'हमें गाने की जरूरत नहीं है...', कांग्रेस मुख्यालय में हुआ ‘वंदे मातरम्’ का किया अपमान! सोनिया-राहुल, खड़गे बात करते दिखे, नए VIDEO में क्या दिखा
BJP ने कांग्रेस पर राष्ट्रगीत के अपमान का आरोप लगाया है. कहा जा रहा है कि स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में ‘वंदे मातरम्’ के गायन के वक्त सोनिया-राहुल, खड़गे बात करते देखे गए. इस पर कांग्रेसी नेताओं की ओर से अलग-अलग बयान सामने आए, लेकिन वायरल हुए वीडियो और उसके सबटाइटल से अलग ही माजरा समझ आता है.
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कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान एक वीडियो सामने आने के बाद विवाद खड़ा हो गया है. वीडियो में राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ बजने के दौरान कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आपस में बातचीत करते नजर आ रहे हैं. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस की कड़ी आलोचना की है और पार्टी से माफी मांगने की मांग की है. वहीं कांग्रेस ने किसी भी तरह के जानबूझकर किए गए अनादर के आरोपों को खारिज किया है.
क्या कांग्रेस ने किया वंदे मातरम् का अपमान?
भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक वीडियो साझा करते हुए लिखा, ''आज कांग्रेस मुख्यालय में राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् के कथित अपमान को लेकर सोनिया गांधी और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के बीच हुई बातचीत का यह अंश है. अब देश खुद फैसला करे, मेरे लिए चुप रहना ही उचित है.''
यह वीडियो (आईएएनएस इसके ऑडियो-वीडियो की पुष्टि नहीं करता) इंदिरा भवन में रिकॉर्ड किया गया बताया जा रहा है. वीडियो में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी ‘वंदे मातरम्’ के दौरान आपस में बातचीत और इशारे करते दिखाई दे रहे हैं. दोनों नेता बाद में एक पार्टी कार्यकर्ता को बुलाकर उसे कुछ निर्देश देते हुए भी नजर आते हैं.
वायरल वीडियो के अंग्रेजी सबटाइटल में क्या दिखा?
वीडियो के अंग्रेजी सबटाइटल में राहुल गांधी कथित तौर पर कहते दिखाए गए हैं, ''हमें गाने की जरूरत नहीं है. हमें वंदे मातरम् गाने की जरूरत नहीं है. यह हमारा अपना वर्जन है.'' वीडियो के अंत में सबटाइटल में यह भी लिखा है, ''हम यहां अपना गाना गा रहे हैं.'' भाजपा ने इस पूरे घटनाक्रम को राष्ट्रीय गीत का अपमान बताया और कांग्रेस से सार्वजनिक माफी मांगने की मांग की है.
मीडिया से बातचीत में भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि यह पहला स्वतंत्रता दिवस था, जब 'वंदे मातरम्' को पूर्ण, बिना कटे और बिना किसी व्यवधान के गाया गया. उन्होंने याद दिलाया कि स्वतंत्र भारत की पहली संविधान सभा की कार्यवाही 'वंदे मातरम्' के गायन से शुरू हुई थी, क्योंकि उस समय तक राष्ट्रीय गान को औपचारिक रूप से स्वीकार नहीं किया गया था.
त्रिवेदी ने कांग्रेस नेतृत्व की आलोचना करते हुए कहा, "हमने एक बेहद दुर्भाग्यपूर्ण दृश्य देखा, जहां कांग्रेस मुख्यालय में उनकी सर्वोच्च नेता सोनिया गांधी, उनके सुपर अध्यक्ष राहुल गांधी, और वर्तमान अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे राष्ट्रीय गीत के दौरान सावधान मुद्रा में नहीं थे. वे आपस में बातचीत कर रहे थे, टिप्पणी कर रहे थे, और किसी को बुला भी रहे थे. यह वंदे मातरम् के प्रति कांग्रेस का अनादर दर्शाता है."
कांग्रेस ने वंदेमातरम् विवाद पर क्या कहा?
हालांकि, कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने इस आरोप को खारिज करते हुए कहा कि राष्ट्रीय गीत के गायन को रोकने या बाधित करने का कोई प्रयास नहीं किया गया था. कांग्रेस का कहना है कि नेताओं के बीच हुई बातचीत को जानबूझकर किया गया अनादर नहीं माना जा सकता.
कांग्रेस मुख्यालय में पूरा वंदे मातरम गाने के दौरान सोनिया गांधी, राहुल गांधी और कांग्रेस प्रमुख मल्लिकार्जुन खड़गे की कथित असहजता और आपस में बातचीत करते देखे जाने को लेकर कांग्रेस नेता जयराम रमेश से पत्रकारों ने सवाल किया. इस पर जयराम रमेश ने कहा, ''पूरा वंदे मातरम गाया गया. इसमें कोई विवाद का सवाल नहीं उठता. कोई रोकने का प्रयास नहीं था. क्योंकि लंबे समय से कांग्रेस अध्यक्ष (मल्लिकार्जुन खड़गे) खड़े थे, सोनिया जी कह रही थीं कि उनके लिए कुर्सी लाकर रख दो. बस." हालांकि रमेश से करें में कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार में भी वंदेमातरम को लेकर सवाल हुआ कि ये इसे केरल में नहीं गाया जा रहा है, इस सवाल पर उन्होंने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया.
आज राष्ट्र गीत वंदे मातरम के कांग्रेस मुख्यालय पर हुए अपमान पर यह है सोनिया गांधी जी व राहुल गांधी जी के बीच हुए बातचीत का अंश । निर्णय देश करे,मेरा मुँह बंद रखना ही उचित है pic.twitter.com/HlE81wBNCu
— Dr Nishikant Dubey (@nishikant_dubey) August 15, 2026
क्या केरल में भी नहीं गाया गया वंदे मातरम्?
इतना ही नहीं वंदेमातरम के दौरान कांग्रेस मुख्यालय में हुए घटनाक्रम के बाद कांग्रेस के ही अंदरखाने से विरोधाभाषी बयान सामने आ रहे हैं. कोई कह रहा है कि कुर्सी को लेकर कहा जा रहा था, कोई कह रहा है कि उन्हें पुराने ही छंद गाने को कहा गया था, कोई घटना से ही इनकार कर रहा है. इसके अलावा जिस कुर्सी की बात जयराम रमेश कर रहे हैं, उस पर भी सवाल उठ रहे हैं कि आख़िर इतनी ही कुर्सी की ज़रूरत थी तो क्यों वंदेमातरम के बाद कुर्सी की जगह माइक-पोडियम की व्यवस्था की गई. सवाल राहुल-खड़गे के लाल किले पर स्वतंत्रता दिवस समारोह के कथित बहिष्कार को लेकर भी उठ रहे हैं.
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इस घटना को लेकर दोनों दलों के बीच तीखी राजनीतिक बयानबाजी शुरू हो गई है. भाजपा इसे राष्ट्रीय प्रतीकों के प्रति कांग्रेस की कथित उदासीनता का उदाहरण बता रही है, जबकि कांग्रेस इन आरोपों को राजनीतिक प्रेरित बता रही है. वीडियो सामने आने के बाद नेताओं के बीच हुई बातचीत का पूरा संदर्भ अभी भी चर्चा का विषय बना हुआ है.