Iran-US जंग के बीच हूती विद्रोहियों का सऊदी अरब पर बड़ा हमला, सबसे बड़ी तेल कंपनी अरामको को बनाया निशाना
हमले में तेल रिफाइनरी और अन्य ठिकानों को कितना नुकसान हुआ है, सऊदी अरब ने इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी है. इससे पहले सऊदी अरब ने यमन में हूती कंट्रोल वाले इलाके होदेदाह पर हवाई हमले किए थे.
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अमेरिका और ईरान की जंग की आंच में मिडिल ईस्ट के कई देशों तक पहुंचने लगी है. अब यमन ने सऊदी अरब पर बड़ा हमला किया है. यहां औधोगिक शहर जिजान में सिलसिलेवार कई धमाके हुए. यमन ने जिजान में स्थित सऊदी अरब के बड़े तेल भंडार को मिसाइलों से निशाना बनाया है.
सऊदी अरब में जहां यमन का हमला हुआ है वहां दुनिया की सबसे बड़ी तेल कंपनी अरामको स्थित है. बताया जा रहा है यमन ने अरामको को ही निशाना बनाया था, हालांकि अरामको पर सीधे हमले की पुष्टि नहीं हुई है.
सऊदी अरब में कितना हुआ नुकसान?
ईरान के प्रेस टीवी के अनुसार, मिसाइल हमलों के बाद जिजान इंडस्ट्रियल सिटी के कई हिस्सों में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई. सऊदी सिविल डिफेंस ने यानबू प्रांत के लिए नेशनल अर्ली वार्निंग प्लेटफॉर्म पर इमरजेंसी अलर्ट जारी किया है. हालांकि हमले में तेल रिफाइनरी और अन्य ठिकानों को कितना नुकसान हुआ है, सऊदी अरब ने इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी है.
Fires erupt in Jizan, Saudi Arabia, due to Yemeni missile and drone strikes
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यमन का सऊदी अरब पर जवाबी हमला
दरअसल, सऊदी अरब ने यमन में हूती कंट्रोल वाले इलाके होदेदाह पर हवाई हमले किए थे. जिसके जवाब में हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के तेल ठिकानों को निशाना बनाया.
दोनों के बीच सैन्य कार्रवाई तब तेज हो गई जब यमन ने सऊदी जहाज पर हमला करने और समुद्री नाकेबंदी का ऐलान किया था. इसके बाद दोनों के बीच तनाव तेजी से बढ़ रहा है. यमन के विदेश मंत्रालय ने चेतावनी दी थी कि यह हमला सऊदी अरब को महंगा पड़ेगा और हूती समूह इसका जवाब देगा.
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इससे पहले गुरुवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी कि अगर हूती समूह जहाजों पर हमले जारी रखता है तो उसे और ईरान को 'बड़ी सैन्य कार्रवाई' का सामना करना पड़ सकता है. उन्होंने कहा कि अगर ऐसे हमले जारी रहते हैं तो अमेरिका इसके लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराएगा. दरअसल, ईरान यमन में हूती विद्रोहियों को समर्थन देता रहा है.
डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को फिर दी चेतावनी
इधर ईरान और अमेरिका के बीच तनाव फिर से चरम पर पहुंचता दिख रहा है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ तौर पर चेतावनी दी कि ईरान पीछे नहीं हटता तो अमेरिका अपने बड़े सैन्य हमलों को बढ़ा सकता है. तो वहीं, ईरान पहले ही क्लियर कर चुका है कि उस पर अमेरिका ने दोबारा हमला किया तो न केवल जवाब दिया जाएगा. बल्कि बड़ी कार्रवाई को अंजाम देगा. जो अमेरिका के लिए चुनौती बन सकती है.
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