योगी का बड़ा ऐलान: आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को अब 12 हजार मानदेय, परिवार को 5 लाख तक कैशलेस इलाज
मुख्यमंत्री योगी ने बताया कि प्रदेश की 2.91 लाख आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं के लिए साड़ी की धनराशि जारी कर दी गई है. अब तक उन्हें दो साड़ियां मिलती थीं. अब एक अतिरिक्त साड़ी के लिए 500 रुपये और दिए जाएंगे. इस पर प्रदेश सरकार करीब 20 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भार वहन करेगी. उन्होंने बताया कि पहले चरण में 1.28 लाख स्मार्टफोन भी उपलब्ध कराए गए हैं. इससे योजनाओं का डाटा रियल टाइम में दर्ज किया जा सकेगा और आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का काम भी आसान होगा.
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प्रदेश की 2.91 लाख आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को बड़ी सौगात दी. आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का मानदेय आठ हजार से बढ़ाकर 12 हजार रुपये और सहायिकाओं का चार हजार से बढ़ाकर छह हजार रुपये प्रतिमाह किया जाएगा. इसके साथ ही कार्यकत्रियों और सहायिकाओं के परिवारों को हर वर्ष पांच लाख रुपये तक कैशलेस इलाज की सुविधा मिलेगी. अब उन्हें दो के बजाय तीन साड़ियां मिलेंगी. स्मार्टफोन और रियल टाइम डाटा के इस्तेमाल से आंगनबाड़ी केंद्रों को स्मार्ट बनाने की भी घोषणा की गई.
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आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को मिलीं चार बड़ी सौगातें
मुख्यमंत्री योगी अयोध्या धाम में आईसीडीएस के तहत आयोजित आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों एवं सहायिकाओं के सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे. अयोध्या में करीब 12 हजार आंगनबाड़ी कार्यकत्री और सहायिकाएं मौजूद रहीं, जबकि सभी 75 जिलों में आयोजित कार्यक्रमों से मंत्री, सांसद, विधायक और आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां व सहायिकाएं जुड़ीं. बुधवार से शुरू हो रहे पोषण माह से पहले मुख्यमंत्री योगी ने मानदेय, कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा, अतिरिक्त साड़ी और स्मार्टफोन की चार प्रमुख सौगातें दीं.
2017 के बाद लगातार बढ़ाया गया मानदेय
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि 2017 में सरकार बनने के समय आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को महज तीन हजार रुपये मानदेय मिलता था. सरकार ने इसे परफॉर्मेंस आधारित व्यवस्था से जोड़ते हुए आठ हजार रुपये किया. अब इसे बढ़ाकर 12 हजार रुपये किया जाएगा. सहायिकाओं का मानदेय भी 1,500 रुपये से पहले चार हजार और अब छह हजार रुपये किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं ने कोरोना जैसी सदी की सबसे बड़ी महामारी के दौरान एएनएम और आशा कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. गांव-गांव स्क्रीनिंग से लेकर दस्तक अभियान और संक्रमित लोगों की सेवा तक वे अपनी जान जोखिम में डालकर जुटी रहीं.
परिवार को भी मिलेगा 5 लाख रुपये तक कैशलेस इलाज
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि सभी आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं के साथ उनके परिवार को हर वर्ष पांच लाख रुपये तक कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा मिलेगी. इसका लाभ इम्पैनल्ड अस्पतालों के साथ सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में लिया जा सकेगा. उन्होंने कहा कि हाल में प्रदेश के करीब 15 लाख शिक्षकों, शिक्षामित्रों और अनुदेशकों को पांच लाख रुपये की कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा दी गई है. लगातार मांग आ रही थी कि आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं को भी इससे जोड़ा जाए. अब सरकार यह सुविधा उन्हें भी देने जा रही है.
अब दो नहीं, तीन साड़ियां मिलेंगी
मुख्यमंत्री योगी ने बताया कि प्रदेश की 2.91 लाख आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं के लिए साड़ी की धनराशि जारी कर दी गई है. अब तक उन्हें दो साड़ियां मिलती थीं. अब एक अतिरिक्त साड़ी के लिए 500 रुपये और दिए जाएंगे. इस पर प्रदेश सरकार करीब 20 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भार वहन करेगी. उन्होंने बताया कि पहले चरण में 1.28 लाख स्मार्टफोन भी उपलब्ध कराए गए हैं. इससे योजनाओं का डाटा रियल टाइम में दर्ज किया जा सकेगा और आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का काम भी आसान होगा.
70 हजार से ज्यादा आंगनबाड़ी केंद्रों का कायाकल्प
मुख्यमंत्री योगी ने आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की भूमिका को बच्चों के भविष्य से जोड़ते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 2018 में इनकी भूमिका की तुलना माता यशोदा से की थी. मां के बाद छोटे बच्चों का पहला संवाद आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं से होता है. यही बचपन स्वस्थ होगा तो भारत स्वस्थ, समर्थ, आत्मनिर्भर और विकसित बनेगा. उन्होंने कहा कि पिछले नौ वर्षों में प्रदेश के 70 हजार से अधिक आंगनबाड़ी केंद्रों को व्यवस्थित स्वरूप दिया गया है. सरकार का लक्ष्य प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र को अपना भवन उपलब्ध कराना है. इसके लिए राज्य वित्त आयोग की धनराशि या अलग बजट से निर्माण कराया जाएगा.
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पूर्ववर्ती सरकारों पर हमला करते हुए मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि 2017 से पहले आंगनबाड़ी केंद्र जर्जर थे. बच्चे बैठने के लिए अपना टाट लेकर आते थे. पेयजल और जरूरी उपकरणों का अभाव था. केंद्र सरकार पैसा देती थी, लेकिन पोषाहार पर माफिया का शिकंजा था. उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में बच्चों का पोषाहार एक शराब माफिया संचालित करता था. सरकार और माफिया व्यवस्था को चौपट करते थे और बदनामी आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं को झेलनी पड़ती थी. अब पोषाहार को माफिया से मुक्त कर 204 स्थानों पर टेक होम राशन प्लांट महिला स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से संचालित किए जा रहे हैं.
अयोध्या के बदलाव को आंगनबाड़ी केंद्रों के कायाकल्प से जोड़ते हुए मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि दस वर्ष पहले यहां न पर्याप्त बिजली थी, न सड़कें और न सुविधाएं. आज अयोध्या में फोरलेन सड़कें, भव्य रेलवे स्टेशन और महर्षि वाल्मीकि के नाम पर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट है. रेलवे की सिंगल लाइन डबल हो चुकी है, राम की पैड़ी का कायाकल्प हुआ है और अयोध्या देश की सोलर सिटी बनी है.
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मुख्यमंत्री योगी ने सपा-कांग्रेस पर भी साधा निशाना
इसी बहाने मुख्यमंत्री योगी ने सपा और कांग्रेस को भी निशाने पर लिया. उन्होंने कहा कि दोनों दलों ने राम मंदिर का विरोध किया. सपा ने अयोध्या में सड़कों के चौड़ीकरण, रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट निर्माण तक का विरोध किया. मुख्यमंत्री ने कहा, “ये विरासत के भी विरोधी हैं और विकास के भी.” विरोध के बावजूद न राम मंदिर का अभियान रुका और न अयोध्या का विकास. आज रामलला भव्य मंदिर में विराजमान हैं और देश-दुनिया के लोग अयोध्या के बदलाव को देख रहे हैं.
समारोह में सैम और मैम श्रेणी से सामान्य पोषण स्थिति में आए बच्चों और उनके अभिभावकों, उत्कृष्ट कार्य करने वाले आंगनबाड़ी केंद्रों तथा एवरेस्ट बेस कैंप अभियान में शामिल बेटियों को सम्मानित किया गया. कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, महिला एवं बाल विकास मंत्री बेबी रानी मौर्य, राज्यमंत्री प्रतिभा शुक्ला समेत जनप्रतिनिधि और विभागीय अधिकारी मौजूद रहे.