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BRICS Summit: शी जिनपिंग के भारत दौरे के बीच बड़ा ऐलान, 6 साल बाद फिर शुरू होगी दिल्ली-ग्वांगझोउ सीधी उड़ान

ग्वांगझोउ-दिल्ली हवाई सेवा को दोबारा शुरू करने का फैसला भारत और चीन के बीच सीधी कनेक्टिविटी को बढ़ाने की दिशा में अहम माना जा रहा है. कोरोना महामारी के बाद दोनों देशों के बीच सीधी उड़ान सेवाएं लंबे समय तक बाधित रही थीं. चाइना साउदर्न की दिल्ली-ग्वांगझोउ सेवा भी इसी दौरान बंद हुई थी और अब करीब छह साल बाद इसकी वापसी हो रही है.

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12 Sep 2026
( Updated: 12 Sep 2026
11:48 AM )
BRICS Summit: शी जिनपिंग के भारत दौरे के बीच बड़ा ऐलान, 6 साल बाद फिर शुरू होगी दिल्ली-ग्वांगझोउ सीधी उड़ान
Image Credit: IANS/Deepak Kumar
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चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के भारत दौरे के बीच दोनों देशों के बीच हवाई संपर्क बहाल करने की दिशा में एक अहम कदम उठाया गया है. चीन की प्रमुख एयरलाइन 'चाइना साउदर्न एयरलाइंस' 21 सितंबर से नई दिल्ली और ग्वांगझोउ के बीच सीधी यात्री उड़ानें फिर शुरू करने जा रही है. यह सेवा करीब छह साल के अंतराल के बाद बहाल होगी. 

दक्षिण एशिया में 100 से ज्यादा साप्ताहिक उड़ानें

चाइना साउदर्न के अनुसार, दिल्ली-ग्वांगझोउ मार्ग की बहाली के साथ दक्षिण एशिया में उसकी सेवाएं आठ राउंड-ट्रिप मार्गों पर सप्ताह में 100 से अधिक उड़ानों तक पहुंच जाएंगी. ग्वांगझोउ चीन का एक प्रमुख कारोबारी और औद्योगिक केंद्र है और दक्षिणी चीन के साथ भारत के व्यापारिक संपर्क के लिए भी यह मार्ग महत्वपूर्ण है. 

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एयर इंडिया ने इसी साल फरवरी में अपनी नई दिल्ली-चीन सर्विस फिर से शुरू की थी.

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दूसरी एयरलाइंस भी बहाल कर चुकी हैं चीन की उड़ानें

वहीं, चाइना ईस्टर्न एयरलाइंस ने 18 अप्रैल को अपना कुनमिंग-कोलकाता रूट फिर से शुरू किया. एयर चाइना ने अप्रैल में अपनी बीजिंग-दिल्ली सर्विस फिर से शुरू की थी.

इंडिगो ने भी 30 मार्च को कोलकाता और शंघाई के बीच रोजाना नॉन-स्टॉप उड़ानें शुरू कीं. पिछले साल, इंडिगो ने 10 नवंबर से नई दिल्ली और चीन के ग्वांगझोउ के बीच नई रोजाना सीधी उड़ानें शुरू की थीं.

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गलवान के बाद पहली बार भारत दौरे पर शी जिनपिंग

चाइना साउदर्न की ओर से यह घोषणा ऐसे समय में हुई है, जब चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग 12-13 सितंबर को नई दिल्ली में आयोजित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने भारत पहुंचे हैं. यह 2020 के गलवान संघर्ष के बाद शी जिनपिंग का पहला भारत दौरा है और दोनों देशों के बीच पिछले कुछ समय से जारी राजनयिक सुधार की प्रक्रिया के लिहाज से इसे महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

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भारत-चीन रिश्तों में कनेक्टिविटी बनी अहम कड़ी

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ग्वांगझोउ-दिल्ली हवाई सेवा को दोबारा शुरू करने का फैसला भारत और चीन के बीच सीधी कनेक्टिविटी को बढ़ाने की दिशा में अहम माना जा रहा है. कोरोना महामारी के बाद दोनों देशों के बीच सीधी उड़ान सेवाएं लंबे समय तक बाधित रही थीं. चाइना साउदर्न की दिल्ली-ग्वांगझोउ सेवा भी इसी दौरान बंद हुई थी और अब करीब छह साल बाद इसकी वापसी हो रही है. 

भारत और चीन के रिश्तों में पिछले कुछ वर्षों में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिले हैं. जून 2020 में गलवान घाटी में हुई हिंसक झड़प के बाद दोनों देशों के संबंधों में गंभीर तनाव पैदा हो गया था. इसके बाद दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश, वीजा और लोगों के बीच संपर्क से जुड़े कई क्षेत्रों में भी असर पड़ा.

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हालांकि, अक्टूबर 2024 में सीमा पर सैन्य गतिरोध कम करने को लेकर हुए समझौते के बाद दोनों देशों के रिश्तों में धीरे-धीरे सुधार के संकेत दिखाई देने लगे. इसके बाद सीधी उड़ानों की बहाली, कारोबारियों के लिए वीजा प्रक्रिया में सुधार और व्यापारिक संपर्क बढ़ाने की दिशा में कदम उठाए गए.

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