कौन हैं विश्वेश नेगी? जिन्हें जंग के बीच मोदी सरकार ने तेहरान में दी बड़ी जिम्मेदारी
विश्वेश नेगी विभिन्न देशों में भारतीय दूतावासों में अहम जिम्मेदारी संभाल चुके हैं. 2022 में भारत सरकार के रक्षा विभाग में वे OSD के तौर पर भी जिम्मेदारी निभा चुके हैं.
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केंद्र सरकार ने विश्वेश नेगी (Vishwesh Negi ) को इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान का अगला राजदूत नियुक्त किया है. वर्तमान में वो विदेश मंत्रालय (MEA) में संयुक्त सचिव के रूप में कार्यरत हैं.
MEA ने एक बयान जारी कर इसकी जानकारी दी. साथ में बताया कि वो जल्द ही अपनी जिम्मेदारी संभालेंगे. विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान के अनुसार, ‘साल 2002 बैच के IFS अधिकारी विश्वेश नेगी वर्तमान में मंत्रालय में जॉइंट सेक्रेटरी के पद पर कार्यरत हैं. उन्हें ईरान में भारत का अगला राजदूत नियुक्त किया गया है.’
कौन हैं विश्वेश नेगी?
विश्वेश नेगी एक बेहद अनुभवी अधिकारी हैं, जिन्हें अंतर्राष्ट्रीय कूटनीति का लंबा अनुभव है. विदेश मंत्रालय से पहले वो रक्षा मंत्रालय में संयुक्त सचिव अंतर्राष्ट्रीय सहयोग के रूप में अहम भूमिका निभा चुके हैं. नेगी विभिन्न देशों में भारतीय दूतावासों में अहम जिम्मेदारी संभाल चुके हैं. विश्वेश नेगी 2022 में भारत सरकार के रक्षा विभाग में OSD के तौर पर भी जिम्मेदारी निभा चुके हैं.
उनकी नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब पश्चिम एशिया तनाव चरम पर है. भारत होर्मुज स्ट्रेट समेत कमर्शियल शिपिंग रूट्स और नाविकों की सुरक्षा को लेकर बार-बार ईरान से बात कर अपनी फिक्र जाहिर कर रहा है. संकट को सुलझाने के लिए भारत डिप्लोमेसी और डायलॉग पर जोर दे रहा है. इस बीच विश्वेश नेगी की नियुक्ति काफी अहम हो जाती है. उम्मीद है वे दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय समझौतों को और मजबूती देंगे.
नाविकों पर हमले को लेकर MEA ने की बात
इससे पहले विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बताया कि उन्होंने ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची के साथ फोन पर बात की थी. इस दौरान कहा था कि किसी भी हालत में कमर्शियल शिपिंग और नाविकों पर हमले को रोका जाना चाहिए. दोनों नेताओं ने इलाके में बदलते सिक्योरिटी हालात पर चर्चा की.
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सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट के जरिए जयशंकर ने बताया कि उन्होंने वेस्ट एशिया में चल रही दुश्मनी पर भारत की गहरी चिंता जताई. साथ ही डायलॉग और डिप्लोमेसी के लिए नई दिल्ली की प्रतिबद्धता दोहराई. जयशंकर ने कहा, ‘ईरान के विदेश मंत्री अराघची से टेली-बातचीत हुई. इसमें हमने इलाके में चल रही दुश्मनी पर अपनी गहरी चिंता जताई.’ उन्होंने जोर देते हुए कहा कि कमर्शियल शिपिंग और नाविकों पर किसी भी हाल में हमले से बचा जाए. भारत किसी भी पार्टी के ऐसे किसी भी हमले की निंदा करता है.
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