पवन कल्याण ने CM फडणवीस से की मुलाकात, पूर्वी घाट में बाघ संरक्षण पर चर्चा
पवन कल्याण ने विश्वास जताया कि आंध्र प्रदेश और महाराष्ट्र के बीच यह साझेदारी पूर्वी घाट में बाघों के दीर्घकालिक संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी.
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आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने मंगलवार को मुंबई में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की. दोनों नेताओं के बीच पूर्वी घाट क्षेत्र में बाघ संरक्षण के उपायों पर चर्चा हुई.
पवन कल्याण ने मुंबई में सीएम फडणवीस से की मुलाकात
पवन कल्याण ने मुंबई में मुख्यमंत्री फडणवीस के आधिकारिक आवास पर उनसे मुलाकात की.
उपमुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान के अनुसार, दोनों नेताओं के बीच पूर्वी घाट में बाघ संरक्षण को लेकर सकारात्मक और महत्वपूर्ण चर्चा हुई.
पूर्वी घाट में बाघ संरक्षण पर हुई चर्चा
वन एवं पर्यावरण मंत्री का दायित्व भी संभाल रहे पवन कल्याण ने आंध्र प्रदेश को दो मादा बाघों के स्थानांतरण (ट्रांसलोकेशन) में सहयोग देने के लिए महाराष्ट्र सरकार और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का आभार व्यक्त किया.
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उपमुख्यमंत्री ने कहा कि यह सहयोग पूर्वी घाट में बाघों की मजबूत और स्वस्थ आबादी को फिर से स्थापित करने के प्रयासों में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है.
उन्होंने कहा, "मादा बाघों को लाने से आनुवंशिक समस्याओं (इनब्रीडिंग) को कम करने में मदद मिलेगी. इससे आनुवंशिक विविधता बढ़ेगी, बाघों की आबादी लंबे समय तक टिकाऊ बनेगी और एक स्वस्थ तथा आत्मनिर्भर बाघ आवास विकसित होगा. यह संयुक्त संरक्षण प्रयास विज्ञान आधारित और टिकाऊ वन्यजीव प्रबंधन के माध्यम से जैव विविधता की रक्षा के प्रति हमारी साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है."
पूर्वी घाट क्षेत्र में मादा बाघों की संख्या में आई भारी कमी
पवन कल्याण ने बताया कि आंध्र प्रदेश के पूर्वी घाट क्षेत्र में मादा बाघों की संख्या में आई भारी कमी के कारण आनुवंशिक समस्याएं पैदा हो रही थीं.
उन्होंने कहा, "इस समस्या को दूर करने और बाघों की आबादी को फिर से बढ़ाने के लिए हमने महाराष्ट्र सरकार से सहयोग मांगा था. महाराष्ट्र ने आंध्र प्रदेश को दो मादा बाघ उपलब्ध कराने पर सहमति जताई है और इसके लिए हम उनका हृदय से आभार व्यक्त करते हैं."
दोनों नेताओं की मुलाक़ात बाघों के दीर्घकालिक संरक्षण में निभाएगी महत्वपूर्ण भूमिका
पवन कल्याण ने विश्वास जताया कि आंध्र प्रदेश और महाराष्ट्र के बीच यह साझेदारी पूर्वी घाट में बाघों के दीर्घकालिक संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी.
जनसेना प्रमुख ने इस पहल को आगे बढ़ाने में लगातार मार्गदर्शन देने के लिए केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव का भी धन्यवाद किया.
उन्होंने कहा, "वन्यजीव और जैव विविधता संरक्षण के अपने लक्ष्यों को हासिल करने के लिए हम महाराष्ट्र सरकार, केंद्र सरकार और अन्य सहयोगी संगठनों के साथ और अधिक समन्वय के साथ आगे बढ़ते रहेंगे."