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पाकिस्तान की फिर खुली पोल…शोएब अख्तर के भाई के नमाज-ए-जनाजा में आई आतंकियों की 'फौज', साथ में दिखा लश्कर आतंकी

पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर शोएब अख्तर के भाई के अंतिम संस्कार में लश्कर के कई आतंकवादी देखे गए. इसमें लश्कर का डिप्टी चीफ सैफुल्ला कसूरी भी शामिल था. कसूरी भारत-विरोधी भड़काऊ बयानों के लिए जाना जाता है. शोएब के बड़े भाई का निधन 24 जून को हुआ था.

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27 Jun 2026
( Updated: 27 Jun 2026
04:15 PM )
पाकिस्तान की फिर खुली पोल…शोएब अख्तर के भाई के नमाज-ए-जनाजा में आई आतंकियों की 'फौज', साथ में दिखा लश्कर आतंकी
Image Source: IANS/ Video Screengrab/ @OsintTV
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पाकिस्तान में आतंकवादी आज भी खुल्ला घूम रहे हैं, ये एक बार फिर साबित हो गया है. पाकिस्तानी आर्मी का संरक्षण आतंकियों दिया जा रहा है, इसका भी खुलासा एक बार फिर उस वक्त हुआ जब पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर शोएब अख्तर के बड़े भाई के नमाज-ए-जनाजे में लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के कई आतंकवादी देखे गए. इस दौरान कथित तौर पर संगठन का डिप्टी चीफ सैफुल्ला कसूरी भी मौजूद था. शाहिद अख्तर का निधन 24 जून को हुआ था. आपको बता दें सैफुल्ला कसूरी को भारत विरोधी गतिविधियों, आतंकी वारदातों और प्लानिंग के साथ-साथ भड़काऊ बयानबाजी के लिए जाना जाता है.

शोएब अख्तर के भाई के अंतिम संस्कार में आई आतंकवादियों की फौज

शाहिद अख्तर के नमाज-ए-जनाजा का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. इसमें देखा जा सकता है कि इसमें लश्कर ए-तैयबा के पॉलिटिकल विंग पाकिस्तान मरकज़ी मुस्लिम लीग (PMML) का अध्यक्ष इनाम-उर-रहमान भी अंतिम संस्कार में शामिल हुआ था. यह संगठन भारत में हुए सबसे खतरनाक आतंकी हमलों, जैसे 26/11 मुंबई हमले और पहलगाम नरसंहार, के पीछे रहा है. अंतिम संस्कार इस्लामाबाद के H-8 कब्रिस्तान में हुआ था.

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क्या है PMML और हाफिज सईद का कनेक्शन?

आपको बता दें कि UN द्वारा घोषित आतंकवादी हाफ़िज़ सईद ने PMML को असल में जमात-उद-दावा (JuD) और मिली मुस्लिम लीग (MML) जैसे अपने संगठनों पर लगे अंतरराष्ट्रीय और घरेलू प्रतिबंधों से बचने के लिए एक मुखौटे के तौर पर तैयार किया था. PMML ने 2024 के पाकिस्तानी चुनावों में भी हिस्सा लिया था.

मालूम हो कि कसूरी जैसे आतंकवादियों का खुलेआम किसी सार्वजनिक कार्यक्रम में शामिल होना एक बार फिर साबित कर रहा है कि भारत-विरोधी तत्वों को पाकिस्तान में लगातार समर्थन और संरक्षण दिया जा रहा है. ये साफ तौर पर दिखाता है कि आतंकवाद को फैलाने देने वाले देश पाकिस्तान में आतंकवादी किस तरह खुलेआम घूम रहे हैं. इससे ये भी पता चलता है कि पाकिस्तान में आतंकी संगठनों पर प्रतिबंध लगाना ही अपने आप में बेमानी है. आपको बता दें कि शोएब अख्तर ने 2011 में क्रिकेट से संन्यास ले लिया था, लेकिन वे पाकिस्तान में कमेंटेटर के तौर पर अभी काम कर रहे हैं. उन्होंने IPL के लिए भी कमेंट्री की है.

 कौन है सैफुल्ला कसूरी?

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सैफुल्ला कसूरी का इस तरह एक सार्वजनिक कार्यक्रम में शामिल होना दिल्ली के लिए चिंता की लकीरें खींच दी हैं. लश्कर का डिप्टी चीफ कसूरी अपने भारत-विरोधी और भड़काऊ बयानों के लिए जाना जाता है. पहलगाम आतंकी हमला, जिसमें 26 निर्दोष लोगों की जान गई थी, उसके बाद कई भड़काऊ भाषण वायरल हुए थे.

अचानक क्यों सार्वजनिक रूप से दिखने लगे हैं आतंकी?

जहां तक पाकिस्तान में आतंकियों का खुलेआम घूमने की बात है तो इसकी अपनी वजहें हैं. दरअसल ऑपरेशन सिंदूर में जिस तरह पाकिस्तानी आतंकियों की कमर तोड़ी गई, उनके ठिकाने नष्ट किए, लश्कर के मुरीदके स्थित हेडक्वार्टर समेत कई अहम आतंकी कैंप नष्ट कर दिए गए, उससे ये हिल गए हैं. इनका हिम्मत तोड़ दी गई, संगठन तितर-बितर कर दिया गया. उसे फिर से जागृत करने के लिए ये आतंकी फिर से सार्वजनिक, पॉलिटिल और अन्य बड़े लोगों के कार्यक्रमों में शामिल हो रहे हैं ताकि फंडिग और सपोर्ट हासिल किया जा सके.

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भारत ने ऑपरेशन सिंदूर से पहले सिंधु जल संधि को सस्पेंड कर दिया था और बाद में पाकिस्तानी एयर स्पेस, एयर बेस और मिलिट्री बेस को उड़ा दिया था, जिसके खिलाफ भी ये लामबंदी करने में लगे हैं.

भारत को गीदड़भभकी देने के लिए जाना जाता है कसूरी!

इतना ही नहीं इसी साल फरवरी में सामने आए एक वीडियो में कसूरी भारत को खुली धमकी देते हुए देखा गया. इसमें वो दावा कर रहा था कि ज़मीन, हवा या समुद्र में ‘दुश्मन’ के लिए कोई जगह नहीं बचेगी. उसने सिंधु जल संधि को सस्पेंड करने की ओर इशारा करते हुए भारत पर ‘वॉटर टेररिज्म’ (पानी के ज़रिए आतंकवाद) का आरोप भी लगाया था और धमकी दी थी कि कश्मीर में दबाव का जवाब दूसरी जगहों पर अशांति फैलाकर दिया जाएगा.

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एक और वीडियो में कसूरी वह बात स्वीकार करता दिख रहा है जो लंबे समय से पता थी - लश्कर जैसे आतंकी संगठनों को पाकिस्तानी सेना का अंदरूनी समर्थन. कसूरी को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि सेना अक्सर उसे अपने कार्यक्रमों में बुलाती है और अपने सैनिकों के अंतिम संस्कार की नमाज़ की अगुवाई करने के लिए भी आमंत्रित करती है.

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वीडियो में लश्कर का आतंकवादी कहता हुआ सुनाई देता है, "(पाकिस्तान) सेना मुझे जनाज़े की नमाज़ की अगुवाई करने के लिए बुलाती है. क्या आप जानते हैं कि भारत भी मुझसे डरता है?" कसूरी और दूसरे आतंकवादियों के हालिया भड़काऊ बयान ऐसे समय में आए हैं जब खुफिया जानकारी मिली है कि लश्कर जैसे संगठन पिछले साल भारत के विनाशकारी हमलों के बाद फिर से संगठित हो रहे थे.

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