अरुणाचल प्रदेश में सुरक्षाबलों पर बड़ा हमला, उग्रवादियों ने घात लगाकर की फायरिंग, असम राइफल्स का हवलदार शहीद, 4 घायल
हमला उस वक्त हुआ जब भारत-म्यांमार सीमा पर सुरक्षाबलों की टुकड़ी गश्त कर रही थी. इस दौरान भारी हथियारों से लैस संदिग्ध उग्रवादियों ने घात लगाकर हमला किया.
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अरुणाचल प्रदेश के चांगलांग जिले में सुरक्षाबलों पर उग्रवादी हमला हो गया. जिसमें एक जवान शहीद हो गया जबकि चार लोग घायल हो गए. हमला उस वक्त हुआ जब भारत-म्यांमार सीमा पर सुरक्षाबलों की टुकड़ी गश्त कर रही थी.
इस दौरान भारी हथियारों से लैस संदिग्ध उग्रवादियों ने घात लगाकर हमला किया. ईटानगर में एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि चांगलांग जिले में 21 असम राइफल्स की गश्ती टुकड़ी पर संदिग्ध उग्रवादियों ने हमला किया. इस जिले की सीमा म्यांमार से लगती है और यहां कोई बाड़ नहीं लगी है.
सीमा पर चल रहा था बाड़ेबंदी का काम
यह घटना नामपोंग सर्कल के नामपोंग नाला के पास हुई, जब असम राइफल्स के जवान उस इलाके में गश्त कर रहे थे, जहां सीमा पर बाड़ लगाने का काम चल रहा है. असम राइफल्स के मुताबिक, शहीद हवलदार की पहचान 42 वर्षीय जांगखोकाई कुकी के रूप में हुई है.
पुलिस अधिकारी ने शुरुआती रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया कि संदिग्ध उग्रवादियों ने पेट्रोलिंग टीम पर गोलीबारी की, जिसमें एनसीओ की मौके पर ही मौत हो गई और चार अन्य घायल हो गए.
घायल जवानों को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है और उनकी हालत के बारे में जानकारी का इंतजार है.
NSCN-K-YA गुट ने पर बढ़ा शक
इस घटना के बाद, इलाके में अतिरिक्त सुरक्षा बल भेजे गए और भाग रहे उग्रवादियों को पकड़ने के लिए बड़े पैमाने पर ऑपरेशन शुरू किया गया. ऐसी खबरें हैं कि हमले में एनएससीएन-के-वाईए से जुड़े उग्रवादी शामिल थे, लेकिन इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. घटना के बारे में और जानकारी का इंतजार है. चांगलांग जिले के पुलिस अधीक्षक किर्ली पाडु ने कहा कि उन्होंने चांगलांग पुलिस स्टेशन के इंचार्ज अधिकारी से घटना के बारे में और जानकारी जुटाने को कहा है.
इस जिले में भारत-म्यांमार सीमा संवेदनशील रही है. इस इलाके और अंतरराष्ट्रीय सीमा के पार कई प्रतिबंधित विद्रोही गुट सक्रिय हैं. असम राइफल्स के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल विकास लखेरा ने घटना की निंदा की और हवलदार की शहादत पर शोक व्यक्त किया.
पैरामिलिट्री फोर्स के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा गया, ‘असम राइफल्स के डायरेक्टर जनरल लेफ्टिनेंट जनरल विकास लखेरा (एवीएसएम, एसएम) और असम राइफल्स के सभी रैंक के जवान, हवलदार जांगखोकाई कुकी को श्रद्धांजलि देते हैं. उन्होंने 29 सितंबर 2026 को अरुणाचल प्रदेश के चांगलांग में ड्यूटी के दौरान सर्वोच्च बलिदान दिया. हम अपने बहादुर सैनिक के परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं. असम राइफल्स के डीजी और सभी रैंक के जवान शोक संतप्त परिवार के साथ मजबूती से खड़े हैं.’
NSCN-K-YA विद्रोही गुट के बारे में जानें
यह विद्रोही गुट भारत के पूर्वोत्तर और म्यांमार के सीमावर्ती इलाकों में सक्रिय प्रतिबंधित नगा संगठन है. इस गुट का प्रमुख युंग आंग है, जिसे 2018 में नियुक्त किया गया था. इस गुट का लक्ष्य नगा बहुल क्षेत्रों को मिलाकर अलग नागालिम की स्थापना करना है.
हालांकि जुलाई 2023 में नेतृत्व विवाद के बाद NSCN-K-YA गुट के दो हिस्से हो गए थे. यंग आंग गुट से अलग होकर अंग माई के नेतृत्व में नया गुट बन गया था. इस गुट के नगा विद्रोही भारत-म्यांमार सीमा पर जबरन वसूली और हिंसक गतिविधियों में शामिल रहे हैं. इसके चलते सरकार ने इस पर प्रतिबंध लगाया था.
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इस हमले के बाद सुरक्षाबलों ने इलाके में सर्च अभियान तेज कर दिया है. चांगलांग का ये इलाका भारत-म्यांमार सीमा क्षेत्र पर है. इसलिए अंतरराष्ट्रीय सीमा के पार सक्रिय विद्रोही समूहों की आवाजाही यहां रहती है, जिसके चलते इसे बेहद संवेदनशील माना जाता है.