फुकेट-दिल्ली फ्लाइट टर्बुलेंस मामला: AIR INDIA का बड़ा फैसला, डेली होगा पायलटों का डोप टेस्ट
एअर इंडिया ने साफ किया कि यह परीक्षण सभी पायलटों के लिए अनिवार्य होगा. पायलटों का टेस्ट गुरुग्राम की अकादमी में ट्रेनिंग के दौरान होगा.
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फुकेट से दिल्ली आ रही एअर इंडिया की फ्लाइट संख्या AI2379 में हुए भारी टर्बुलेंस के बाद सरकार और विमान कंपनी बेहद सख्त रुक अख्तियार कर रही है. सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए एअर इंडिया ने फैसला लिया है कि अब सभी पायलटों का डेली ड्रग टेस्ट होगा.
विमान कंपनी ने इस फैसले को तुरंत प्रभाव से लागू भी कर दिया है. न्यूज एजेंसी IANS ने कंपनी की ओर से जारी किए लेटर के हवाले से लिखा, यह स्क्रीनिंग कार्यक्रम 13 अगस्त से लागू हो गया है और एयर इंडिया समूह के सभी पायलट इसके दायरे में आएंगे. कंपनी ने कहा है,
‘वर्षों से एअर इंडिया ने अपने पायलटों और कर्मचारियों की पेशेवर क्षमता, कौशल और सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता के दम पर अपनी पहचान बनाई है. ऐसे में यात्रियों का भरोसा बनाए रखना कंपनी की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है.’
यह फैसला हाल ही में फुकेट से दिल्ली आ रही एयर इंडिया की एक फ्लाइट में गंभीर टर्बुलेंस और अचानक ऊंचाई में गिरावट की घटना के बाद लिया गया है.
एअर इंडिया ने क्या बताया?
एअर इंडिया की ओर से कहा गया कि हाल के दिनों में कई पायलटों ने भी सुरक्षा और पेशेवर मानकों को लेकर अपनी चिंताओं और सुझावों को साझा किया है. एअर इंडिया ने दावा किया कि वह पहले से ही नागर विमान महानिदेशालय (DGCA) निर्धारित सभी नियमों का पालन करती है, जो यूरोप और अमेरिका जैसे प्रमुख विमानन बाजारों में अपनाई जाने वाली प्रक्रियाओं के अनुरूप हैं.
हालांकि एयरलाइन ने कहा कि उसने मौजूदा नियामकीय आवश्यकताओं से आगे बढ़कर अतिरिक्त कदम उठाने का फैसला किया है. इसी के तहत अब सभी पायलटों की व्यापक जांच की जाएगी, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वे किसी ऐसी दवा या पदार्थ का सेवन नहीं कर रहे हैं जो विमानन नियमों के तहत प्रतिबंधित है.
एअर इंडिया ने साफ किया कि यह परीक्षण सभी पायलटों के लिए अनिवार्य होगा. पायलटों का टेस्ट गुरुग्राम की अकादमी में ट्रेनिंग के दौरान होगा. इसके अलावा फ्लाइट के बाद ब्रीफिंग सेंटर, एयरलाइंस के ऑफिस और संबंधित बेस पर भी टेस्ट किए जाएंगे. एयरलाइन ने इस पहल को केवल नियामकीय अनुपालन तक सीमित नहीं बताया, बल्कि इसे सुरक्षा और पेशेवर उत्कृष्टता के उच्चतम मानकों को बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम कहा. कंपनी का मानना है कि इससे यात्रियों, निवेशकों और अन्य हितधारकों के बीच विश्वास और मजबूत होगा. एअर इंडिया ने पायलटों से यह भी कहा है कि अगर उन्हें इस स्क्रीनिंग कार्यक्रम से संबंधित किसी प्रकार की जानकारी या स्पष्टीकरण चाहिए, तो वे अपने चीफ पायलट या बेस मैनेजर से संपर्क कर सकते हैं.
टर्बुलेंस के बाद डोप टेस्ट में पॉजिटिव पाए गए पायलट
4 अगस्त को फुकेट से दिल्ली आ रहे एअर इंडिया के जिस विमान में टर्बुलेंस हुआ था. उसके कैप्टन का डोप टेस्ट करवाया गया जो कि पॉजिटिव आया था. उस दिन टर्बुलेंस के बाद प्लेन अचानक 300 फीट नीचे आ गया था. गनीमत रही कि बड़ा हादसा नहीं हुआ. हालांकि क्रू के सदस्यों को चोटें आई थी. फ्लाइट के पैसेंजर ने आरोप लगाया था कि पायलट नशे में था. जानकारी के मुताबिक, चालक दल में दो पायलट थे, दोनों का डोप टेस्ट किया गया. इनमें से एक डोप टेस्ट में पॉजिटिव पाए गए थे. इस मामले की जांच DGCA भी कर रहा है.
सरकार ने AIR INDIA को लगाई थी फटकार
रिपोर्ट्स के मुताबिक, पायलट का मारिजुआना टेस्ट पॉजिटिव पाया गया है. अब इस पूरे मामले को केंद्र सरकार ने गंभीरता से लिया है. केंद्र सरकार ने एअर इंडिया के अधिकारियों से जवाब मांगा है. नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने एयरलाइन के CEO को तलब कर सुरक्षा व्यवस्था और ऑपरेशनल निगरानी से जुड़े सवाल पूछे हैं. साथ ही DGCA को पायलटों के ड्रग और डोप टेस्ट से जुड़े नियमों को और मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं. सरकार ने साफ कर दिया है कि यात्रियों की सुरक्षा के मामले में किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नही की जाएगी.
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