को-पायलट पर पहले ही उठे थे सवाल, मिला था जिहादी सामान... कैप्टन स्मित पर हमले के आरोपी पर बड़ा खुलासा
फ्लाईदुबई कॉकपिट हमले में बड़ा खुलासा, 2024 में सुरक्षा जांच के घेरे में आया था ओमानी सह-पायलट. अब सवाल है कि वह फ्लाईदुबई के कॉकपिट तक कैसे पहुंचा. इस बीच को-पायलट के नाम भी अब सामने आने का दावा भी किया गया है.
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फ्लाईदुबई की दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाइट FZ1073 में कॉकपिट के अंदर हुए हमले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे कई गंभीर सवाल सामने आ रहे हैं. सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिस ओमानी सह-पायलट पर भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार पर हमला करने और विमान को नुकसान पहुंचाने की कोशिश का आरोप है, वह पहले सुरक्षा जांच के घेरे में आने के बावजूद फ्लाईदुबई के कॉकपिट तक कैसे पहुंच गया. UAE समेत कई एजेंसियां अब इसी सवाल का जवाब तलाश रही हैं. इस बीच अब उस को-पायलट के नाम सामने आने भी दावा किया गया है.
2024 में भी उठे थे सवाल
ABC News की एक रिपोर्ट के मुताबिक, आरोपी सह-पायलट 2024 में ओमान एयर में ट्रेनिंग के दौरान सुरक्षा जोखिम के तौर पर चिन्हित किया गया था. अधिकारियों के मुताबिक, उसके पास कथित तौर पर कट्टरपंथी और जिहादी गतिविधियों से जुड़े कई कागज़ात बरामद हुए थे. इसके बाद उसे उड़ान से हटाकर प्रशासनिक काम में लगाया गया था. अब जांचकर्ता यह पता लगाने में जुटे हैं कि इसके बावजूद बाद में वह फ्लाईदुबई में पायलट के तौर पर कैसे नियुक्त हुआ और इजरायल जाने वाली फ्लाइट के कॉकपिट तक कैसे पहुंचा. यह सवाल इसलिए भी अहम है क्योंकि घटना किसी सामान्य रूट पर नहीं, बल्कि दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाइट में हुई. घटना के दौरान विमान अचानक तेजी से नीचे आया और दोनों पायलट घायल हो गए. इसके बाद कैप्टन स्मित मच्छार ने घायल होने के बावजूद कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफलता पाई, जिसके बाद यात्रियों और क्रू ने हमलावर को काबू करने में मदद की. रिजर्व पायलटों ने विमान को सऊदी अरब के तबुक में सुरक्षित उतारा. विमान में 174 लोग सवार थे.
को-पायलट का नाम आया सामने
CNN की एक रिपोर्ट के मुताबिक, हमलावर को-पायलट का नाम हमाम अल-हम्मामी है. जो ओमानी नागरिक है. रिपोर्ट के अनुसार, उसका जन्म यूनाइटेड अरब अमीरात में ओमानी पिता और सीरियाई मां के घर हुआ था. उसने अपने जिंदगी का ज्यादातर हिस्सा UAE में ही बताया था. इसे एक इजरायली अधिकारी के द्वारा पुष्ट भी किया गया है. दरअसल, हम्मामी के LinkedIn प्रोफाइल के मुताबिक़ उसने सात साल तक ओमान एयर में काम किया, फ़रवरी 2025 में नौकरी छोड़ दी, जून 2025 में रॉयल एयर मोरक्को में शामिल होने और जनवरी 2026 में जाने से पहले. पेज पर Flydubai का कोई ज़िक्र नहीं था.
UAE में चल रही है जांच
घटना के बाद आरोपी सह-पायलट को सऊदी अरब से UAE भेज दिया गया है. अब UAE के नेतृत्व में जांच चल रही है और इजरायली अधिकारी भी उससे पूछताछ कर सकते हैं. जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि हमला अचानक हुआ या इसके पीछे पहले से कोई योजना थी. साथ ही संभावित आतंकी गतिविधि या किसी बाहरी निर्देश की भी जांच की जा रही है. UAE के राष्ट्रपति के सलाहकार अनवर गर्गाश ने कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी की तारीफ करते हुए कहा कि उनके साहस और जिम्मेदारी ने संभावित बड़ी त्रासदी को टालने में मदद की. UAE अधिकारियों ने घटना को गंभीरता से लेते हुए इसकी परिस्थितियों और मकसद की जांच शुरू की है.
नेतन्याहू की चेतावनी से बढ़ी हलचल
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी घटना को गंभीरता से लेते हुए कहा है कि अगर इसके पीछे किसी देश या बाहरी ताकत की भूमिका सामने आती है तो उसे भारी कीमत चुकानी होगी. हालांकि, जांच के इस चरण में किसी देश की संलिप्तता का निर्णायक सबूत सार्वजनिक नहीं हुआ है. नेतन्याहू ने सह-पायलट के कथित कट्टरपंथीकरण की बात कही है, लेकिन जांच एजेंसियां अभी उसके वास्तविक मकसद और संभावित संपर्कों की पड़ताल कर रही हैं.
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बहरहाल, इस पूरी घटना ने एयरलाइन सुरक्षा और पायलटों की नियुक्ति से जुड़े जांच तंत्र पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं. सबसे अहम बात यही है कि 2024 में सुरक्षा संबंधी चिंताएं सामने आने के बाद आरोपी दोबारा अंतरराष्ट्रीय यात्री विमान के कॉकपिट तक कैसे पहुंचा. इस सवाल का जवाब जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा.