×
जिस पर देशकरता है भरोसा

पाकिस्तान में ‘धुरंधर’ स्टाइल में अज्ञातों ने हाफिज सईद के करीबी हमजा को ठोका, अस्पताल में जिंदगी-मौत की जंग लड़ रहा आतंकी

पाकिस्तान में पिछले कुछ वर्षों से आतंकियों की रहस्यमयी हत्याओं का सिलसिला जारी है. हाल ही में लाहौर में लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े आमिर हमजा पर हमला हुआ, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गया. 2023 के बाद इन घटनाओं में तेजी आई है और कई बड़े आतंकी अज्ञात हमलावरों के निशाने पर आ चुके हैं.

पाकिस्तान में ‘धुरंधर’ स्टाइल में अज्ञातों ने हाफिज सईद के करीबी हमजा को ठोका, अस्पताल में जिंदगी-मौत की जंग लड़ रहा आतंकी
Image Source: Canva
Advertisement

बीते कुछ समय से पाकिस्तान में एक ऐसा घटनाक्रम सामने आ रहा है, जिसने आतंक के नेटवर्क को हिला कर रख दिया है. भारत में हाल ही में रिलीज़ हुई फिल्म ‘धुरंधर-2’ में जिस तरह एक भारतीय जासूस दुश्मन देश में छिपे आतंकियों का खात्मा करता दिखाया गया है, वैसी ही तस्वीर अब हकीकत में नजर आने लगी है. फर्क बस इतना है कि यहां कहानी पर्दे पर नहीं, बल्कि जमीन पर लिखी जा रही है.

ताजा मामला लाहौर का है, जहां लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक सदस्य और हाफिज सईद के करीबी आमिर हमजा पर अज्ञात हमलावरों ने ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं. पुलिस के मुताबिक बाइक सवार हमलावरों ने इस वारदात को अंजाम दिया. हमजा गंभीर रूप से घायल है और अस्पताल में उसका इलाज चल रहा है. इस हमले ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर पाकिस्तान में आतंकियों को निशाना कौन बना रहा है.

लगातार हो रही टारगेट किलिंग

Advertisement

दरअसल, यह कोई एक घटना नहीं है. पिछले दो-तीन वर्षों में पाकिस्तान और पाक अधिकृत कश्मीर में कई बड़े आतंकियों का इसी तरह सफाया हो चुका है. लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और हिजबुल मुजाहिदीन जैसे संगठनों के शीर्ष कमांडर लगातार निशाने पर हैं. खास बात यह है कि इन सभी मामलों में हमलावर अज्ञात रहते हैं और कोई संगठन जिम्मेदारी नहीं लेता. 2023 के बाद इन घटनाओं में अचानक तेजी आई. महज सात महीनों के भीतर सात बड़े आतंकियों को मार गिराया गया. इनमें जैश प्रमुख मसूद अजहर के भाई मोहम्मद ताहिर अनवर की संदिग्ध मौत, पठानकोट हमले के आरोपी शाहिद लतीफ की सियालकोट में हत्या और हाफिज सईद के करीबी अबू कतल का खात्मा शामिल है. इसके अलावा खालिस्तान कमांडो फोर्स के प्रमुख परमजीत सिंह पंजवड़ और लश्कर के कई अन्य सहयोगियों को भी इसी तरह निशाना बनाया गया.

हमलों का एक जैसा पैटर्न

इन घटनाओं का पैटर्न लगभग एक जैसा है. ज्यादातर मामलों में बाइक सवार हमलावर आते हैं, गोलीबारी करते हैं और फरार हो जाते हैं. स्थानीय मीडिया इन्हें ‘अज्ञात बंदूकधारी’ बताकर खबर खत्म कर देता है, लेकिन असल कहानी इससे कहीं ज्यादा गहरी नजर आती है. यही वजह है कि पाकिस्तान की सुरक्षा एजेंसियां भी इन घटनाओं को लेकर सतर्क हो गई हैं.

पुराने मामलों का भी हो रहा हिसाब

Advertisement

यह सिलसिला केवल हाल के आतंकियों तक सीमित नहीं है. 1999 के IC-814 विमान अपहरण कांड से जुड़े आतंकी मिस्त्री जहूर इब्राहिम को भी 2022 में कराची में मार गिराया गया था. वह वर्षों से फर्जी पहचान के साथ छिपा हुआ था, लेकिन आखिरकार अज्ञात हमलावरों से नहीं बच सका. इससे साफ होता है कि पुराने हिसाब भी अब चुकाए जा रहे हैं.

आतंकी संगठनों में डर का माहौल

लगातार हो रही इन हत्याओं ने आतंकी संगठनों के भीतर डर का माहौल पैदा कर दिया है. जो आतंकी कभी खुलेआम घूमते थे, अब वे अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित नजर आ रहे हैं. दूसरी ओर, यह पूरा घटनाक्रम रहस्य बना हुआ है कि इन हमलों के पीछे आखिर कौन है और इसका मकसद क्या है.

यह भी पढ़ें

बहरहाल, पाकिस्तान में आतंकियों पर हो रहे ये रहस्यमयी हमले किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं लगते. ‘धुरंधर-2’ की तरह यहां भी दुश्मन की जमीन पर छिपे चेहरे एक-एक कर बेनकाब हो रहे हैं. फर्क सिर्फ इतना है कि यह कहानी अभी अधूरी है और इसके पीछे का सच दुनिया के सामने आना बाकी है.

टिप्पणियाँ 0
G
Guest (अतिथि)
LIVE
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
अधिक
Advertisement
Advertisement
शॉर्ट्स
वेब स्टोरीज़
होम वीडियो खोजें