण

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि समुदाय को सिर्फ कागजी वादों के बजाय सरकार के पिछले फैसलों से असल फायदे मिले हैं.

वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (डब्ल्यूडीएफसी) के जेएनपीटी-नया उमरगाम हिस्से के उद्घाटन के बाद पत्रकारों से बात करते हुए सीएम फडणवीस ने फिर कहा कि मराठा समुदाय को दिया जाने वाला कोई भी आरक्षण संवैधानिक दायरे में होना चाहिए और उसे कानूनी जांच में खरा उतरना चाहिए. उन्होंने कानूनी दायरे से बाहर के ऐसे समाधानों के खिलाफ चेतावनी दी जो शायद कोर्ट की समीक्षा में टिक न पाएं.

Advertisement

OBC कोटे को लेकर फडणवीस ने दिया भरोसा

उन्होंने सरकार का यह रुख दोहराया कि मराठों को आरक्षण का फायदा देने से दूसरे समूहों को कोई नुकसान नहीं होगा. उन्होंने कहा कि हम किसी और का हक छीनकर किसी और को नहीं देंगे. उन्होंने भरोसा दिलाया कि ओबीसी कोटा सुरक्षित रहेगा.

जरांगे पाटिल की मांगों पर बातचीत के लिए तैयार सरकार

मनोज जरांगे पाटिल के चल रहे विरोध और मांगों के बारे में पूछे गए सवालों का जवाब देते हुए सीएम फडणवीस ने कहा कि बातचीत के लिए दरवाजे हमेशा खुले हैं. अगर सरकार के फैसलों को लेकर कोई शक, कमी या गलतफहमी है तो राज्य सरकार बैठकर उन्हें साफ करने और सुलझाने के लिए तैयार है.

Advertisement

इस बीच मराठा आरक्षण के लिए जरांगे पाटिल की भूख हड़ताल जारी है और उनकी तबीयत बिगड़ गई है. मंत्रियों उदय सामंत और प्रसाद लाड से फोन पर बातचीत के बाद, वे फोर फ्लूइड (सलाइन) लेने को तैयार हो गए, हालांकि वे अपनी सभी मांगें पूरी होने तक उपवास खत्म न करने के अपने रुख पर अड़े हुए हैं.

Ganeshotsav 2026: CM फडणवीस के सख्त निर्देश, प्रसाद की शुद्धता से लेकर लाउडस्पीकर और बिजली सुरक्षा तक पर जोर

सुधीर मुनगंटीवार बोले- समाधान में लग सकता है समय

Advertisement

इस माहौल में बात करते हुए पूर्व मंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता सुधीर मुनगंटीवार ने मंगलवार को कहा कि बड़े मुद्दों को सुलझाने में अक्सर समय लगता है. उन्होंने याद दिलाया कि मराठा आरक्षण का मुद्दा पिछले मुख्यमंत्रियों के कार्यकाल में भी अनसुलझा ही रहा था.

उन्होंने कहा कि मौजूदा मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और सुनेत्रा पवार, सभी इस मामले को लेकर सकारात्मक हैं और समाधान खोजने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं.

संवैधानिक संशोधन को बताया स्थायी समाधान का रास्ता

मुनगंटीवार ने कहा कि आरक्षण के मुद्दे को स्थायी रूप से सुलझाने का आखिरी रास्ता संसद में संवैधानिक दायरे के भीतर एक संवैधानिक संशोधन पारित करना है.

Advertisement

यह भी पढ़ें

उन्होंने कहा कि इस कदम से किसी अन्य समुदाय के मौजूदा कोटे पर बुरा असर डाले बिना मराठा और धनगर समुदायों के लिए आरक्षण का रास्ता साफ हो जाएगा. इसके लिए उन्होंने जोर दिया कि सभी राजनीतिक दलों के सांसदों को दिल्ली में एकजुट होना चाहिए और प्रधानमंत्री के साथ चर्चा करनी चाहिए.

Tags

Advertisement
टिप्पणियाँ 0
G
Guest (अतिथि)
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
अधिक
Advertisement
Advertisement
शॉर्ट्स
वेब स्टोरीज़
होम वीडियो खोजें