PoK में पाक फौज ने बर्बरता की सारी हदें की पार, निहत्थे लोगों पर बरसाईं ताबड़तोड़ गोलियां, 40 से ज्यादा की हुई मौत, VIDEO
PoK Protest: प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सुरक्षाबल आंदोलन को दबाने के लिए बल प्रयोग कर रहे हैं और लोगों पर गोलियां चलाई जा रही हैं. विरोध के बावजूद PoK में लोगों का गुस्सा कम नहीं हो रहा है. कई इलाकों में दिन के साथ-साथ रात के समय भी प्रदर्शन जारी हैं. स्थानीय लोगों में पाकिस्तानी सेना और प्रशासन के खिलाफ नाराजगी बढ़ती जा रही है.
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PoK Protest: पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में हालात लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं. इलाके में चल रहे विरोध प्रदर्शनों को रोकने के लिए पाकिस्तानी सेना और रेंजर्स पर सख्त कार्रवाई करने के आरोप लग रहे हैं. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सुरक्षाबल आंदोलन को दबाने के लिए बल प्रयोग कर रहे हैं और लोगों पर गोलियां चलाई जा रही हैं. उनकी कार्रवाई में 40 लोगों के मारे जाने और दर्जनों के घायल होने का दावा किया गया है. विरोध के बावजूद PoK में लोगों का गुस्सा कम नहीं हो रहा है. कई इलाकों में दिन के साथ-साथ रात के समय भी प्रदर्शन जारी हैं. स्थानीय लोगों में पाकिस्तानी सेना और प्रशासन के खिलाफ नाराजगी बढ़ती जा रही है.
प्रदर्शनकारियों की मौत का दावा, हालात हुए गंभीर
कश्मीर में विरोध प्रदर्शनों का नेतृत्व कर रही जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) का आरोप है कि पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे लोगों पर गोलीबारी की. कमेटी के मुताबिक, मंगलवार को हुई कार्रवाई में 5 लोगों की मौत हुई.., जबकि इससे पहले सोमवार को 25 प्रदर्शनकारियों के मारे जाने का दावा किया गया था. प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि वे अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से सड़कों पर उतरे थे, लेकिन सुरक्षाबलों ने उन पर सख्ती दिखाई.
पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में हालात लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं. इलाके में चल रहे विरोध प्रदर्शनों को रोकने के लिए पाकिस्तानी सेना और रेंजर्स पर सख्त कार्रवाई करने के आरोप लग रहे हैं. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सुरक्षाबल आंदोलन को दबाने के लिए बल प्रयोग कर रहे हैं… pic.twitter.com/leswE0jN8R
— NMF NEWS (@NMFNewsNational) July 29, 2026Advertisement
इंटरनेट बंद कर PoK को दुनिया से काटने का आरोप
PoK में जून महीने से ही विरोध प्रदर्शनों का सिलसिला शुरू हुआ था. प्रदर्शन बढ़ने के बाद पाकिस्तान सरकार ने इलाके में सख्त कदम उठाए. आरोप है कि इंटरनेट सेवाए बंद कर दी गईं, जिससे वहां की सही स्थिति की जानकारी बाहर नहीं आ पा रही है. कई लोगों का कहना है कि संचार व्यवस्था बंद होने से परिवार अपने लोगों से संपर्क नहीं कर पा रहे हैं. इस बीच एमनेस्टी इंटरनेशनल ने भी पाकिस्तानी अधिकारियों से संचार प्रतिबंध हटाने की मांग की है.
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सेना हटाने समेत कई मांगों को लेकर सड़कों पर उतरे लोग
जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) के नेतृत्व में PoK के लोग कई मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं. प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों में इलाके में पाकिस्तानी सेना की मौजूदगी कम करना, चुनाव व्यवस्था में सुधार और आम लोगों के अधिकारों की रक्षा शामिल है. प्रदर्शनकारियों ने विधानसभा चुनाव के पहले चरण का भी बहिष्कार किया. उनका कहना है कि मौजूदा व्यवस्था में लोगों की आवाज को पर्याप्त महत्व नहीं दिया जा रहा है.
सुरक्षाबलों पर शव हटाने और सबूत मिटाने के आरोप
JAAC के प्रवक्ता एस.ए. खान ने पाकिस्तानी सुरक्षाबलों पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उनका कहना है कि निहत्थे प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाई गई और बाद में सबूतों को छिपाने की कोशिश की गई. उन्होंने आरोप लगाया कि सुरक्षाबलों ने शवों को वहां से हटाया और मीरपुर के अस्पताल को भी बंद कर दिया गया. उनका दावा है की घटनास्थल से खून से लथपथ शवों की तस्वीरें और वीडियो मौजूद हैं.
PoK से सामने आए वीडियो, लोगों ने लगाई मदद की गुहार
PoK से कुछ ऑनलाइन वीडियो भी सामने आए हैं, जिनमें स्थानीय लोग अपनी परेशानियां बताते नजर आ रहे हैं. कुछ लोगों ने भारतीय सेना से मदद की अपील करते हुए दावा किया कि इलाके में लोगों पर अत्याचार हो रहे हैं. एक महिला ने वीडियो में भावुक अपील करते हुए कहा कि पाकिस्तान की सेना और पुलिस की कार्रवाई में कई लोगों की जान गई है और उनका इलाका खून से भर गया है.
A Kashmiri woman in Pakistan-occupied Kashmir is pleading for help from the Indian Army. pic.twitter.com/pg0F1EORGu
— Shalinder Wangu (@Wangu_News18) July 29, 2026
JAAC ने पाकिस्तान के सामने रखीं कई मांगें
जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी ने PoK में लोगों के अधिकारों और सुविधाओं को लेकर कई मांगें रखी हैं. इनमें प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं:
मंत्रियों, वरिष्ठ अधिकारियों, जजों और नौकरशाहों को मिलने वाली विशेष सुविधाओं को खत्म करना.
पाकिस्तान से आए शरणार्थियों के लिए PoK विधानसभा में आरक्षित 12 सीटों को समाप्त करना.
सभी के लिए समान और मुफ्त शिक्षा व्यवस्था लागू करना और छात्र संघों को बहाल करना
PoK मे अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का निर्माण करना.
सरकारी नौकरियों में शरणार्थी कोटा और अन्य कोटा व्यवस्था खत्म करना.
बिजली और गेहूं/आटे को लेकर किए गए पुराने वादों को लागू करना.
JAAC कार्यकर्ताओं के खिलाफ दर्ज पुलिस मामलों को वापस लेना.
कथित दमनकारी कानूनों और सुरक्षा उपायों को हटाना.
स्थानीय उत्पादन लागत के आधार पर बिजली की दरें कम करना.
नागरिक अधिकारों की सुरक्षा और पहले हुए समझौतो को लागू करना.
PoK में जारी प्रदर्शन अब केवल स्थानीय मुद्दों तक सीमित नहीं दिख रहे हैं. लोगों की नाराजगी प्रशासन, सुविधाओं की कमी और अधिकारों से जुड़े सवालों को लेकर बढ़ती जा रही है.. आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि पाकिस्तान सरकार प्रदर्शनकारियो की मांगों पर क्या रुख अपनाती है और क्या बातचीत के जरिए इस तनाव को कम किया जा सकता है.
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Input - IANS