PM मोदी के आइडिया से इंप्रैस हुए पुतिन, यूक्रेन के साथ जंग खत्म करने का निकलेगा रास्ता! भारत को बताया मिसाल
व्लादिमीर पुतिन 23वें वल्दाई इंटरनेशनल डिस्कशन क्लब के मुख्य सत्र में शामिल हुए थे. इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ की.
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भारत और रूस के बीच रिश्ता सदियों पुराना है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और व्लादिमीर पुतिन की दोस्ती भी बेहद खास है. अब फिर एक बार पुतिन ने PM मोदी की तारीफ की है. पुतिन ने कहा कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हर मुलाकात में यूक्रेन संघर्ष को सुलझाने का मुद्दा उठाते हैं.
पुतिन ने यूक्रेन और रूस के बीच चल रही जंग में शांतिपूर्ण समाधान की सलाह को अहम माना. उन्होंने कहा, वे (PM मोदी) ऐसे सुझाव लेकर आते हैं, जो दोनों पक्षों के लिए स्वीकार्य हैं. वे इस झगड़े को शांति से और जल्द सुलझाना चाहते हैं. व्लादिमीर पुतिन 23वें वल्दाई इंटरनेशनल डिस्कशन क्लब के मुख्य सत्र में शामिल हुए थे. इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ की. पुतिन ने कहा,
‘नरेंद्र मोदी हर मुलाकात में यूक्रेन संघर्ष को सुलझाने का मुद्दा उठाते हैं. वे ऐसे सुझाव लेकर आते हैं, जो दोनों पक्षों के लिए स्वीकार्य हैं. वे इस झगड़े को शांति से और जल्द सुलझाना चाहते हैं.’
#WATCH | Russian President Vladimir Putin says, "Prime Minister Narendra Modi is one of those world leaders who, despite our very good and even friendly relations, personal good relations, constantly raises the question and asks the question about putting an end to the conflict… pic.twitter.com/BSJBswQn9G
— ANI (@ANI) October 1, 2026
PM मोदी के सुझाव से इंप्रैस पुतिन
रूसी समाचार एजेंसी 'टास' की रिपोर्ट के अनुसार, वल्दाई इंटरनेशनल डिस्कशन क्लब के 23वें सत्र में राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हर मुलाकात में यूक्रेन संघर्ष को सुलझाने का मुद्दा उठाते हैं.
उन्होंने कहा, ‘वह बहुत अच्छे सुझाव देते हैं, जिनका मकसद ऐसे समाधान तलाशना होता है जो दोनों पक्षों को स्वीकार हों, खास तौर पर ऐसे समाधान जिन पर दोनों पक्ष सहमत हो सकें.’
रूस-यूक्रेन जंग में भारत का रुख निष्पक्ष
रूसी राष्ट्रपति ने कहा कि भारत सरकार के प्रमुख का रुख निष्पक्ष है, लेकिन उनकी कोशिश इस संघर्ष को खत्म कराने की दिशा में है. उन्होंने आगे कहा,
‘हम भारत के प्रधानमंत्री के आभारी हैं कि वह इस संघर्ष को शांतिपूर्ण तरीके से और जितनी जल्दी हो सके, सुलझाना चाहते हैं.’
उन्होंने यह भी कहा कि मोदी मेरे अच्छे दोस्त हैं, फिर भी वे लगातार यूक्रेन युद्ध खत्म करने की बात उठाते हैं. वे जल्द युद्ध खत्म करने के पक्ष में हैं. इसके लिए उनके पास अच्छे सुझाव हैं.
पुतिन ने की भारत की तारीफ
इस दौरान रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भारतीय संस्कृति की विविधता और एकता बेहद सराहनीय बताया. उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में कुछ ऐसा है जो इसे बेहद खास बनाता है. यहां एक तरफ इतनी विविधता और अलग-अलग पहचान हैं, तो दूसरी तरफ एकता भी है. इस वजह से यह निश्चित रूप से एक मिसाल है और दूसरों के लिए उदाहरण बनने लायक है.
सत्र के दौरान पुतिन ने कहा कि रूस भविष्य की ओर आगे बढ़ने के लिए जोखिमों, मौकों और जरूरी लक्ष्यों का वास्तविकता के आधार पर आकलन करते हुए अपना रास्ता तय करने के लिए तैयार है. उन्होंने कहा कि निश्चित रूप से रूस दूसरे देशों और वहां के लोगों के साथ मिलकर भी इस दिशा में काम करने के लिए तैयार है.
सत्र के दौरान पुतिन ने कहा कि मौजूदा समस्याओं के बावजूद रूस का विकास जारी है और उसकी अर्थव्यवस्था मजबूत और टिकाऊ बनी हुई है. रूसी राष्ट्रपति ने कहा, ‘हमारे सामने कुछ मुश्किलें जरूर हैं, लेकिन हम उनका समाधान कर रहे हैं. अर्थव्यवस्था से जुड़े बड़े आंकड़े दिखाते हैं कि हमारी अर्थव्यवस्था अच्छी स्थिति में है और हमारी वित्तीय व्यवस्था और आर्थिक संस्थाएं स्थिर तरीके से काम कर रही हैं.’
BRICS में PM मोदी ने बातचीत और शांति पर दिया था जोर
दरअसल, BRICS समिट के लिए रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भारत आए थे. उस वक्त रूस-यूक्रेन के बीच युद्ध को लेकर PM मोदी ने एक बार फिर भारत का शांतिपूर्ण पक्ष रखा था.
PM मोदी ने कहा था कि बातचीत और कूटनीति ही विवादों को सुलझाने का एकमात्र रास्ता है. इससे पहले जब किर्गिस्तान के बिश्केक में SCO बैठक में PM मोदी और पुतिन की मुलाकात हुई थी, तब भी भारतीय प्रधानमंत्री ने दोहराया था कि ‘यह युद्ध का दौर नहीं है.’
वहीं, दोनों ने साझा बयान में जंग के अंत पर जोर दिया था. उन्होंने कहा था, ‘हमें 'कभी खत्म नहीं होने वाले युद्ध' की स्थिति से निकलकर 'युद्ध के अंत' की ओर बढ़ना होगा. मानवता यही चाहती है कि यह युद्ध जल्द से जल्द खत्म हो. हम यूक्रेन के मुद्दे पर चर्चा करते रहे हैं. पिछली बार जब हम मिले थे, तब भी आपने मुझे स्थिति के बारे में विस्तार से बताया था. जैसा कि आप जानते हैं, भारत इसे सुलझाने के लिए सभी शांतिपूर्ण तरीकों का समर्थन करता है.’
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रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध अब अपने पांचवें साल में है. वहीं, PM मोदी रूस को युद्ध खत्म करने के लिए भी पांच बार ही कह चुके हैं. उन्होंने अपने हर संबोधन में खास तौर पर कहा है कि यह दौर युद्ध का नहीं बल्कि लोकतंत्र, कूटनीति और संवाद का है.