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Uttarakhand: बारिश-आपदा के बीच चारधाम यात्रा ने बनाया बड़ा रिकॉर्ड, 114 दिनों में 47 लाख तीर्थयात्रियों ने किए दर्शन

23 अप्रैल को शुरू हुई बद्रीनाथ यात्रा के 110 दिन 10 अगस्त को पूरे हो गए. पिछले साल की तुलना में अब तक 3,50,192 ज्‍यादा श्रद्धालुओं ने मंदिर के दर्शन किए हैं. पूरे रास्ते में रहने, खाने और सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं.

Uttarakhand: बारिश-आपदा के बीच चारधाम यात्रा ने बनाया बड़ा रिकॉर्ड, 114 दिनों में 47 लाख तीर्थयात्रियों ने किए दर्शन
Image Credit: IANS
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मानसून की चुनौतियों के बावजूद उत्तराखंड में चारधाम यात्रा इस साल एक नया रिकॉर्ड बनाने जा रही है. सिर्फ 114 दिनों में 47 लाख से ज्‍यादा श्रद्धालुओं ने यह यात्रा की है, जो पिछले साल इसी अवधि के आंकड़ों से 4.68 लाख ज्यादा है. 

चारधाम यात्रा में बना रिकॉर्ड

10 अगस्त तक कुल 47,02,703 श्रद्धालुओं ने चार पवित्र धामों के दर्शन किए. पिछले साल इसी अवधि में यह संख्या 42,34,147 थी, यानी श्रद्धालुओं की संख्या में 4,68,556 की बढ़ोतरी हुई है.

मुख्यमंत्री धामी ने अधिकारियों को दिए खास निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे तीर्थयात्रियों की सुरक्षा को सबसे ज्‍यादा प्राथमिकता दें. राज्य सरकार श्रद्धालुओं की आवाजाही को नियंत्रित कर रही है और जब भी मौसम की स्थिति के कारण सावधानी बरतने की जरूरत होती है, तो यात्रा को कुछ समय के लिए रोक दिया जाता है.

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19 अप्रैल को हुई थी चारधाम यात्रा की शुरुआत

इस साल चारधाम यात्रा की शुरुआत 19 अप्रैल को गंगोत्री और यमुनोत्री के कपाट खुलने के साथ हुई थी.

अब तक सबसे ज्‍यादा 16,12,112 श्रद्धालु बद्रीनाथ पहुंचे हैं. इसके बाद केदारनाथ में 14,50,116, गंगोत्री में 7,37,629 और यमुनोत्री में 6,62,347 श्रद्धालु आए हैं. इसके अलावा, 2,40,499 श्रद्धालुओं ने हेमकुंड साहिब में भी मत्था टेका है.

अकेले सोमवार को खराब मौसम और प्रशासन की चेतावनियों के बावजूद 15,376 तीर्थयात्रियों ने चारधाम के दर्शन किए. बद्रीनाथ में एक दिन में सबसे ज्‍यादा 9,559 श्रद्धालु पहुंचे, जबकि केदारनाथ में 4,170, गंगोत्री में 1,204 और यमुनोत्री में 443 श्रद्धालु आए.

“तीर्थयात्रियों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता”

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धामी ने कहा कि चार धाम तीर्थयात्रियों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है.

उन्होंने कहा, "सक्रिय मानसून को देखते हुए आपदा प्रबंधन विभाग 24 घंटे अलर्ट पर है. जिलाधिकारियों को सतर्क रहने का निर्देश दिया गया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किए जा सकें. तीर्थयात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे मौसम की स्थिति को ध्यान में रखकर ही यात्रा करें."

23 अप्रैल को शुरू हुई बद्रीनाथ यात्रा के 110 दिन 10 अगस्त को पूरे हो गए. पिछले साल की तुलना में अब तक 3,50,192 ज्‍यादा श्रद्धालुओं ने मंदिर के दर्शन किए हैं. पूरे रास्ते में रहने, खाने और सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं.

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भूस्खलन की आशंका वाली जगहों पर सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं और मुख्यमंत्री राज्य आपदा नियंत्रण कक्ष के जरिए खुद हालात पर नजर रख रहे हैं.

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