सूर्य को रोशनी...दिन के उजाले में ममता बनर्जी का कैंडल मार्च, तस्वीरें देख सोशल मीडिया यूजर्स भी हैरान
बंगाल में एक नाबालिग बच्ची के साथ रेप और फिर हत्या के मामले को लेकर सीएम सुवेंदु ने सख्त एक्शन लिया है. आरोपियों की गिरफ्तारी हो गई है और मामले की जांच जारी है, लेकिन जिस तरह दिन की तरह उजाले में कैंडल मार्च निकाला गया उसको लेकर चर्चा हो रही है.
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पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) प्रमुख ममता बनर्जी ने सोमवार को दक्षिण 24 परगना जिले के बारुईपुर में कथित दुष्कर्म और हत्या की घटना के विरोध में सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया. अब इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. ये कैंडल लाइट प्रदर्शन दिन के उजाले से लेकर शाम ढलने तक किया गया. इस दौरान कैंडल के सेलेक्टिव चयन और मैसेजिंग को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है.
दिन के उजाले में TMC का कैंडल मार्च!
आपको बता दें कि TMC अध्यक्ष ममता बनर्जी ने दक्षिण कोलकाता के कालीघाट स्थित अपने आवास से मोमबत्ती मार्च का नेतृत्व किया. इस दौरान पुलिस और केंद्रीय बलों ने उनके आवास के सामने ही ममता बनर्जी, पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को रोकने की कोशिश की. हालांकि, प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड तोड़ दिए और मार्च आगे बढ़ गया, जिससे ममता बनर्जी के घर के बाहर कुछ समय के लिए तनाव की स्थिति बन गई. हालांकि, मौके पर मौजूद पुलिस ने स्थिति को बिगड़ने नहीं दिया.
इस मार्च का मुख्य नारा था, ''बारुईपुर को न्याय दो". ममता बनर्जी के साथ तृणमूल कांग्रेस की महिला नेता भी मौजूद थीं. डोला सेन, प्रतिमा मंडल और अपारूपा पोद्दार ने हाथों में मोमबत्तियां और तख्तियां लेकर बारुईपुर की घटना के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया.
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए इलाके में बड़ी संख्या में पुलिस और केंद्रीय बलों की तैनाती की गई थी. जैसे ही मार्च ममता बनर्जी के कालीघाट स्थित घर की गली से बाहर निकला, पुलिस ने उसे रोकने की कोशिश की. इसके बावजूद प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड हटाकर मार्च को आगे बढ़ाया.
यह मार्च हाजरा मोड़ तक पहुंचा, जहां कुछ समय तक विरोध प्रदर्शन किया गया. इसके बाद ममता बनर्जी अपने कालीघाट स्थित आवास लौट आईं और वहीं मार्च समाप्त कर दिया. हालांकि, उन्होंने न तो पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित किया और न ही मीडिया से बात की.
बता दें कि बारुईपुर में एक नाबालिग के साथ कथित दुष्कर्म और हत्या के आरोपों को लेकर रविवार को तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई थी. घटना की जानकारी मिलने के बाद मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने पीड़िता के परिजनों से बातचीत की थी.
पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि तीन अन्य लोगों को हिरासत में लिया गया है. मुख्यमंत्री ने दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने का आश्वासन दिया है.
ममता बनर्जी ने भी रविवार रात पीड़िता के परिवार से फोन पर बातचीत की थी. उनके आवास के बाहर रविवार से ही पुलिस और केंद्रीय बलों की तैनाती की गई है, जिस पर टीएमसी प्रमुख ने नाराजगी जताई. सोमवार दोपहर तृणमूल कांग्रेस का एक प्रतिनिधिमंडल बारुईपुर गया था. प्रतिनिधिमंडल के कोलकाता लौटने के बाद उसने घटना की जानकारी ममता बनर्जी को दी, जिसके बाद उन्होंने कालीघाट स्थित अपने आवास के बाहर मोमबत्ती मार्च निकाला.
सीएम सुवेंदु ने नाबालिग के रेप और हत्या के आरोपियों पर सख्त कार्रवाई का दिया निर्देश
आपको बता दें कि पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के बारुईपुर में 12 साल की नाबालिग लड़की के रेप और मर्डर के मुख्य आरोपी को सोमवार दोपहर गिरफ्तार कर लिया गया. वहीं मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने इस मामले में आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का आश्वासन दिया.
बारुईपुर पुलिस जिले के एक अधिकारी ने बताया कि राज्य पुलिस की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) के अधिकारियों ने सोमवार दोपहर एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया, जिस पर शुरू से ही इस मामले में मुख्य आरोपी होने का शक था. उसे सोमवार दोपहर बारुईपुर बाजार इलाके से गिरफ्तार किया गया.
इस मामले में मुख्य आरोपी, जिसे सबसे आखिर में गिरफ्तार किया गया है, उसकी पहचान आनंद सरकार के तौर पर हुई है. इससे पहले गिरफ्तार किए गए दो अन्य आरोपी प्रवास मंडल और दिवाकर सरदार हैं. मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि राज्य प्रशासन यह पक्का करने के लिए हरसंभव कोशिश करेगा कि मामले के आरोपियों को कड़ी यहां तक कि मौत की सजा मिले. उन्होंने कहा कि यह एक बहुत ही घिनौनी घटना है. सरकार परिवार की इच्छा के अनुसार काम करने की व्यवस्था कर रही है. कोशिश होगी कि आरोपियों को जल्द दोषी ठहराकर मौत की सजा दिलाई जाए.
क्या बोले सीएम सुवेंदु?
एक नाबालिग लड़की के रेप और हत्या के विरोध में प्रदर्शन कर रही हिंसक भीड़ द्वारा एक व्यक्ति की पीट-पीटकर हत्या किए जाने की घटना पर मुख्यमंत्री अधिकारी ने कहा कि इस मॉब लिंचिंग के पीछे सांप्रदायिक पहलू था.
उन्होंने कहा कि मैं अभी और जानकारी नहीं दूंगा. रविवार को विरोध प्रदर्शन के नाम पर जिस तरह से रेलवे ट्रैक को नुकसान पहुंचाया गया, वह 2019 में नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के विरोध और हाल ही में वक्फ संशोधन बिल के विरोध जैसी पुरानी घटनाओं की याद दिलाता है. उन्होंने यह भी बताया कि रविवार के विरोध प्रदर्शन में सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स के दो जवान घायल हो गए, जबकि पुलिस की एक गाड़ी को आग के हवाले कर दिया गया.
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रविवार सुबह एक तालाब से 12 साल की लड़की का शव बरामद किया गया. लड़की के परिवार वालों का दावा है कि पीड़िता का रेप और हत्या की गई थी. इस बीच, इस घटना को लेकर बारुईपुर इलाके में नए सिरे से तनाव की आशंका को देखते हुए बारुईपुर पुलिस जिले ने अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाले तीन पुलिस थानों के इलाकों में 'भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023' की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी थी.