×
जिस पर देशकरता है भरोसा
Advertisement

कस्टम ड्यूटी लगाई, फिर भी नहीं रुकी शॉपिंग...भारत के आगे नेपाल का नियम पड़ा फीका, भारतीय बाजारों की ओर उमड़ी नेपाली खरीदारों की भीड़

Nepal: नेपाल के नेशनल स्टैटिस्टिक्स ऑफिस (NSO) की नई रिपोर्ट ने यह साफ कर दिया है कि सीमा पार जाकर खरीदारी करना आज भी नेपाली लोगों की सबसे बड़ी जरूरत और पसंद बना हुआ है. यही वजह है कि विदेश यात्राओं का नया रिकॉर्ड बन गया है..

Author
04 Jul 2026
( Updated: 04 Jul 2026
12:15 PM )
कस्टम ड्यूटी लगाई, फिर भी नहीं रुकी शॉपिंग...भारत के आगे नेपाल का नियम पड़ा फीका, भारतीय बाजारों की ओर उमड़ी नेपाली खरीदारों की भीड़
Image Source: Meta AI/ IANS
Advertisement

Nepal: नेपाल सरकार ने सीमा पार खरीदारी को कम करने के लिए सख्त नियम लागू करने की कोशिश की थी, लेकिन ताजा आंकड़े बताते हैं कि लोगों की आदतों पर इसका ज्यादा असर नहीं पड़ा. भारत-नेपाल सीमा पर रहने वाले हजारों नेपाली नागरिक पहले की तरह भारत आकर खरीदारी करते रहे. अब नेपाल के नेशनल स्टैटिस्टिक्स ऑफिस (NSO की नई रिपोर्ट ने यह साफ कर दिया है कि सीमा पार जाकर खरीदारी करना आज भी नेपाली लोगों की सबसे बड़ी जरूरत और पसंद बना हुआ है. यही वजह है कि विदेश यात्राओं का नया रिकॉर्ड बन गया है..

एक साल में 41 लाख से ज्यादा विदेश यात्राएं

नेपाल के नेशनल स्टैटिस्टिक्स ऑफिस ने अक्टूबर 2024 से अक्टूबर 2025 के बीच लोगों की यात्रा से जुड़ा एक सर्वे किया. इस रिपोर्ट के अनुसार, इस एक साल में नेपाली नागरिकों ने 41 लाख से ज्यादा विदेश यात्राएं कीं. इनमें सबसे दिलचस्प बात यह रही कि करीब 35 लाख यात्राएं ऐसी थीं, जिनमें लोग एक ही दिन में सीमा पार गए और वापस लौट आए. वहीं करीब 6.22 लाख यात्राएं ऐसी रहीं, जिनमें लोगों ने विदेश में कम से कम एक रात बिताई.

मोदी-ताकाइची की मुलाकात से घबराया चीन! जिनपिंग को किस बात का है डर? सामने आई बड़ी वजह

भारत क्यों आते हैं सबसे ज्यादा नेपाली नागरिक?

Advertisement

रिपोर्ट के मुताबिक, एक ही दिन में होने वाली विदेश यात्राओं का सबसे बड़ा कारण खरीदारी है. लगभग 64 प्रतिशत लोग सिर्फ सामान खरीदने के लिए सीमा पार गए. दरअसल, भारत-नेपाल सीमा से लगे इलाकों में रहने वाले नेपाली नागरिकों को भारत के बाजारों में रोजमर्रा का सामान अक्सर सस्ता और आसानी से मिल जाता है. इसलिए वे जरूरत का सामान खरीदने के लिए नियमित रूप से भारत आते हैं और उसी दिन वापस अपने घर लौट जाते हैं.
भारत और नेपाल के बीच खुली सीमा होने के कारण दोनों देशों के लोगों का आना-जाना काफी आसान है. दोनों देशों के बीच लंबे समय से सामाजिक, सांस्कृतिक और पारिवारिक रिश्ते भी मजबूत रहे हैं. यही कारण है कि सीमा पार व्यापार और खरीदारी दोनों देशों के लोगों की जिंदगी का सामान्य हिस्सा बन चुके हैं.

सरकार ने लगाया था कस्टम ड्यूटी का नियम

कुछ समय पहले नेपाल सरकार ने नियम बनाया था कि अगर कोई व्यक्ति भारत से 100 नेपाली रुपये से ज्यादा कीमत का सामान लेकर आता है तो उसे कस्टम ड्यूटी देनी होगी. सरकार का उद्देश्य सीमा पार खरीदारी को कम करना था. लेकिन इस फैसले का सीमा से जुड़े इलाकों के लोगों और व्यापारियों ने जमकर विरोध किया. मामला अदालत तक पहुंचा और बाद में नेपाल के सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद इस नियम पर फिलहाल रोक लगा दी गई..

सीमा से जुड़े प्रांतों में सबसे ज्यादा आवाजाही

Advertisement

सर्वे में यह भी सामने आया कि नेपाल के मधेश और लुंबिनी प्रांतों से सबसे ज्यादा लोग भारत आए. मधेश प्रांत से सबसे अधिक एक-दिवसीय यात्राएं दर्ज की गईं, जबकि लुंबिनी से सबसे ज्यादा ऐसे लोग विदेश गए जिन्होंने एक रात या उससे अधिक समय बाहर बिताया. इन दोनों प्रांतों की भारत से सीधी सीमा लगती है, इसलिए यहां के लोग खरीदारी, व्यापार, इलाज, धार्मिक यात्राओं और रिश्तेदारों से मिलने के लिए बड़ी संख्या में भारत आते-जाते हैं.

सिर्फ खरीदारी ही नहीं, इलाज और रिश्तेदारी भी बड़ी वजह

रिपोर्ट के अनुसार, जो लोग एक से ज्यादा दिन के लिए विदेश गए, उनमें सबसे बड़ी संख्या उन लोगों की रही जो अपने दोस्तों और रिश्तेदारों से मिलने गए. इसके अलावा इलाज और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए यात्रा करने वालों की संख्या भी काफी रही. धार्मिक कारणों से यात्रा करने वाले लोग भी बड़ी संख्या में शामिल थे. इससे साफ होता है कि भारत और नेपाल के बीच सिर्फ व्यापार ही नहीं, बल्कि लोगों के व्यक्तिगत और पारिवारिक रिश्ते भी काफी मजबूत हैं.

Advertisement

त्योहारों के मौसम में सबसे ज्यादा बढ़ती हैं यात्राएं

यह भी पढ़ें

सर्वे में यह भी बताया गया है कि नवंबर से जनवरी के बीच सबसे ज्यादा नेपाली नागरिक विदेश यात्रा करते हैं. इस दौरान त्योहारों का मौसम रहता है और मौसम भी यात्रा के लिए अनुकूल होता है. इसी वजह से खरीदारी, परिवार से मिलने और धार्मिक कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में लोग भारत आते हैं. रिपोर्ट से यह साफ संकेत मिलता है कि सीमा पार खरीदारी और आपसी आवाजाही दोनों देशों के मजबूत संबंधों का अहम हिस्सा हैं और केवल सख्त नियम बनाकर इन्हें आसानी से रोका नहीं जा सकता.

Tags

Advertisement
टिप्पणियाँ 0
G
Guest (अतिथि)
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
अधिक
Advertisement
Advertisement
शॉर्ट्स
वेब स्टोरीज़
होम वीडियो खोजें