झारखंड में आखिरकार झुकी सोरेन सरकार, छात्रों की हुई बड़ी जीत, JPSC परीक्षा रद्द करने पर बनी सहमति: सूत्र
झारखंड में छात्र आंदोलन के 24वें दिन प्रदर्शनकारी छात्रों को बड़ी जीत मिली है. सूत्रों के मुताबिक 14वीं JPSC परीक्षा रद्द करने पर सहमति बन गई है. वहीं सरकार की ओर से अन्य मांगों पर चार मंत्रियों का समूह रिफॉर्म मंच से बातचीत करेगा.
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झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ चल रहे छात्र आंदोलन के बीच इस वक्त की बड़ी ख़बर सामने आ रही है. सूत्रों के मुताबिक सरकार 14वीं JPSC परीक्षा को रद्द करने पर सहमत हो गई है. आपको बता दें कि ये ऐलान झारखंड सरकार में मंत्री दीपिका पांडेय ने किया है.
झारखंड में प्रदर्शनकारी छात्रों की बड़ी जीत!
उन्होंने आगे कहा कि छात्रों की सभी जायज मांगों को मानने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं. इसी बीच तीसरे दौर की बातचीत में अन्य दूसरे मुद्दों पर भी आम सहमति बनाने के प्रयास किए जाएंगे. जेपीएससी-जेएसएससी अभ्यर्थियों की एक मांग है अनियमितताओं और दोषियों के खिलाफ CBI की जांच की मांग, जिस पर अब भी डेडलॉक बना हुआ है.
JPSC परीक्षा रद्द करने पर बनी सहमति: सूत्र
इस बीच सरकार और आंदोलनकारी छात्रों के बीच सोमवार को एक बार फिर वार्ता हो रही है. आंदोलन के 24वें दिन दोपहर दो बजे मोरहाबादी स्थित स्टेट गेस्ट हाउस में सरकार के चार मंत्रियों का समूह जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म मंच के प्रतिनिधिमंडल से बातचीत करेगा.
छात्रों को उनके विधिक सलाहकारों के साथ वार्ता में शामिल होने का प्रस्ताव दिया गया है. आंदोलनकारी छात्र जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा रद्द करने और जेपीएससी-जेएसएससी की भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं की सीबीआई जांच की दो प्रमुख मांगों पर कायम हैं. सरकार और छात्रों के बीच कई दौर की बातचीत के बावजूद अब तक दोनों प्रमुख मांगों पर सहमति नहीं बन सकी है. ऐसे में आज की वार्ता को आंदोलन के मौजूदा गतिरोध को तोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
तीसरे दौर की बातचीत में डेडलॉक खत्म करने पर जोर
राज्य सरकार की ओर से छात्रों को बातचीत का यह प्रस्ताव रविवार को दिया गया. अनुमंडल पदाधिकारी और एडीएम, लॉ एंड ऑर्डर ने आंदोलनकारियों को वार्ता की जानकारी दी. सरकार ने छात्रों के विधिक सलाहकारों को भी बातचीत में शामिल होने की अनुमति देने की बात कही है. वार्ता से एक दिन पहले रविवार शाम आंदोलनकारी छात्रों ने रांची में विरोध मार्च निकाला. जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से निकला मार्च अल्बर्ट एक्का चौक पहुंचा. यहां छात्रों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, कांग्रेस नेता राहुल गांधी और बिहार के राजद नेता तेजस्वी यादव के पुतले फूंके.
#WATCH | Protest by JPSC-JSSC candidates | Ranchi: Jharkhand Minister Deepika Pandey says, "...Continuous efforts are being made to meet all the legitimate demands of the students. I wish to place before you the points agreed upon after two rounds of discussions with them.… pic.twitter.com/ftv0jWVQ3T
— ANI (@ANI) August 17, 2026
20 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास के घेराव के ऐलान से बैकफुट पर सरकार!
छात्रों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को दोहराया. छात्रों ने 20 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास घेराव का ऐलान किया है. जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म मंच का कहना है कि यदि उनकी प्रमुख मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो राज्य के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में अभ्यर्थी रांची पहुंचेंगे. छात्र आंदोलन की दो प्रमुख मांगों को लेकर सरकार का अब तक का रुख अलग है. वर्ष 2024 में हुई जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा के माध्यम से दो हजार से अधिक पदों पर नियुक्तियां हो चुकी हैं.
सरकार का तर्क है कि इस चरण पर परीक्षा रद्द करना व्यावहारिक रूप से कठिन है. सरकार यह भी कहती रही है कि परीक्षा से जुड़ी शिकायतों की जांच पहले हुई है और मामला न्यायिक प्रक्रिया से भी गुजर चुका है. फिलहाल मामले से जुड़ी जांच राज्य की सीआईडी कर रही है. छात्र सीआईडी जांच पर भरोसा नहीं जता रहे हैं. उनका कहना है कि भर्ती परीक्षाओं से जुड़े मामलों में अब तक हुई जांच से उनका विश्वास बहाल नहीं हुआ है. वे पूरे मामले की सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं.
#WATCH | Ranchi: Ahead of fresh round of talks between student protesters and Jharkhand Govt today, Jharkhand Minister Dipika Pandey Singh says, "...After Jantar Mantar protest, a law similar to that brought in Jharkhand — which the BJP is protesting against here — was brought to… pic.twitter.com/36bByw0ROt
— ANI (@ANI) August 17, 2026
CBI जांच पर फंसा है पेंच!
दूसरी ओर, सरकार की ओर से सीबीआई जांच के विकल्प के रूप में सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय जांच समिति गठित करने का प्रस्ताव सामने आ चुका है. हालांकि, आंदोलनकारी छात्र इसे स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं हैं. इस बीच, सरकार और छात्रों के बीच पूर्व की वार्ताओं में परीक्षा सुधार से जुड़ी कई मांगों पर सहमति बनी है. सरकार 14वीं जेपीएससी सिविल सेवा परीक्षा और बैकलॉग सिविल सेवा परीक्षा रद्द करने की घोषणा भी कर चुकी है. आंदोलनकारी छात्रों ने पहली बार मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के इस्तीफे की मांग भी उठाई है.
हालांकि, सरकार के साथ आज होने वाली बातचीत में मुख्य फोकस भर्ती परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों और छात्रों की प्रमुख मांगों पर रहने की संभावना है. अब सबकी निगाहें दोपहर दो बजे होने वाली इस वार्ता पर टिकी हैं. यदि सरकार और छात्रों के बीच किसी साझा समाधान पर सहमति बनती है तो करीब साढ़े तीन सप्ताह से चल रहे आंदोलन को विराम देने की राह खुल सकती है. वहीं, बातचीत विफल रहने की स्थिति में 20 अगस्त के प्रस्तावित मुख्यमंत्री आवास घेराव को लेकर आंदोलन और तेज होने की संभावना है.
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