खाड़ी में होगी भीषण जंग? ट्रंप व्हाइट हाउस, नेतन्याहू इजरायल लौटे, ईरान ने तीनों सेनाओं को अलर्ट कोड 100 जारी किया
अमेरिका और ईरान के साथ-साथ रूस और नाटो के बीच सैन्य तनाव की आशंका बढ़ गई है. एक ओर जहां ट्रंप अपना वीकेंड शॉर्ट कर व्हाइट हाउस लौट आए, उनके प्रेस कवरेज पर रोक लगा दी गई और नेतन्याहू भी आधा दौरा रद्द कर फौरन इज़रायल लौट गए. वहीं ईरान ने अपने सेनाओं के लिए अलर्ट कोड 100 जारी किया है.
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अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर भीषण जंग की आशंका बढ़ गई है. एक ओर जहां खाड़ी में हलचल बढ़ी हुई है तो वहीं नाटो-रूस के देशों के बीच भी तनाव पैदा हो गया है. इसकी वजह है ट्रंप का कैंप डेविड में वीकेंड शॉर्ट करके व्हाइट हाउस लौटना और ईरान की ओर कथित तौर पर अपनी तीनों सेनाओं और IRGC के लिए Code-100 अलर्ट जारी करना.
ट्रंप ने अपनी छुट्टी रद्द की और व्हाइट हाउस लौटे!
Axios की रिपोर्ट के अनुसार ट्रंप ना सिर्फ समय से पहले आनन-फ़ानन में व्हाइट हाउस लौट आए बल्कि उनके साथ यात्रा कर रहे प्रेस पूल को भी जानकारी नहीं दी गई कि राष्ट्रपति ने अपना दौरा शॉर्ट क्यों किया और समय से पहले क्यों लौटे. इसी के बाद संभावित सैन्य तनाव की आशंका बढ़ गई है.
इसी के बीच आशंका बढ़ रही है कि क्या खाड़ी में फिर से हमले बढ़ने वाले हैं? मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़ ईरान ने बीते कई घंटे में सभी आर्म्ड फोर्सेज़ के लिए "कोड 100" जारी किया है. ये उसका सबसे ऊंचा अलर्ट लेवल है, इसमें IRGC, आर्मी और सिक्योरिटी फोर्सेज़ शामिल हैं.
ईरान ने अपनी तीनों सेनाओं के लिए कोड-100 जारी किया!
कहा जा रहा है कि ईरान ने अमेरिका से आ रही ख़बरों के बीच ये अलर्ट जारी किया है. इसको ट्रंप के कैंप डेविड से वीकेंड छोटा करके व्हाइट हाउस लौटने से जोड़ा जा रहा है. इसे ‘तनाव’ बढ़ने की संभावना के मद्देनज़र उठाया गया कदम माना जा रहा है.
वहीं दूसरी ओर इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी अपना अमेरिकी दौरा छोटा कर इज़राइल लौटने का फ़ैसला किया. उधर मिडिल ईस्ट में हर US दूतावास ने पिछले कुछ घंटों में सिक्योरिटी अलर्ट जारी किया है. नेतन्याहू की एलन मस्क के साथ मीटिंग होनी थी, उसे भी कैंसिल कर दिया गया है.
वहीं एक और अमेरिकी जर्नलिस्ट केली मेयर ने पुष्टि की है कि रात 8:30 बजे EDT से राष्ट्रपति (POTUS) के आसपास 'प्रेस और फोटो लिड' (मीडिया कवरेज पर अस्थायी रोक) लागू कर दिया गया. इसका मतलब है कि राष्ट्रपति दिन के शेष समय में जनता से कोई बातचीत नहीं करेंगे और न ही उनकी कोई तस्वीर ली जाएगी. गौरतलब है कि यह अचानक रवानगी उस घटना के बाद हुई जब कैंप डेविड के प्रतिबंधित हवाई क्षेत्र के ऊपर एक एफ-16 नोराड (NORAD) द्वारा एक विमान को रोका (इंटरसेप्ट किया) गया था. हालांकि, यह तुरंत स्पष्ट नहीं हो सका कि दोनों घटनाएं आपस में जुड़ी हुई थीं या नहीं.
अमेरिका ने मिडिल ईस्ट में अपने लोगों के लिए अलर्ट जारी किया!
इसी बीच U.S. डिपार्टमेंट ऑफ़ स्टेट के कॉन्सुलर अफ़ेयर्स ने मिडिल ईस्ट के लिए एक सिक्योरिटी अलर्ट जारी किया है. इसमें इस क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी नागरिकों से कहा गया है कि वे सुरक्षा की जटिल स्थितियों और अचानक तनाव बढ़ने की आशंका को देखते हुए ज़्यादा सतर्क रहें.
अपने ट्वीट में, U.S. डिपार्टमेंट ऑफ़ स्टेट के कॉन्सुलर अफ़ेयर्स ने लिखा, "...मिडिल ईस्ट में मौजूद अमेरिकियों को ज़्यादा सतर्क रहना चाहिए और संभावित फ़्लाइट कैंसिलेशन, एयरस्पेस बंद होने और यात्रा में रुकावटों के बारे में जानकारी रखनी चाहिए. ईरान समर्थित हूथी गुटों ने सऊदी अरब के ख़िलाफ़ हमले किए हैं, जिनमें आम नागरिकों के एयरपोर्ट भी शामिल हैं. इस सैन्य टकराव के तेज़ी से बढ़ने की आशंका है. जो अमेरिकी मिडिल ईस्ट से बाहर हैं, उन्हें इस क्षेत्र की यात्रा करने या यहाँ से गुज़रने के बारे में गंभीरता से दोबारा सोचना चाहिए. जो लोग इस क्षेत्र की यात्रा करते हैं या यहाँ से आते-जाते हैं, उन्हें एयरपोर्ट और एयरलाइन के कामकाज के बारे में जानकारी पर नज़र रखनी चाहिए. मिडिल ईस्ट के बाहर भी अमेरिकी राजनयिक ठिकानों को निशाना बनाया गया है. ईरान और ईरान का समर्थन करने वाले समूह विदेशों में या दुनिया भर में अमेरिका और अमेरिकियों से जुड़ी जगहों पर अमेरिकी हितों को निशाना बना सकते हैं, जिनमें अमेरिकी व्यवसाय और अन्य संस्थान शामिल हैं."
The U.S. Department of State Consular Affairs has issued a comprehensive Security Alert for the Middle East, urging American citizens currently in the region to exercise heightened vigilance due to complex security environments and the potential for unforeseen escalation.
— ANI (@ANI) September 19, 2026
In its… pic.twitter.com/atcRYLCMju
ईरान-अमेरिका के बीच जंग की बढ़ी आशंका?
फ्रेडरिक काउंटी, मैरीलैंड के वीकेंड प्रवास से इस अचानक रवानगी ने कई अटकलों को हवा दे दी है, विशेष रूप से इसलिए क्योंकि यह मध्य पूर्व के दो अन्य महत्वपूर्ण घटनाक्रमों के समय ही हुई है.
दूसरा, कई अपुष्ट रिपोर्टों में दावा किया गया कि ईरान ने अपने सशस्त्र बलों के लिए तैयारी का सर्वोच्च स्तर का अलर्ट "कोड 100" जारी किया है. हालांकि, किसी भी ईरानी समाचार एजेंसी द्वारा इसकी पुष्टि नहीं की गई है.
रूस-नाटो तनाव बढ़ा
मध्य पूर्व ही एकमात्र ऐसी जगह नहीं है जहाँ अमेरिका मुश्किल में है. देश द्वारा रूस प्रतिबंध अधिनियम पारित किए जाने के बाद—जो ट्रंप को रूस से ईंधन और गैस आयात करने वाले देशों पर 100% तक टैरिफ लगाने के व्यापक अधिकार देता है.
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शुक्रवार को ट्रंप द्वारा इस बिल पर हस्ताक्षर किए जाने के कुछ ही घंटों बाद, पोलिटिको (POLITICO) ने एक रिपोर्ट प्रकाशित की जिसमें कहा गया कि यूरोपीय नेता चिंतित हैं कि रूस "नाटो देशों के खिलाफ ड्रोन या मिसाइल हमले कर सकता है."