राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस में बड़ा एक्शन! आरोपी लवकुश मिश्रा के घर चलेगा बुलडोजर? पत्नी को मिला नोटिस
Ram Mandir Case: शुरुआती जांच में अधिकारियों को निर्माण कार्य में कई नियमों की अनदेखी दिखाई दी. इसी वजह से सुप्रिया मिश्रा से एक सप्ताह के भीतर जवाब मांगा गया है.अगर तय समय में संतोषजनक जवाब या जरुरी दस्तावेज नहीं दिए गए, तो प्रशासन अवैध निर्माण के खिलाफ कार्यवाई करते हुए बिल्डिंग को गिराने तक का फैसला ले सकता है..
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Ram Mandir Case: राम मंदिर के चढ़ावे की चोरी के मामले में आरोपी बनाए गए लवकुश मिश्रा की मुश्किलें अब और बढ़ती नजर आ रही है. अब जांच सिर्फ चोरी के आरोपों तक सिमित नहीं रही, बल्कि उनकी संपत्ति भी प्रशासन की नजर में आ गई है. अयोध्या विकास प्रधिकरण (ADA ) ने उनकी पत्नी सुप्रिया मिश्रा के नाम पर बन रही एक बिल्डिंग को लेकर नोटिस जारी किया है. शुरुआती जांच में अधिकारियों को निर्माण कार्य में कई नियमों की अनदेखी दिखाई दी. इसी वजह से सुप्रिया मिश्रा से एक सप्ताह के भीतर जवाब मांगा गया है. अगर तय समय में संतोषजनक जवाब या जरुरी दस्तावेज नहीं दिए गए, तो प्रशासन अवैध निर्माण के खिलाफ कार्यवाई करते हुए बिल्डिंग को गिराने तक का फैसला ले सकता है....
जांच के दौरान सामने आई कई गड़बड़ियां
जब अयोध्या विकास प्राधिकरण की टीम मौके पर पहुंची, तो उन्होंने निर्माण कार्य का बारीकी से निरीक्षण किया. अधिकारियों के मुताबिक, जिस तरीके से बिल्डिंग बनाई जा रही थी, वह तय नियमों और निर्माण मानकों के अनुरूप नहीं थी. सबसे बड़ा सवाल यह उठा कि क्या इस निर्माण के लिए पहले से नक्शा पास कराया गया था या नहीं. इसी बात को साफ करने के लिए नोटिस जारी किया गया है. प्रशासन ने साफ कहा है कि यदि नक्शा स्वीकृत है तो उससे जुड़े सभी दस्तावेज एक सप्ताह के भीतर जमा किए जाएं. अगर ऐसा नहीं हुआ, तो यह माना जाएगा कि निर्माण बिना अनुमति के किया जा रहा है और फिर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.
नौकरी के दौरान खरीदी गई थी जमीन
जांच में एक और अहम जानकारी सामने आई है. बताया जा रहा है कि जब लवकुश मिश्रा राम मंदिर कार्यालय में कार्यरत थे, उसी दौरान यह जमीन उनकी पत्नी सुप्रिया मिश्रा के नाम पर खरीदी गई थी. सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार, 16 अक्टूबर 2025 को सोहावल तहसील के मंगसी परगना क्षेत्र में रहने वाले कमल स्वरूप सिंह से यह जमीन खरीदी गई थी. फिलहाल इसी जमीन पर बिल्डिंग का निर्माण चल रहा है, जो अब प्रशासन की जांच के दायरे में आ चुका है.
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कागजों में कम कीमत, बाजार में कहीं ज्यादा मूल्य
इस जमीन की खरीद को लेकर भी कई सवाल उठ रहे हैं. रजिस्ट्री के समय इसकी कीमत सिर्फ 8.8 लाख रुपये दर्ज कराई गई थी, लेकिन स्थानीय बाजार के हिसाब से आज इस जमीन की कीमत करीब 25 लाख रुपये बताई जा रही है. यही वजह है कि अब जांच एजेंसियां यह भी समझने की कोशिश कर रही हैं कि जमीन की खरीद और उस पर हो रहे निर्माण में कहीं किसी तरह की अनियमितता तो नहीं हुई. फिलहाल प्रशासन की नजर इस पूरी संपत्ति पर बनी हुई है.
चोरी की जांच के साथ संपत्ति की भी पड़ताल
राम मंदिर के चढ़ावे की चोरी का मामला पहले से ही पुलिस और प्रशासन के लिए बेहद गंभीर बना हुआ है. जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि चोरी कैसे हुई, इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे और पूरे मामले की सच्चाई क्या है. अब आरोपी से जुड़ी संपत्ति पर भी कार्रवाई शुरू होने के बाद जांच का दायरा और बढ़ गया है. इससे साफ है कि प्रशासन सिर्फ चोरी के आरोपों तक सीमित नहीं रहना चाहता, बल्कि उससे जुड़े हर पहलू की गहराई से जांच कर रहा है.
अब सबकी नजर आरोपी के जवाब पर
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फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि सुप्रिया मिश्रा इस नोटिस का क्या जवाब देती हैं.अगर उनके पास निर्माण से जुड़े सभी वैध दस्तावेज मौजूद हैं, तो उन्हें निर्धारित समय के भीतर प्रशासन के सामने पेश करना होगा. लेकिन यदि ऐसा नहीं होता, तो बिल्डिंग के खिलाफ ध्वस्तीकरण जैसी सख्त कार्रवाई भी की जा सकती है. आने वाले दिनों में यह मामला किस दिशा में जाएगा, यह काफी हद तक प्रशासन की अगली कार्रवाई और आरोपी पक्ष के जवाब पर निर्भर करेगा. फिलहाल राम मंदिर चढ़ावा चोरी का यह मामला हर नए खुलासे के साथ और ज्यादा चर्चा का विषय बनता जा रहा है.