जिस पर देशकरता है भरोसा
Advertisement

‘आतंकी देश का साथ देने वाले भारत के दोस्त कैसे’, पाकिस्तान को टार्गेट कर जयशंकर ने अमेरिका को सुनाई खरी-खरी

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अमेरिका की धरती से अमेरिका को ही आईना दिखाया. उन्होंने साफ किया कि भारत में आतंक की चिंताओं पर ट्रंप का रवैया बेहद असंवेदनशील है.

Author
29 Sep 2026
( Updated: 29 Sep 2026
01:25 PM )
‘आतंकी देश का साथ देने वाले भारत के दोस्त कैसे’, पाकिस्तान को टार्गेट कर जयशंकर ने अमेरिका को सुनाई खरी-खरी
Image Source- IANS/X/@DrSJaishankar
Advertisement

आतंक को लेकर इस बार भारत ने पाकिस्तान नहीं बल्कि अमेरिका को खरी-खरी सुनाई है. विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा है कि भारत में आतंकवाद की चिंताओं पर अमेरिका का रवैया बेहद असंवेदनशील है जो दोनों देशों के रिश्तों को प्रभावित कर सकता है. 

जयशंकर ने सीधे तौर पर पाकिस्तान का नाम नहीं लिया, लेकिन उन्होंने 'एक पड़ोसी देश' का जिक्र किया, जो आतंकवाद को अपनी नीति के तौर पर इस्तेमाल करता है. इससे उनका साफ इशारा पाकिस्तान की ओर था. 

पाकिस्तान से नजदीकी पर दिखाया आईना 

Advertisement

विदेश मंत्री की यह टिप्पणी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की पाकिस्तान के साथ बढ़ती नजदीकियों की आलोचना के तौर पर भी देखी गई है. इस दौरान पाकिस्तान की आतंकवाद से जुड़ी भूमिका को नजरअंदाज किया गया है. जयशंकर ने कहा,

‘शायद बहुत कम देश ऐसे होंगे जिन्होंने उस तरह के आतंकवाद का सामना किया हो, जैसा हमने एक पड़ोसी देश से किया है. यह कई दशकों से जानबूझकर अपनाई गई नीति का हिस्सा रहा है.’

उन्होंने कहा कि इसी वजह से आतंकवाद का मुद्दा भारत के लिए खास तौर पर महत्वपूर्ण है. जयशंकर ने कहा क‍ि अगर कोई मुद्दा हमारे लिए इतना ज्यादा मायने रखता है और उसे लेकर पर्याप्त समझ, संवेदनशीलता या सहानुभूति नहीं है, तो मुझे लगता है कि इससे समस्या पैदा होती है. उन्होंने कहा, 

Advertisement

‘अगर मेरी सबसे बड़ी चिंताओं में से किसी एक को मेरा साझेदार पूरी तरह नहीं समझता है, तो जाहिर तौर पर इसका असर रिश्तों पर पड़ता है.’

पाकिस्तान के लिए भारत को नजरअंदाज करने का आरोप 

एस जयशंकर न्यूयॉर्क में एक कार्यक्रम में शामिल हुए थे. जहां उन्होंने दावा किया कि पाकिस्तान के लिए अमेरिका आतंकवाद जैसे मुद्दों को भी नजरअंदाज कर रहा है. जो अमेरिका के असंवेदनशील रवैये को उजागर करता है. कार्यक्रम में एस जयशंकर से पूछा गया था, भारत और अमेरिका के रिश्तों को और बेहतर बनाने में कौन से मुद्दे रुकावट बन रहे हैं? जिस पर भारतीय विदेश मंत्री ने जवाब देते हुए कहा, ‘व्यापार के अलावा आतंकवाद को लेकर भारत की चिंताओं के प्रति पर्याप्त संवेदनशीलता न होना भी एक अहम मुद्दा है.’

Advertisement

उन्होंने कहा, पाकिस्तान के मामले में ट्रंप ने आतंकवाद के मुद्दे से दूरी बना ली है, जो पिछली अमेरिकी सरकारों की नीति से बदलाव है. 

इससे पहले अमेरिका ने वैश्विक आतंकवाद को समर्थन देने में इस्लामाबाद की भूमिका को मुख्य माना था. यह मुद्दा खास तौर पर 2001 में अल-कायदा के न्यूयॉर्क के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर और वॉशिंगटन के पास स्थित पेंटागन पर हमलों के बाद चर्चा में आया था. इन हमलों में पाकिस्तान की भूमिका को लेकर सवाल तब और बढ़े, जब अल-कायदा प्रमुख ओसामा बिन लादेन पाकिस्तान में रह रहा था और वहीं उसका पता चला. 

यह भी पढ़ें- शहबाज के भाषण के बाद जयशंकर का पलटवार, UN में पाकिस्तान को दिया आतंकवाद पर 'करारा' संदेश; जानें क्या कहा

Advertisement

यह भी पढ़ें

हालांकि ये जानते हुए भी कि आतंकवाद पर पाकिस्तान का रवैया जस का तस बना हुआ है, इसके बावजूद ट्रंप इस्लामाबाद से नजदीकियां बढ़ा रहे हैं. जबकि पाक की आतंक परस्त नीति भारत की आतंरिक सुरक्षा के लिए बढ़ा खतरा है. ऐसे में इस मुद्दे पर अमेरिका के असंवेदनशील रवैये पर भारत ने अब खरी-खरी सुनाई है. 

Tags

Advertisement
टिप्पणियाँ 0
G
Guest (अतिथि)
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
शॉर्ट्स
वेब स्टोरीज़
होम वीडियो खोजें