लाल किले की प्राचीर से PM मोदी ने किया ‘शक्ति की सप्तधारा’ का ऐलान, जानें क्या है भारत को हर हाल में विकसित बनाने का एक्शन प्लान
स्वतंत्रता दिवस 2026 पर पीएम मोदी ने भारत की अगली बड़ी छलांग के लिए बड़े एक्शन प्लान का ऐलान कर दिया है. इस दौरान उन्होंने देश को 2047 तक हर हाल में विकसित बनाने के लिए ‘शक्ति की सप्तधारा’ का ऐलान किया. यानी कि देश को विकासशील से विकसित बनाने के लिए नई धारा.
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देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण में भारत को 2047 तक किसी कीमत पर विकसित बनाने का संकल्प लिया. इस दौरान उन्होंने एक ऐसी महत्वाकांक्षी परियोजना और सोच का ऐलान किया जिसके जरिए हिंदुस्तान वैश्विक ताकतों की लिस्ट में सर्वोपरि होगा. उनके भाषण में भविष्य और युवाओं की भूमिका सबसे अहम रही. उनके संबोधन में 'विकसित भारत 2047', 'वंदे मातरम', 'आत्मनिर्भरता', 'युवा शक्ति' और 'संकल्प' जैसे शब्द सबसे ज्यादा बार सुनाई दिए. इस दौरान उन्होंने भारत को विकसित बनाने के लिए ‘शक्ति की सप्तधारा’ का ऐलान किया. यानी कि देश को विकासशील से विकसित बनाने के लिए नई धारा.
आपको बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर देश के भविष्य के लिए एक स्पष्ट और दूरदर्शी विजन प्रस्तुत किया. उन्होंने भारत की विकास यात्रा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए "सप्तधारा" या "सप्त शक्ति" का मंत्र दिया. इस सप्त धारा की शक्ति में भविष्य की सोच और आने वाले समय के लिए भारत की महत्वाकांक्षाओं के बड़े पैमाने को दर्शाया गया है, जो आने वाले वर्षों में देश की प्रगति, आत्मनिर्भरता और वैश्विक नेतृत्व की दिशा तय करेगा.
विनिर्माण से लेकर कृषि, नवाचार, रक्षा, हरित अर्थव्यवस्था और भारतीय संस्कृति की वैश्विक पहचान तक, ये शक्तियां विकसित भारत के निर्माण की मजबूत आधारशिला मानी जा रही हैं.
शक्ति की सप्त धाराएं
मैन्युफैक्चरिंग पावर: डिजाइन से लेकर कंपोनेंट्स तक पूरी घरेलू एंड-टू-एंड वैल्यू चेन बनाना, जिसमें जीरो-डिफेक्ट क्वालिटी, लागत और ग्लोबल स्तर पर काम करने पर ध्यान दिया जाए.
कृषि और खाद्य प्रसंस्करण: मोटे अनाज (मिलेट्स), मसालों और फलों के लिए खेत से निर्यात तक की इंटीग्रेटेड सप्लाई चेन बनाना और साथ ही केमिकल-मुक्त खेती की ओर बढ़ना.
टेक्नोलॉजी और इनोवेशन: टेक मार्केट से आगे बढ़कर ग्लोबल इनोवेशन हब बनना, जो एआई, क्वांटम, स्पेस, रोबोटिक्स, डीपीआई और 'मेड-इन-इंडिया' 6जी में नेतृत्व करे.
गति शक्ति: शहरों, हाईवे, रेल, एयरपोर्ट और आधुनिक इंडस्ट्रियल सी-पोर्ट्स को जोड़ने वाली तेज-रफ्तार और निर्बाध मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स व्यवस्था बनाना.
रक्षा शक्ति: ड्रोन, काउंटर-ड्रोन सिस्टम और हाइपरसोनिक जैसी अगली पीढ़ी की रक्षा तकनीकों में अग्रणी बनकर और उनका निर्यात करके पूरी तरह रणनीतिक आत्मनिर्भरता हासिल करना.
ग्रीन और ब्लू इकोनॉमी: ग्रीन हाइड्रोजन, रिन्यूएबल एनर्जी और एनर्जी स्टोरेज के जरिए टिकाऊ विकास को बढ़ावा देना और साथ ही समुद्र, तटीय और समुद्री संसाधनों का पूरा इस्तेमाल करना.
भारत की सॉफ्ट पावर: भारतीय संस्कृति, योग, आयुर्वेद और पर्यटन को वैश्विक स्तर पर ले जाना. साथ ही गेमिंग, वीएफएक्स, एनिमेशन और क्रिएटिव इकोनॉमी में वैश्विक नेतृत्व स्थापित करना.
वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हर मैन्युफैक्चरर, इंटरप्रेन्योर और एमएसएमई से कहा कि ग्लोबल मार्केट में हमारी पहचान विश्वसनीय और गुणवत्ता के आधार पर होनी चाहिए. क्वालिटी के विषय में कोई समझौता नहीं हो. इसलिए हमारा मंत्र 'क्वालिटी, क्वालिटी और क्वालिटी' होना चाहिए. यही हमारा ग्लोबल ब्रांड वैल्यू बनेगा.
भारत की महत्वाकांक्षाओं का दायरा बदलने के लिए फॉर्च्यून 500 में 50 कंपनियां, प्रमुख ग्लोबल बैंकों में एक भारतीय बैंक और दुनिया की प्रमुख 5 कंपनियों में एक भारतीय फार्मा कंपनी का संकल्प है. साथ ही, वैश्विक नेतृत्व हासिल करने वाली एक भारतीय लॉ या रेटिंग एजेंसी, दुनिया की प्रमुख फर्मों में एक भारतीय कंसल्टिंग या अकाउंटिंग फर्म, दुनिया की प्रमुख कंपनियों में एक भारतीय टेक्नोलॉजी कंपनी का लक्ष्य रखा गया है. वहीं, ऐसे ब्रांड, जिन्हें दुनिया भारत का नाम सुनते ही उत्साह के साथ पहचाने.
नशा मुक्त युवा अभियान
प्रधानमंत्री ने 'नशा मुक्त युवा अभियान' के बारे में भी बताया और हर परिवार से अपील की कि वे समाज को नुकसान पहुंचाने वाली नशीली दवाओं की समस्या को खत्म करने के लिए इस अभियान से जुड़ें.
भारत की पहली डिजिटल जनगणना अभी चल रही है. प्रधानमंत्री ने हर परिवार से एक साथ बैठकर अपने परिवार के बारे में सही जानकारी भरने का आग्रह किया. नागरिकों को सही जानकारी देने के लिए प्रोत्साहित किया गया, क्योंकि इससे बेहतर नीतियां बनाने में मदद मिलेगी.
सुधारों के अगले चरण के लिए राज्य और केंद्र, दोनों सरकारें एक साथ आ रही हैं. 'विकसित भारत' के लिए सहकारी संघवाद और विकास एक साथ आगे बढ़ रहे हैं.
नारी शक्ति के लिए साथ आएं
वहीं, सभी राजनीतिक दलों से प्रधानमंत्री की सीधी अपील है कि वे महिलाओं की आकांक्षाओं का सम्मान करें और संसद व राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए एक-तिहाई आरक्षण लागू करने में सहयोग करें.


