×
जिस पर देशकरता है भरोसा
Advertisement

US ने ईरान के मिसाइल-ड्रोन इलाकों पर की स्ट्राइक, ईरानी सेना ने बहरीन से लिया बदला, अमेरिकी ठिकानों पर जोरदार हमला

अमेरिकी सेना ने ईरान के मिसाइल-ड्रोन ठिकानों और तटीय रडार साइट्स को निशाना बनाते हुए हमला किया. जिसका जवाब ईरानी सेना ने बहरीन से दिया.

Author
27 Jun 2026
( Updated: 27 Jun 2026
06:39 PM )
US ने ईरान के मिसाइल-ड्रोन इलाकों पर की स्ट्राइक, ईरानी सेना ने बहरीन से लिया बदला, अमेरिकी ठिकानों पर जोरदार हमला
File Photo- IANS Via Xinhua
Advertisement

Iran Attack on Bahrain: ईरान और अमेरिका के बीच अभी वॉर थमा नहीं है. अमेरिका की ईरान पर कार्रवाई का अंजाम मिडिल ईस्ट के कई देश भुगत रहे हैं. अमेरिकी सेना ने ईरान के मिसाइल-ड्रोन ठिकानों और तटीय रडार साइट्स को निशाना बनाते हुए हमला किया. जिसका जवाब ईरानी सेना ने बहरीन से दिया. 

अमेरिका ने बहरीन को निशाना बनाते हुए ड्रोन हमला किया. बहरीन के विदेश मंत्रालय ने शनिवार सुबह अपने क्षेत्र में हुए ड्रोन हमलों का जिम्मेदार ईरान को ठहराया है. मंत्रालय ने इसे बहरीन की संप्रभुता का स्पष्ट उल्लंघन, नागरिकों और निवासियों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बताया. वहीं, कुवैत ने भी मनामा को निशाने पर लिए जाने की कड़े शब्दों में निंदा की. 

बहरीन ने ईरान के हमले पर क्या कहा? 

Advertisement

बयान में कहा गया कि यह हमला ऐसे समय हुआ है जब क्षेत्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर तनाव कम करने की कोशिशें जारी हैं. मंत्रालय ने आरोप लगाया कि ईरानी कार्रवाई शांति प्रयासों को कमजोर करती है और क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता को अस्थिर करने की नीति को दर्शाती है.

बहरीन ने कहा कि शांति डर से नहीं स्थापित की जा सकती और उसकी राष्ट्रीय एकता किसी भी तरह के खतरे से कमजोर नहीं होगी. बहरीन ने ईरान को पलटवार की चेतावनी देते हुए कहा, 
देश अपनी संप्रभुता, सुरक्षा और स्थिरता की रक्षा के लिए अंतर्राष्ट्रीय कानून के तहत सभी जरूरी कदम उठाने का अधिकार रखता है. 

ईरान ने तोड़ा वादा- बहरीन 

Advertisement

बहरीन ने कहा कि ईरान की लगातार कार्रवाई अंतर्राष्ट्रीय इच्छा के खिलाफ सीधी चुनौती है. मंत्रालय ने यह भी कहा कि ईरान ने 17 जून 2026 को हस्ताक्षरित ‘इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन’ के तहत सैन्य कार्रवाई रोकने और क्षेत्रीय देशों की संप्रभुता का सम्मान करने का वादा किया था, लेकिन हालिया घटनाएं उसके इन दावों के विपरीत हैं. 

कुवैत के विदेश मंत्रालय ने भी बहरीन पर हुए हमले की कड़ी निंदा की है. कुवैत ने इसे अंतर्राष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर का उल्लंघन बताया. साथ ही बहरीन को पूरा समर्थन देने का दावा किया. 

दोनों देशों ने अंतर्राष्ट्रीय समुदाय और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से अपील की है कि वह इस मामले में जिम्मेदारी निभाए और क्षेत्रीय शांति और स्थिरता सुनिश्चित करे. 

Advertisement

ईरान ने क्या कहा था? 

शनिवार सुबह ही ईरान के विदेश मंत्रालय ने कहा था कि IRGC ने अमेरिका से जुड़े ठिकानों पर अटैक किया है. उन्होंने इसे ईरान के दक्षिणी तटीय इलाकों पर हुए अमेरिकी हवाई हमलों का जवाब करार दिया था.

यह भी पढ़ें- हिजबुल्लाह पर इजरायली सेना की बमबारी, पलटवार में दागे गए मिसाइल, जिद में लेबनान बना जंग का अड्डा!

बयान में कहा, ‘अमेरिकी हमले संयुक्त राष्ट्र चार्टर और दोनों देशों के बीच युद्ध समाप्त करने के लिए हुए समझौते का उल्लंघन हैं.’ हालांकि, ईरान ने यह नहीं बताया था कि किन ठिकानों पर हमला किया गया. ईरान की संसद के सदस्य इब्राहिम अजीजी ने एक्स पर लिखा, ‘अमेरिका ने एक बार फिर बातचीत के बीच ईरान पर हमला किया है. युद्धविराम का यह उल्लंघन अमेरिका के लिए पीछे हटने और पछतावे की वजह बनेगा.’

Advertisement

यह भी पढ़ें

 

Tags

Advertisement
टिप्पणियाँ 0
G
Guest (अतिथि)
LIVE
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
शॉर्ट्स
वेब स्टोरीज़
होम वीडियो खोजें