UPI पर चार्ज लगेगा या नहीं? सरकार ने दिया साफ जवाब, करोड़ों यूजर्स को राहत
UPI: यूपीआई से पेमेंट करने पर आम ग्राहकों से कोई अलग चार्ज लेने की बात नहीं है. पेमेंट्स काउंसिल ऑफ इंडिया (PCI) ने साफ कर दिया है कि ग्राहकों के लिए UPI ट्रांजैक्शन फ्री रहेंगे.
Follow Us:
UPI: अगर आप रोजमर्रा की खरीदारी, बिल पेमेंट या किसी को पैसे भेजने के लिए UPI का इस्तेमाल करते हैं, तो आपके लिए राहत की खबर है. UPI से पेमेंट करने पर आम ग्राहकों से कोई अलग चार्ज लेने की बात नहीं है. पेमेंट्स काउंसिल ऑफ इंडिया (PCI) ने साफ कर दिया है कि ग्राहकों के लिए UPI ट्रांजैक्शन फ्री रहेंगे. यानी चाय की दुकान पर छोटा सा पेमेंट करना हो, किराने का सामान खरीदना हो या किसी दोस्त और परिवार के सदस्य को पैसे भेजने हों, UPI के इस्तेमाल के लिए ग्राहक को अपनी जेब से कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं देना होगा.
यह सफाई ऐसे समय में आई है, जब UPI पर चार्ज लगाए जाने की चर्चाओं को लेकर लोगों के बीच चिंता बढ़ रही थी. UPI आज लोगो की रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है. छोटे से छोटे दुकानदार से लेकर बड़े स्टोर तक, हर जगह लोग कैश की जगह मोबाइल से पेमेंट करना पसंद कर रहे हैं. ऐसे में UPI पेमेंट पर किसी तरह का चार्ज लगने की खबर से आम यूजर्स के मन में सवाल उठना स्वाभाविक था. अब PCI ने इस मामले में स्थिति काफी हद तक साफ करने की कोशिश की है..
आम ग्राहक को UPI पेमेंट के लिए पैसे नहीं देने होंगे
पेमेंट्स काउंसिल ऑफ इंडिया ने अपने बयान में कहा है कि ग्राहकों के लिए UPI मुफ्त बना रहेगा. इसका सीधा मतलब यह है कि UPI से पेमेंट करने पर ग्राहक से कोई अलग फीस नहीं ली जाएगी.. आप किसी दुकान पर ₹50, ₹500 या अपनी जरूरत के हिसाब से पेमेंट करते हैं, तो सिर्फ UPI इस्तेमाल करने के कारण आपको अतिरिक्त चार्ज देने की जरूरत नहीं होगी.
PCI ने खास तौर पर छोटे व्यापारियों का भी जिक्र किया है. काउंसिल के मुताबिक, किराना दुकानों और दूसरे छोटे कारोबारियों से डिजिटल पेमेंट स्वीकार करने के लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा. यह बात इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि देश में बड़ी संख्या में छोटे दुकानदार अपने रोजमर्रा के कारोबार के लिए UPI पर निर्भर हैं. उनके लिए डिजिटल पेमेंट लेना आसान और सुविधाजनक है, वहीं ग्राहकों के लिए भी बिना कैश के तुरंत भुगतान करना काफी आसान हो गया है.
‘Hit Spray’ WhatsApp ग्रुप से मचा हड़कंप! घर पर तैनात PSI से भिड़े अभिजीत दिपके
फिर Merchant Service Charge क्या है?
UPI चार्ज को लेकर सबसे ज्यादा भ्रम Merchant Service Charge यानी MSC को लेकर है. अगर किसी पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर और किसी व्यापारी के बीच कोई शुल्क तय होता है, तो वह उनका आपसी कारोबारी समझौता होगा. इसका यह मतलब बिल्कुल नहीं है कि UPI से पेमेंट करने वाले ग्राहक से पैसा लिया जाएगा.
यानी अगर भविष्य में किसी खास स्थिति में किसी व्यापारी और पेमेंट प्रोवाइडर के बीच कोई कमर्शियल चार्ज तय होता भी है, तो उसे सीधे ग्राहक के UPI पेमेंट पर लगने वाला शुल्क नहीं समझना चाहिए. PCI ने इसी अंतर को स्पष्ट करने की कोशिश की है, ताकि लोगों के बीच यह गलतफहमी न रहे कि UPI इस्तेमाल करने के लिए अब हर पेमेंट पर ग्राहक को पैसे देने होंगे.
UPI सिस्टम को चलाने में लगातार हो रहा है निवेश
PCI ने यह भी बताया कि UPI को सुरक्षित और भरोसेमंद बनाए रखने के लिए बैंक, फिनटेक कंपनियां, NPCI और RBI लगातार टेक्नोलॉजी, साइबर सिक्योरिटी, फ्रॉड रोकने और नई सुविधाओं पर निवेश कर रहे हैं. UPI का इस्तेमाल जिस तेजी से बढ़ा है, उसके साथ इस पूरे सिस्टम के लिए मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार रखना भी जरूरी हो गया है.
आज करोड़ों लोग हर दिन UPI के जरिए पेमेंट कर रहे हैं. छोटी-सी दुकान से लेकर ऑनलाइन शॉपिंग और बड़े कारोबार तक, डिजिटल पेमेंट का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है. ऐसे में इतने बड़े पेमेंट नेटवर्क को लगातार सुचारू, सुरक्षित और तेज बनाए रखने के लिए बैंकिंग और पेमेंट कंपनियों को बड़े स्तर पर टेक्नोलॉजी और सुरक्षा व्यवस्था पर काम करना पड़ता है.
UPI पेमेंट पर चार्ज की चर्चा क्यों शुरू हुई?
दरअसल, UPI पर चार्ज को लेकर चर्चा उस समय तेज हुई जब यह सवाल उठने लगा कि इतने बड़े डिजिटल पेमेंट सिस्टम को लंबे समय तक चलाने के लिए जरूरी खर्च की भरपाई कैसे होगी. UPI आज दुनिया के सबसे बड़े रियल-टाइम पेमेंट सिस्टम में शामिल है और हर महीने अरबों ट्रांजैक्शन को प्रोसेस करता है. जैसे-जैसे इसका इस्तेमाल बढ़ रहा है, वैसे-वैसे सिस्टम को सपोर्ट करने वाले इंफ्रास्ट्रक्चर और सुरक्षा व्यवस्था पर होने वाला खर्च भी बढ़ रहा है.
इसी वजह से इंडस्ट्री में इस बात पर चर्चा हो रही है कि UPI सिस्टम को लंबे समय तक मजबूत बनाए रखने के लिए किस तरह की व्यवस्था की जा सकती है. लेकिन इस चर्चा का यह मतलब नहीं है कि आम लोगों को हर UPI पेमेंट पर अब कोई शुल्क देना होगा. PCI ने इसी बात को साफ करते हुए कहा है कि ग्राहकों के लिए UPI फ्री बना रहेगा.
वित्त मंत्री भी कर चुकी हैं स्थिति साफ
UPI चार्ज को लेकर उठ रहे सवालों के बीच वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी यह स्पष्ट किया था कि डिजिटल ट्रांजैक्शन पर अगर किसी तरह का Merchant Discount Rate यानी MDR लागू होता है, तो उसका भार ग्राहक पर डालने की बात नहीं है. यानी UPI के जरिए भुगतान करने वाले आम व्यक्ति को इस वजह से ज्यादा पैसे देने की जरूरत नहीं होनी चाहिए.
इस पूरे मामले में सबसे अहम बात यही है कि UPI का इस्तेमाल करने वाले आम ग्राहकों को फिलहाल राहत है. मोबाइल से पेमेंट करने की सुविधा पहले की तरह जारी रहेगी और UPI ट्रांजैक्शन के लिए ग्राहक से अलग से चार्ज लेने की बात नहीं है.
आम लोगों के लिए इसका सीधा मतलब क्या है?
यह भी पढ़ें
अगर आप UPI से पेमेंट करते हैं, तो आपको घबराने की जरूरत नहीं है. किसी दुकान पर QR कोड स्कैन करके पेमेंट करने, किसी व्यक्ति को पैसे भेजने या रोजमर्रा के छोटे-बड़े भुगतान करने के लिए सिर्फ UPI इस्तेमाल करने पर ग्राहक से अलग फीस नहीं ली जाएगी.
हां, पेमेंट सिस्टम को चलाने वाले बैंक, फिनटेक कंपनियां और दूसरे संस्थानों के बीच कुछ कारोबारी शुल्क या समझौते हो सकते हैं, लेकिन उन्हें ग्राहक के UPI पेमेंट पर लगने वाले चार्ज के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए. फिलहाल PCI की तरफ से यही संदेश दिया गया है कि UPI आम ग्राहकों के लिए फ्री रहेगा, जिससे करोड़ों यूजर्स बिना किसी अतिरिक्त शुल्क की चिंता के डिजिटल पेमेंट का इस्तेमाल जारी रख सकते हैं.