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स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में भारतीय जहाजों पर हुए हमले को लेकर UN में भारत ने दिखाई सख्ती, बोला- अब बर्दाश्त नहीं होगा हमला

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में भारतीय जहाज पर हमले के बाद भारत ने UN में कड़ा रुख अपनाया है. परवथानेनी हरीश ने कहा कि जहाजों को निशाना बनाना और समुद्री आवाजाही रोकना पूरी तरह अस्वीकार्य है।

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में भारतीय जहाजों पर हुए हमले को लेकर UN में भारत ने दिखाई सख्ती, बोला- अब बर्दाश्त नहीं होगा हमला
Image Source: Representative Photo By Canva
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मिडिल ईस्ट में जारी तनाव अब समुद्री रास्तों तक गहराता जा रहा है. खासकर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) को लेकर दुनिया भर की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है. इसी बीच भारत ने भी जहाजों की सुरक्षा को लेकर अंतरराष्ट्रीय मंच पर बेहद सख्त रुख अपनाया है. संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि परवथानेनी हरीश (Parvathaneni Harish) ने साफ शब्दों में कहा है कि होर्मुज में जहाजों को निशाना बनाना और चालक दल की जान जोखिम में डालना पूरी तरह अस्वीकार्य है.

भारतीय जहाज पर हमले के बाद सख्त हुआ भारत

दरअसल, पिछले कुछ समय से मिडिल ईस्ट में संघर्ष के कारण हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं. हालांकि ईरान की ओर से यह कहा गया है कि भारतीय जहाजों को रोका नहीं जा रहा, लेकिन इसके बावजूद हाल ही में भारतीय ध्वज वाले एक जहाज पर हमला होने से चिंता और बढ़ गई है. इस घटना के बाद भारत ने साफ कर दिया है कि समुद्री मार्गों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जा सकता.

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UN बैठक में भारत ने रखी मजबूत बात

परवथानेनी हरीश ने संयुक्त राष्ट्र आर्थिक और सामाजिक परिषद की विशेष बैठक में कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानूनों का सम्मान किया जाना बेहद जरूरी है. उन्होंने कहा कि जहाजों की स्वतंत्र आवाजाही बाधित करना वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति दोनों के लिए बड़ा खतरा बन सकता है. भारत ने यह भी दोहराया कि संकट से निपटने के लिए वैश्विक सहयोग और मजबूत रणनीति की आवश्यकता है.

क्यों अहम है स्ट्रेट ऑफ होर्मुज?

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असल में होर्मुज दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक माना जाता है. ओमान के तट के करीब स्थित यह संकरा जलमार्ग दुनिया की करीब 20 फीसदी ऊर्जा आपूर्ति का मुख्य रास्ता है. यही वजह है कि यहां किसी भी प्रकार का तनाव पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर असर डालता है. भारत जैसे देशों के लिए यह मार्ग और भी अहम है, क्योंकि बड़ी मात्रा में तेल और जरूरी सामान इसी रास्ते से होकर आते हैं.

13 मई को हुआ था भारतीय जहाज पर हमला

दरअसल, 13 मई 2026 को ओमान के तट के पास भारतीय ध्वज वाले एक जहाज पर हमला हुआ था. यह जहाज सोमालिया से आ रहा था. राहत की बात यह रही कि ओमान की एजेंसियों ने तेजी दिखाते हुए जहाज पर मौजूद सभी 14 चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित बचा लिया. हालांकि हमले के पीछे किसका हाथ था, इसकी पुष्टि अब तक नहीं हो पाई है.

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गौरतलब है कि फरवरी 2026 में अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के बाद पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ गया था. इसके बाद ईरान की जवाबी कार्रवाई से पूरा क्षेत्र संघर्ष की चपेट में आ गया. लगातार बढ़ते तनाव का असर अब समुद्री व्यापार, तेल आपूर्ति और वैश्विक बाजारों पर साफ दिखाई देने लगा है. भारत ने अब साफ संकेत दे दिए हैं कि वह अपने जहाजों और समुद्री हितों की सुरक्षा को लेकर किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेगा. 

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