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बाढ़ के बीच योगी सरकार का अलर्ट सिस्टम कैसे बना जीवन रक्षक? बची लाखों लोगों की जान, ये प्लानिंग आई काम

अलर्ट और राहत-बचाव व्यवस्था के जरिए बाढ़ की स्थिति में अब तक 3.52 लाख से ज्यादा लोगों तक मदद पहुंचाई गई. योगी सरकार के तंत्र ने ऐसा सिस्टम बनाया कि समय पर लोगों तक अलर्ट पहुंचा.

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04 Sep 2026
( Updated: 04 Sep 2026
07:30 PM )
बाढ़ के बीच योगी सरकार का अलर्ट सिस्टम कैसे बना जीवन रक्षक? बची लाखों लोगों की जान, ये प्लानिंग आई काम
Image Source- NMF Input
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उत्तर प्रदेश में भारी बारिश, आंधी-तूफान, वज्रपात और बाढ़ के बीच योगी सरकार का मजबूत चेतावनी और राहत-बचाव तंत्र लोगों के लिए जीवनरक्षक साबित हुआ है. राहत आयुक्त कार्यालय की ओर से बड़े पैमाने पर भेजे गए 591 करोड़ से ज्यादा अलर्ट मैसेज ने लाखों लोगों को समय रहते मौसम और बाढ़ के संभावित खतरे से सतर्क किया.

समय पर मिली चेतावनी, स्थानीय प्रशासन की तत्परता और आमजन की सजगता का नतीजा रहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में अब तक एक भी जनहानि नहीं हुई है. 

करोड़ों संदेशों से समय रहते मिली चेतावनी

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प्रदेश में लोगों को भारी बारिश, आंधी-तूफान, वज्रपात और बाढ़ से बचाव के लिए मोबाइल संदेशों के माध्यम से लगातार अलर्ट भेजे गए. जुलाई में 306 करोड़ और अगस्त में 285 करोड़ यानी कुल 591 करोड़ अलर्ट मैसेज प्रसारित किए गए. इसके अलावा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से एक करोड़ से ज्यादा लोगों तक मौसम संबंधी सूचनाएं और चेतावनियां पहुंचाई गईं. 

इस व्यापक सूचना तंत्र ने लोगों को समय रहते सावधान होने, सुरक्षित स्थानों पर जाने और जरूरी सुरक्षा उपाय अपनाने में मदद की. 

चेतावनी मिलते ही खुद सुरक्षित हुए लोग

अलर्ट सिस्टम की सबसे बड़ी उपलब्धि यह रही कि मौसम और नदियों के जलस्तर से जुड़ी सूचनाएं लोगों तक समय पर पहुंचीं. इससे प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोग संभावित खतरे को समझकर खुद भी सुरक्षित स्थानों की ओर जाने में सक्षम हुए.  स्थानीय प्रशासन ने भी इन चेतावनियों के आधार पर लगातार लोगों को जागरूक किया. इस तरह तकनीक, प्रशासनिक सतर्कता और आमजन की सजगता ने मिलकर जनसुरक्षा को मजबूत किया. 

3.52 लाख से ज्यादा लोगों तक पहुंची मदद

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अलर्ट और राहत-बचाव व्यवस्था के जरिए बाढ़ की स्थिति में अब तक 3.52 लाख से अधिक लोगों तक मदद पहुंचाई गई. वहीं राहत एवं बचाव अभियानों के दौरान समय रहते 17.54 हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया. 

यह भी पढ़ें- ‘लाल वाले खुद तिलचट्टों से मदद मांग रहे हैं’, ओपी राजभर का अखिलेश पर तीखा तंज, क्यों किया मुलायम और शिवपाल का जिक्र

1070 हेल्पलाइन से तत्काल राहत

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राहत आयुक्त कार्यालय की 1070 हेल्पलाइन भी संकट के समय लोगों के लिए महत्वपूर्ण सहारा बनी. सूचना मिलते ही संबंधित जिला प्रशासन को जानकारी उपलब्ध कराई गई और जरूरत के अनुसार राहत और बचाव दलों को मौके पर भेजा गया. चित्रकूट, प्रयागराज और मिर्जापुर समेत अन्य प्रभावित जिलों में बाढ़ में फंसे लोगों की लोकेशन प्राप्त कर बचाव दलों तक पहुंचाई गई, जिसके बाद नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकालने की कार्रवाई की गई. यही प्रयास बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में अब तक शून्य जनहानि सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण साबित हुआ है. 

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