'वो कोई कच्चा काम...हवाई फायर नहीं करते', AIMIM चीफ़ ओवैसी ने गृह मंत्री अमित शाह को लेकर क्यों कहा ऐसा?
AIMIM चीफ़ असदुद्दीन ओवैसी ने NRC के मुद्दे पर कहा कि इसे गंभीरता से लीजिए. अमित शाह अगर कोई काम करते हैं तो ठोस करते हैं, कोई हवाई फायर नहीं करते. ओवैसी के इस बयान के बाद अटकलों का दौर शुरू हो गया है.
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AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी एक बार फिर चर्चा में हैं. इस बार उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह को लेकर कुछ ऐसा कहा है जिसकी खूब बहस होनी शुरू हो गई है. दरअसल ओवैसी ने दावा किया है कि शाह कोई भी काम अधूरा नहीं छोड़़ते, उसे पूरा कर ही दम लेते हैं, चाहे कुछ हो जाए. उन्होंने कहा, 'वह अमित शाह हैं, मुझे पता है कि वह कुछ भी लापरवाही से नहीं करते. अमित शाह अगर कोई मीटिंग करते हैं तो वह कच्चा काम नहीं करते हैं और न ही हवा में फायर करते हैं. मुझे शक है कि वो फाइनली NRC लाना चाहते हैं.'
"समझ लीजिए, वो अमित शाह हैं"
इतना ही नहीं ओवैसी ने दावा किया कि उन्होंने शाह ने सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस की अध्यक्षता में एक आयोग बनाया है. मैं गलत भी हो सकता हूं, लेकिन आखिरकार इसका नतीजा NRC के रूप में निकल सकता है. क्योंकि ये एक हाईलेवल कमीशन है...क्योंकि गृह मंत्री बैठक ले रहे हैं तो एक गंभीर बात है. शाह ने साफ कहा है कि कमेटी पता करे कि पता करिए कि कहां-कहां अचानक से आबादी बढ़ गई, कहीं डेमोग्राफी चेंज तो नहीं की गई. यहां तक कि SIR में जो नाम निकले-जुड़े उन्हें भी देखा जाएगा. उन्होंने ये भी कहा कि SIR आसान काम नहीं, इसलिए सबको काम पर लगना पड़ेगा.
'शाह कोई कच्चा काम नहीं करते'
ओवैसी ने कहा कि चुकि अमित शाह हैं, वो ठोस काम करते हैं, कमीशन बना दिया, सुप्रीम कोर्ट का रिटायर्ड जज है, गृह मंत्री मीटिंग ले रहे हैं, और जो मेंडेट दिया गया वो बहुत गंभीर है कि देखो कि कहां आबादी बढ़ी, कहां इलाका बढ़ा, कैसे बदलाव हुए. यहां तक कि अब तो सुप्रीम कोर्ट ने भी कह दिया है कि जो नाम SIR के तहत कटे उन्हें अधिकार प्राप्त विभाग, अधिकारी को भेजो. तो वो कौन है सुप्रीम कोर्ट के बाद, गृह मंत्रालय है और उसी ने ये कमीशन बना दिया है.
PRC सर्टिफिकेट जारी करे तेलंगाना सरकार: ओवैसी
इस दौराम ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने तेलंगाना सरकार से गरीबों को तत्काल स्थायी निवास प्रमाण पत्र (पीआरसी) जारी करने का आग्रह भी किया। उन्होंने कहा कि कई गरीबों के पास दस्तावेज नहीं हैं और चल रहे विशेष गहन संशोधन (SIR) के दौरान मतदाता सूची से बाहर होने का खतरा है।
Mujhe suspicion hai ki Amit Shah poore mulk mein NRC (National Register of Citizens) lagu karna chahte hain: Barrister @asadowaisi pic.twitter.com/JcBNdhgGNi
— AIMIM (@aimim_national) July 6, 2026
'कर्नाटक में जारी कर रहे तो तेलंगाना में क्या दिक्कत है?'
हैदराबाद के सांसद ने जानना चाहा कि राज्य सरकार पीआरसी जारी करने में क्यों देरी कर रही है। उन्होंने कहा कि अगर सत्ताधारी दल को यह एहसास नहीं है कि तेलंगाना के गरीबों के पास दस्तावेज नहीं हैं, तो वह वास्तविकता से पूरी तरह कटी हुई है।
ओवैसी ने क्यों दी रेवंत रेड्डी सरकार को चेतावनी?
ओवैसी ने सत्ताधारी कांग्रेस पार्टी से कहा कि अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होने के बाद लोगों को 'सांत्वना' देने के लिए उनके पास न आएं और फिर साजिश का आरोप न लगाएं। उन्होंने कहा कि अगर कोई साजिश है, तो उन्हें उसका समाधान ढूंढना चाहिए, और समाधान पीआरसी है। सांसद ने बताया कि कर्नाटक सरकार पीआरसी जारी कर रही है और पूछा कि जब कर्नाटक में भी कांग्रेस सत्ता में है, तो तेलंगाना में पीआरसी क्यों नहीं जारी की जा रही है।
ओवैसी ने कहा कि उन्होंने यह मुद्दा पहले ही उपमुख्यमंत्री मल्लु भट्टी विक्रमार्क के समक्ष उठाया था। उन्होंने यह भी बताया कि वे मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी से मिलने का समय मांग रहे हैं और कहा कि मुख्यमंत्री बहुत व्यस्त हैं। उन्होंने कहा कि तेलंगाना में जन्मे और जिनके नाम, या उनके माता-पिता और दादा-दादी के नाम 2002 की मतदाता सूची में दर्ज हैं, उन्हें पीआरसी (पर्सनल सर्टिफिकेट) जारी की जानी चाहिए।
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उन्होंने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति राज्य के शिक्षण संस्थानों में लगातार चार वर्षों तक अध्ययन करता है, तो वह राज्य में शिक्षा और रोजगार के लिए पात्र हो जाता है। उन्होंने सुझाव दिया कि सरकार पीआरसी जारी करने के लिए आधार कार्ड, राशन कार्ड, स्कूल रिकॉर्ड और राजस्व रिकॉर्ड को आधार बनाए।