राहत बचाव कार्य में तेजी, संवेदनशील क्षेत्रों में एहतियात...वाराणसी में CM योगी ने किया बाढ़ का हवाई सर्वेण, दिए दिशा निर्देश
CM योगी आदित्यनाथ ने वाराणसी के वरुणा नदी के बाढ़ का हवाई सर्वेक्षण किया और राहत और बचाव सहित दूसरे संवेदनशील इलाकों में एहतियाती कदम उठाने के भी दिशा-निर्देश दिए.
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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को वाराणसी के वरुणा नदी के बाढ़ का हवाई सर्वेक्षण किया और मौजूदा स्थिति का जायजा लिया. इतना ही नहीं उन्होंने शहर में आई बाढ़ से प्रभावित लोगों को दी जा रही राहत और सहायता की भी समीक्षा की.
जानकारी के अनुसार सीएम योगी शाम को वाराणसी में बाढ़ पीड़ित परिवारों से भी मिले. इस दौरान उन्होंने अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक भी की. इस दौरान उनके साथ मंडल आयुक्त एस राजलिंगम और डीएम सत्येंद्र झा भी मौजूद रहे. हवाई सर्वेक्षण के दौरान सीएम ने आवश्यक दिशा निर्देश भी वाराणसी के अधिकारियों दिए.
इससे पहले गुरुवार को वाराणसी में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महापौर अशोक तिवारी और जिला मजिस्ट्रेट सत्येंद्र कुमार से शहर की स्थिति का जायजा लेने और बढ़ते जलस्तर से निपटने के लिए चल रही उपायों की समीक्षा करने के लिए बात की.
CM योगी आदित्यनाथ ने वाराणसी के वरुणा नदी के बाढ़ का किया हवाई सर्वेक्षण, दिए राहत और बचाव सहित दूसरे संवेदनशील इलाकों में एहतियाती कदम उठाने के दिशा-निर्देश.#CMYogi #VaranasiFlood | @myogiadityanath pic.twitter.com/u3gFRPnJsf
— NMF NEWS (@NMFNewsNational) September 5, 2026
बातचीत के दौरान, प्रधानमंत्री को बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए जिला प्रशासन द्वारा किए जा रहे राहत और बचाव उपायों के बारे में जानकारी दी गई. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बढ़ते जलस्तर और शहर के कई हिस्सों में व्यवधान के कारण लोगों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो. प्रधानमंत्री मोदी वाराणसी निर्वाचन क्षेत्र से लोकसभा सांसद हैं और शहर में हो रहे घटनाक्रमों के संबंध में स्थानीय प्रशासन के साथ उनका संपर्क बना हुआ है.
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उन्होंने राहत शिविरों में लोगों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की भी समीक्षा की और निर्देश दिया कि बाढ़ प्रभावित व्यक्तियों को सभी आवश्यक सुविधाएं तत्काल उपलब्ध कराई जाएं.
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अतिरिक्त राहत सामग्री की आवश्यकता होने पर तत्काल व्यवस्था करने के निर्देश जारी किए गए थे. बाढ़ की स्थिति और राहत कार्यों की लगातार निगरानी करते हुए युद्धस्तर पर राहत प्रदान करने के निर्देश दिए गए थे.