जिस पर देशकरता है भरोसा
Advertisement

नहीं रहे झारखंड के मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू, देर रात आया हार्ट अटैक, 3 साल में शिक्षा विभाग से जुड़े 3 मंत्रियों का निधन

झारखंड के मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू का निधन हो गया है. वो बीते दिनों हुए छात्र आंदोलन के समूहों और सरकार के बीच बातचीत वाले डेलिगेशन में भी शामिल थे. उन पर कई आरोप भी लगे. इसी कड़ी में उन्हें देर रात हार्ट अटैक आया, जिसकी वजह से उनकी मृत्यु हो गई.

Author
06 Sep 2026
( Updated: 06 Sep 2026
09:13 AM )
नहीं रहे झारखंड के मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू, देर रात आया हार्ट अटैक, 3 साल में शिक्षा विभाग से जुड़े 3 मंत्रियों का निधन
Image Source: IANS
Advertisement

झारखंड सरकार के कैबिनेट मंत्री और झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के वरिष्ठ नेता सुदिव्य कुमार सोनू का शनिवार देर रात निधन हो गया. वह गिरिडीह स्थित अपने आवास पर थे. पारिवारिक सूत्रों के अनुसार, वह रात में सोने की तैयारी कर रहे थे तभी उनकी तबीयत अचानक बिगड़ी. उन्होंने छाती में दर्द में शिकायत की.  

परिजन उन्हें तत्काल गिरिडीह के मर्सी हॉस्पिटल ले गए, जहां इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई. बताया गया है कि उन्हें हार्ट अटैक आया. डॉक्टरों ने कोशिश की, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका. मंत्री के निधन की खबर मिलते ही गिरिडीह जिला प्रशासन के अधिकारी और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी अस्पताल पहुंच गए. उनके निधन की खबर से झारखंड की राजनीतिक और सामाजिक हलकों में शोक की लहर है. 

सुदिव्य कुमार सोनू गिरिडीह सदर विधानसभा क्षेत्र से झारखंड मुक्ति मोर्चा के विधायक थे और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली झारखंड सरकार में कैबिनेट मंत्री थे. वह 2019 में पहली बार गिरिडीह सदर से विधायक निर्वाचित हुए थे. 2024 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने लगातार दूसरी बार जीत दर्ज की और इसके बाद राज्य सरकार में मंत्री बनाए गए. सरकार में उन्हें पर्यटन, कला-संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य, नगर विकास एवं आवास तथा उच्च एवं तकनीकी शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी दी गई थी. 

Advertisement

वह झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय महासचिव भी थे. सुदिव्य कुमार सोनू को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का करीबी और झामुमो के मुखर नेताओं में माना जाता था. सरकार और अपने विभागों से जुड़े मुद्दों को वह सार्वजनिक मंचों पर मजबूती से रखते थे. हाल के दिनों में राज्य में छात्र आंदोलन के दौरान भी उन्होंने सरकार और आंदोलनरत छात्रों के बीच संवाद कायम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी. उनके आकस्मिक निधन से झारखंड की राजनीति को बड़ा झटका लगा है. झारखंड मुक्ति मोर्चा ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है. 

सुदिव्य कुमार सोनू के शनिवार देर रात आकस्मिक निधन के साथ राज्य की राजनीति में एक असामान्य और दुखद संयोग जुड़ गया है. पिछले करीब साढ़े तीन वर्षों में झारखंड सरकार के शिक्षा विभाग से जुड़े तीन मंत्रियों जगन्नाथ महतो, रामदास सोरेन और सुदिव्य कुमार सोनू का निधन हो चुका है.  

सोनू से पहले 2024 में जब हेमंत सोरेन के नेतृत्व राज्य में लगातार दूसरा बार झामुमो के नेतृत्व में सरकार बनी तो शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी रामदास सोरेन को दी गई थी. झामुमो के वरिष्ठ नेता और घाटशिला के विधायक रामदास सोरेन का 15 अगस्त 2025 को निधन हो गया था. इस तरह अप्रैल 2023 से सितंबर 2026 के बीच करीब तीन वर्ष पांच महीने के अंतराल में झारखंड सरकार के शिक्षा विभाग से जुड़े तीन मंत्रियों, जगरनाथ महतो, रामदास सोरेन और सुदिव्य कुमार सोनू का निधन हो चुका है.

तीनों ही नेता झारखंड मुक्ति मोर्चा से जुड़े रहे और राज्य की राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते थे. जगरनाथ महतो और रामदास सोरेन स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग से जुड़े थे, जबकि सुदिव्य कुमार सोनू उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग संभाल रहे थे. सुदिव्य कुमार सोनू के निधन से न केवल झामुमो बल्कि झारखंड सरकार को भी बड़ा झटका लगा है. 

Advertisement

वह मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के करीबी नेताओं में माने जाते थे और सरकार की नीतियों तथा अपने विभागों से जुड़े मुद्दों को मजबूती से रखते थे. हाल के छात्र आंदोलन के दौरान भी उनकी भूमिका महत्वपूर्ण रही थी. लगातार तीन शिक्षा मंत्रियों के निधन का यह संयोग झारखंड की राजनीति में लंबे समय तक चर्चा का विषय रहेगा.

ये भी पढ़ें: बिना जांच, प्रक्रिया और दोषी साबित किए बगैर कैसे खत्म की नौकरी? झारखंड में नियुक्तियां रद्द कर फंसी सरकार, HC ने पूछे सवाल

सोनू क पार्टी ने अपने ऑफिशियल सोशल मीडिया हैंडल पर लिखा है, ‘ज़िंदगी की क्षणभंगुरता… कल तक जो साथी हमारे बीच थे, आज उनकी स्मृतियां ही हमारे साथ हैं. जीवन की अनिश्चितता हमें एक बार फिर गहरे दुःख और शोक में छोड़ गई है. झारखंड मुक्ति मोर्चा के समर्पित साथी एवं झारखंड सरकार के मंत्री सुदिव्य कुमार के असामयिक निधन से पूरा झामुमो परिवार स्तब्ध और मर्माहत है. उनका जाना पार्टी, सरकार और झारखंड के लिए एक अपूरणीय क्षति है. उनके संघर्ष, सेवा और योगदान को सदैव स्मरण किया जाएगा. 

Advertisement

ये भी पढ़ें: झारखंड में प्रदर्शन खत्म, छात्रों पर सरकार का एक्शन शुरू...रडार पर JPSC-JSSC को लेकर सोशल मीडिया पोस्ट, X को नोटिस

यह भी पढ़ें

झारखंड मुक्ति मोर्चा परिवार की ओर से भावभीनी श्रद्धांजलि. ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और शोकाकुल परिवार एवं सभी साथियों को इस कठिन घड़ी में संबल दें. अंतिम जोहार.’ 

Tags

Advertisement
टिप्पणियाँ 0
G
Guest (अतिथि)
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
अधिक
Advertisement
Advertisement
शॉर्ट्स
वेब स्टोरीज़
होम वीडियो खोजें