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राम मंदिर ट्रस्ट का बड़ा फैसला: चंपत राय-अनिल मिश्रा का इस्तीफा मंजूर, कृष्ण मोहन बने अंतरिम महासचिव

गोविंद देव गिरी ने चोरी की घटना को 'लज्जाजनक' बताते हुए कहा कि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होने तक ट्रस्ट कोई ढिलाई नहीं बरतेगा. मामले की निगरानी के लिए एक समिति भी गठित की गई है

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06 Jul 2026
( Updated: 06 Jul 2026
07:32 PM )
राम मंदिर ट्रस्ट का बड़ा फैसला: चंपत राय-अनिल मिश्रा का इस्तीफा मंजूर, कृष्ण मोहन बने अंतरिम महासचिव
Image Source- IANS
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अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी विवाद के बाद श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्टकी बड़ी और अहम बैठक हुई. जिसमें ट्रस्ट ने चंपत राय के इस्तीफे पर मुहर लगा दी. इसके साथ ही उनकी जगह नए ट्रस्टी रिटायर्ड IFS कृष्ण मोहन को कार्यवाहक महासचिव बनाया गया है. 

ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी की अध्यक्षता में करीब तीन घंटे तक यह बैठक की गई. इस दौरान गोविंद देव गिरी ने चोरी की घटना को 'लज्जाजनक' बताते हुए कहा कि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होने तक ट्रस्ट कोई ढिलाई नहीं बरतेगा और पूरे मामले की निगरानी के लिए एक समिति भी गठित की गई है. चंपत राय के साथ-साथ ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफे को भी स्वीकार किया गया. 

गोविंद देव गिरी बोले- हमें बांटने की कोशिश 

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ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी ने बताया कि ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने कहा कि मंदिर में चोरी मामले के सामने आने के बाद दोनों ने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए जांच पूरी होने तक पद से अलग रहने का फैसला किया है. 

उन्होंने कहा कि चंपत राय और अनिल मिश्रा लंबे समय से ट्रस्ट के कार्यों से जुड़े रहे हैं, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए उन्होंने स्वयं को ट्रस्ट के कामकाज से अलग करने का निर्णय लिया है. ट्रस्ट ने चंपत राय की जिम्मेदारियां कृष्ण मोहन को सौंपने का फैसला किया है. अब वह अपनी टीम के साथ मंदिर ट्रस्ट के कार्यों का संचालन करेंगे. 

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान गोविंद देव गिरी ने कहा कि मामले को लेकर कई तरह की बातें कही जा रही हैं और समाज में भ्रम फैलाने की कोशिश की जा रही है. उन्होंने कहा कि आरोप लगाए जा रहे हैं कि केवल दानपात्रों से ही नहीं, बल्कि कई कीमती वस्तुएं भी चोरी हुई हैं. 

उन्होंने बताया कि ट्रस्ट के पास 2,800 से अधिक वस्तुओं का विस्तृत रजिस्टर मौजूद है. इनमें दर्ज कई वस्तुओं में से कुछ को प्रमाण के तौर पर प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिखाया गया. उन्होंने भरोसा जताया कि ट्रस्ट भविष्य में और ज्यादा सतर्कता और पारदर्शिता के साथ कार्य करेगा. 

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जांच के लिए कमिटी का गठन 

गोविंद देव गिरी ने कहा कि कुछ अधिकारियों की नियुक्ति के लिए एक समिति का गठन किया गया है. साथ ही उन्होंने जानकारी दी कि ट्रस्ट की अगली बैठक 22 जुलाई को आयोजित होगी. तब तक विशेष जांच दल (एसआईटी) की रिपोर्ट भी आने की उम्मीद है. 

उन्होंने कहा कि SIT रिपोर्ट मिलने के बाद ट्रस्ट उसकी समीक्षा करेगा और कुछ नए न्यासियों की नियुक्ति की घोषणा भी की जा सकती है. 

सख्त कार्रवाई की चेतावनी 

उन्होंने कहा कि जो भी अपराधी हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए और उन्हें उचित सजा मिलनी चाहिए. हालांकि, उन्होंने आरोप लगाया कि इस घटना को आधार बनाकर देशभर में अनावश्यक राजनीतिक माहौल बनाया जा रहा है. 

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गोविंद देव गिरी ने कहा, ‘आज वे लोग हमें उपदेश दे रहे हैं जिन्होंने कभी कारसेवकों पर गोलियां चलवाई थीं. राम के अस्तित्व पर सवाल उठाने वाले लोग अचानक रामभक्ति की बात कर रहे हैं. इसके पीछे कई कारण हैं, लेकिन सबसे बड़ा उद्देश्य समाज को बांटना है. 

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उन्होंने कहा कि अगर आपको लगता है कि आपका कोई सामान गायब है तो आप ट्रस्ट से समय लीजिए, आकर मिलिए और पूरी जानकारी रखिए. आप सभी धैर्य रखें, अपराधियों को दंड मिलेगा। रामराज्य आएगा, हम सभी रुकने वाले नहीं है. उन्होंने अपील की कि धैर्य रखें, शांत रहें, आपके हर सवालों का जवाब दिया जाएगा. मामले की समीक्षा के लिए अगली बैठक 22 जुलाई को होगी. 

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टिप्पणियाँ 1
G
Guest (अतिथि)
R
Raj Kumar Makkad
1 week ago

अति उत्तम निर्णय हैं न्यास का. जय श्री राम

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