CM योगी ने पुलिस लाइन में मनाई जन्माष्टमी, बोले- आक्रांता मंदिर तोड़ सकते हैं, लेकिन हमारी आस्था नहीं
सीएम योगी ने कहा कि आक्रांता मंदिर तोड़ सकते हैं, लेकिन भारतीयों की आस्था नहीं. उन्होंने कहा कि सोमनाथ, अयोध्या और काशी के मंदिरों के बार-बार टूटने के बावजूद सनातन आस्था कायम रही. भारत को मिटाने की कोशिश करने वाले इतिहास में मिट गए, जबकि देश अपनी शाश्वत यात्रा पर आगे बढ़ रहा है.
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Janmashtami 2026: श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आक्रांता मंदिर तोड़ सकता है, लेकिन आस्था नहीं. वे मूर्तियां तोड़ सकते हैं, मंदिरों के ऊपर अपनी इमारत खड़ी कर सकते हैं, लेकिन वे हमारे मन में बसे श्रीराम-श्रीकृष्ण को कभी छू नहीं पाए. सोमनाथ मंदिर बार-बार टूटा, लेकिन भारत ने उसे बार-बार बनाया. अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि पर भगवान राम का मंदिर बार-बार टूटा, लेकिन आज यह अपनी अजेय पताका के साथ खड़ा है. काशी में बाबा विश्वनाथ का मंदिर भी बार-बार टूटा, लेकिन पहले लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर और आधुनिक भारत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने काशी विश्वनाथ धाम के रूप में इसे भव्य स्वरूप दिया.
भारत को मिटाने की कोशिश करने वाले इतिहास में मिट गए
पुलिस लाइन लखनऊ में आयोजित श्रीकृष्ण जन्माष्टमी समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन लोगों ने भारत को मिटाने और उसकी आस्था को नष्ट करने का प्रयास किया, वे स्वयं इतिहास के पन्नों में मिट गए. आज कोई उन्हें पूछने वाला नहीं. इसके विपरीत भारत आज भी जाग्रत है और अपनी शाश्वत यात्रा को लेकर आगे बढ़ रहा है. आज का यह आयोजन हम सभी को योगेश्वर श्रीकृष्ण के उस शाश्वत संदेश के साथ जोड़ता है, जो पिछले 5000 वर्षों से अधिक समय से सम और विषम परिस्थितियों में इस समाज का मार्गदर्शन कर रहा है.
जिन लोगों ने हमें मिटाने का प्रयास किया, हमारी आस्था को नष्ट करने का प्रयास किया, वे स्वयं इतिहास के पन्नों से मिट गए... pic.twitter.com/pxQAaZEoaM
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) September 4, 2026Advertisement
अंधकार में जन्म लेकर श्रीकृष्ण ने दिखाया प्रकाश का मार्ग
सीएम ने कहा कि श्रीकृष्ण का जन्म जेल की काल कोठरी में होता है. जन्म अंधकार में होता है, लेकिन जीवन भर श्रीकृष्ण ने उन परिस्थितियों को परास्त करते हुए समाज को प्रकाश का मार्ग दिखाया. धर्म, सत्य और न्याय की स्थापना के लिए प्रभु का अवतरण हुआ. यह धर्म कुछ और नहीं, बल्कि वही कर्तव्य है, जिसका पालन करते हुए श्रीकृष्ण को हमने कंस के विरुद्ध और महाभारत के युद्ध में भी देखा है. जीवन में जब भ्रम हो, संशय हो, तब कर्म की प्रेरणा प्रदान करने वाला श्रीकृष्ण का संदेश हम सभी को श्रीमद्भगवद्गीता के माध्यम से प्राप्त होता है, हर सनातनी और हर भारतवासी बड़ी श्रद्धा के साथ उनका स्मरण करता है.
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मथुरा-वृंदावन में उमड़ा लाखों श्रद्धालुओं का जनसैलाब
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सौभाग्य रहा कि मैं कल से आज दोपहर तक वृंदावन और मथुरा में ही था. वहां लाखों की संख्या में उमड़ा जनसैलाब था। लोगों को न बरसात की चिंता थी, न गर्मी की, न सुविधा की और न ही किसी प्रकार का कोई संकोच. सभी के मन में एक ही भाव और एक ही भंगिमा थी कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि में दर्शन करना है. मथुरा, वृंदावन, बरसाना, गोकुल, गोवर्धन, बलदेव और नंदगांव, इन सभी क्षेत्रों में आज भी श्रीकृष्ण की वे स्मृतियां लोगों के मन में बसी हुई हैं. वहां लोग अनावश्यक रूप से पहाड़ों का खनन नहीं करते, पेड़ों की टहनियां नहीं तोड़ते और प्रकृति को नुकसान नहीं पहुंचाते.
गोवर्धन पूजा से प्रकृति और अन्नदाताओं के सम्मान का संदेश
सीएम ने कहा कि इंद्र अपनी पूजा कराना चाहते थे. श्रीकृष्ण ने कहा कि नहीं, जो हमारे अन्नदाता किसानों को और हमारे पशुपालकों को संरक्षण देता है, हमें उसकी पूजा करनी चाहिए. इसीलिए आज भी हम लोग पिछले 5000 वर्षों से गोवर्धन की पूजा कर रहे हैं. श्रद्धालु गोवर्धन की परिक्रमा करते हैं और लाखों की संख्या में वहां पहुंचते हैं. यह भाव हमें दिखाता है कि आक्रांता मंदिर तोड़ सकता है, लेकिन हमारी आस्था नहीं.
प्रतिस्पर्धा सकारात्मक होनी चाहिए
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि श्रीकृष्ण का संदेश हम सबके लिए एक ही है कि कर्म क्षेत्र में अपने आप को पहचानो. आज प्रत्येक क्षेत्र में एक नई प्रतिस्पर्धा है. एक नए भाव के साथ पूरा देश आगे बढ़ने के लिए उत्सुक दिखाई देता है, लेकिन यह प्रतिस्पर्धा सकारात्मक होनी चाहिए. जिन लोगों ने आस्था को नष्ट करने का प्रयास किया था, उनका भाव नकारात्मक था, इसलिए वे स्वयं नष्ट हो गए. जिन लोगों ने भारत के भाव और भंगिमा को नष्ट करने का प्रयास किया था, वे इतिहास में नाम शेष हो गए.
हर व्यक्ति अपने कर्तव्यों का ईमानदारीपूर्वक निर्वहन करे
सीएम योगी ने कहा कि यह यात्रा केवल सरकार को नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतवासियों को मिलकर तय करनी है. विकसित भारत की संकल्पना तब पूरी होगी, जब सकारात्मक भाव के साथ हर व्यक्ति अपने-अपने कर्तव्यों का ईमानदारीपूर्वक निर्वहन करे. हर व्यक्ति कर्म क्षेत्र में श्रेष्ठ करने की दिशा में अग्रसर होगा तो निश्चित रूप से भारत विकसित भारत होगा और उत्तर प्रदेश विकसित उत्तर प्रदेश होगा.
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बताते चलें कि कार्यक्रम में जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह, ऊर्जा राज्य मंत्री कैलाश राजपूत, पूर्व डिप्टी सीएम डॉ. दिनेश शर्मा, पूर्व मंत्री डॉ. महेंद्र सिंह, लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल, विधायक नीरज बोरा, जय देवी, अमरेश कुमार और ओपी श्रीवास्तव, मुख्य सचिव एसपी गोयल, पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण, अपर मुख्य सचिव गृह संजय प्रसाद समेत गणमान्य अतिथि मौजूद रहे.