मस्जिद के उद्घाटन पर क्यों भड़का जापान, अब बुलडोजर चलाने की उठाई मांग
Japan: मालिकाना रिकॉर्ड के अनुसार, यह जमीन मार्च 2025 में फुजिमी की एक रियल स्टेट कंपनी से कावागोए की एक फर्म के नाम हो गई थी. शहर के अधिकारी साफ़ कहते है कि मस्जिद बनाने के लिए कोई भी कानूनी मंजूरी नही ली गई. नगर पालिका ने एक बयान में कहा कि यह निर्माण नियमों के खिलाफ हुआ है और इसे हटाया भी जा सकता है.
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Japan Mosque Demolished: जापान के साइतामा प्रांत के कावागोए शहर में हाल ही में एक मस्जिद का निर्माण बिना कानूनी मंजूरी के किया गया. यह खबर जैसे ही सामने आई, विवाद का रूप ले लिया. स्थानीय अधिकारियों का कहना है की मस्जिद का निर्माण ऐसे इलाके में हुआ है..जिसे शहरीकरण नियंत्रण क्षेत्र कहा जाता है. ऐसे इलाकों में बिना विशेष अनुमति के कोई भी निर्माण करना मना है. मस्जिद का यह निर्माण करीब 4500 वर्ग मीटर जमीन पर हुआ है, जो पहाड़ी और वन क्षेत्र के रूप में दर्ज है.
मालिकाना रिकॉर्ड के अनुसार, यह जमीन मार्च 2025 में फुजिमी की एक रियल स्टेट कंपनी से कावागोए की एक फर्म के नाम हो गई थी. शहर के अधिकारी साफ़ कहते है कि मस्जिद बनाने के लिए कोई भी कानूनी मंजूरी नही ली गई. नगर पालिका ने एक बयान में कहा कि यह निर्माण नियमों के खिलाफ हुआ है और इसे हटाया भी जा सकता है....
राजदूत की मौजूदगी से विवाद और बढ़ा
इस मसले की वजह से और चर्चा बढ़ गई क्योंकि इस साल की शुरुआत में पाकिस्तान के राजदूत अब्दुल हमीद ने मस्जिद के उद्घाटन समारोह में हिस्सा लिया था. हालांकि, बाद में यह स्पष्ट हुआ कि आयोजकों ने राजदूत को भरोसा दिया था कि सभी कानूनी अनुमति ली गई हैं. याशियो मस्जिद का प्रतिनिधित्व करने वाले पाकिस्तानी नागरिक शकील शेख मोहम्मद ने इस प्रोजेक्ट की आलोचना की और कहा कि बिना अनुमति के निर्माण करना सही नहीं है. उनका मानना है कि स्थानीय लोगों के साथ अच्छे संबंध बनाए बिना किसी भी मस्जिद का निर्माण समुदाय के लिए मुश्किलें पैदा कर सकता है.
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पाकिस्तानी दूतावास की सफाई
जापानी मीडिया में खबरें आने के बाद पाकिस्तान के दूतावास ने तुरंत बयान जारी किया. दूतावास ने जापान में रहने वाले अपने नागरिकों से कहा कि वे हमेशा स्थानीय नियमों का पालन करें और बिना अनुमति किसी भी मस्जिद या नमाज स्थल का निर्माण न करें. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि राजदूत ने उद्घाटन समारोह में हिस्सा केवल इसलिए लिया क्योंकि उन्हें बताया गया था कि सभी कानूनी मंजूरी ली जा चुकी हैं.
Once again Pakistan has brought shame upon itself.
The mosque inaugurated by the Pakistani ambassador in Japan was declared fake by Japan.
Now the Jihadis will oppose Japan but will not be able to do anything. pic.twitter.com/Gla4kNT3c7— Vikas Rathore(हिन्दू ) (@VikasRathore241) June 3, 2026Advertisement
दूतावास ने अपने समुदाय से अपील की कि वे जापानी अधिकारियों के साथ सहयोग करें और किसी भी प्रोजेक्ट की कानूनी स्थिति को पारदर्शी रूप से स्थानीय लोगों तक पहुँचाएँ. उन्होंने यह दोहराया कि दूतावास का किसी भी अवैध प्रोजेक्ट से कोई संबंध नहीं है.
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विदेश में रहते हुए भी हमें स्थानीय कानूनों का पूरी तरह सम्मान करना चाहिए. चाहे धार्मिक प्रोजेक्ट हो या कोई और निर्माण, किसी भी काम को शुरू करने से पहले अनुमति लेना बहुत जरूरी है.