×
जिस पर देशकरता है भरोसा

'दक्षिण एशिया में भारत की बड़ी भूमिका, चीन की नहीं चलेगी मनमानी...'अमेरिकी रक्षा मंत्री का हिंदुस्तान को लेकर बड़ा बयान, माना लोहा

अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने भारत की तारीफ करते हुए कहा कि चीन एशिया प्रशांत क्षेत्र में अपनी मनमानी नहीं थोप सकता. उन्होंने आगे कहा कि भारत अमेरिका का अहम सुरक्षा साझीदार और भागीदार है.

Author
31 May 2026
( Updated: 31 May 2026
09:00 PM )
'दक्षिण एशिया में भारत की बड़ी भूमिका, चीन की नहीं चलेगी मनमानी...'अमेरिकी रक्षा मंत्री का हिंदुस्तान को लेकर बड़ा बयान, माना लोहा
Pete Hegseth/ Image Source: IANS
Advertisement

कभी भारत को 'लिविंग हेल' बताने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनके प्रशासन के सुर अब भारत को लेकर पूरी तरह से बदलने लगे हैं. अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो का भारत का लंबा दौरा और अब रक्षा सचिव पीट हेगसेथ द्वारा भारत को अमेरिका का 'अहम साझीदार' बताना इसी सकारात्मक बदलाव की ओर स्पष्ट इशारा करते हैं. सिंगापुर में शुक्रवार शाम शुरू हुए 23वें 'शांगरी-ला संवाद' में रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने भारत की जमकर तारीफ की और नई दिल्ली को दक्षिण एशिया में अमेरिका का एक महत्वपूर्ण साझीदार करार दिया. 

अमेरिका ने भारत को बताया बड़ा सैन्य साझीदार

40 से अधिक देशों और क्षेत्रों के 550 से अधिक प्रतिनिधियों वाले इस बड़े वैश्विक रक्षा सम्मेलन को संबोधित करते हुए हेगसेथ ने कहा कि भारत इस क्षेत्र में शक्ति संतुलन बनाए रखने के साझा अमेरिकी लक्ष्य को तेजी से आगे बढ़ा रहा है. उन्होंने भारत की बढ़ती सैन्य और औद्योगिक क्षमताओं पर भी प्रकाश डाला और उसे हिंद-प्रशांत क्षेत्र में तेजी से उभरता हुआ महत्वपूर्ण सुरक्षा भागीदार बताया. सिंगापुर में शांगरी-ला डायलॉग में हेगसेथ ने कहा कि कोई भी देश, चाहे वह चीन ही क्यों न हो, एशिया में अपनी मनमानी नहीं थोप सकता है. 

Advertisement

भारत के सैन्य आधुनिकीकरण से अमेरिका गदगद!

हेगसेथ ने स्पष्ट किया कि भारत न केवल अपने सशस्त्र बलों का आधुनिकीकरण कर रहा है, बल्कि विशेषकर हिंद महासागर क्षेत्र में शक्ति संतुलन बनाए रखने में भी अहम भूमिका निभा रहा है. इसके अलावा, भारत उच्च स्तरीय सैन्य अभियानों को बनाए रखने के लिए विशाल औद्योगिक क्षमता और साजो-सामान का निर्माण भी कर रहा है. इसी दिशा में एक बड़ी घोषणा करते हुए रक्षा सचिव ने बताया कि अमेरिका ने दोनों देशों की क्षमताओं को और आगे बढ़ाने के लिए भारत के साथ 'जावेलिन एंटी-टैंक गाइडेड म्यूनिशन्स' (मिसाइल) के सह-उत्पादन को लेकर अपनी प्रतिबद्धता जताई है.

दक्षिण एशिया में चीन नहीं थोप सकता अपनी मनमानी

Advertisement

भारत की तारीफ के साथ-साथ हेगसेथ ने चीन को कड़ा संदेश देते हुए कहा कि कोई भी देश, चाहे वह चीन ही क्यों न हो, एशिया में अपनी मनमानी नहीं थोप सकता है. हालांकि, इस सख्त टिप्पणी के अलावा शनिवार को अमेरिकी रक्षा मंत्री ने चीन के साथ संबंधों पर एक संतुलित और कूटनीतिक रुख भी अपनाया. शांगरी-ला संवाद के दौरान चीनी जन मुक्ति सेना (पीएलए) के विशेषज्ञ प्रतिनिधिमंडल के सदस्य और चीनी सैन्य विज्ञान अकादमी के शोधकर्ता चाओ वेपिन के एक प्रश्न का उत्तर देते हुए हेगसेथ ने कहा कि अमेरिका-चीन संबंधों की नई परिभाषा "वास्तविक, सारगर्भित और अर्थपूर्ण" है. 

यह भी पढ़ें

उन्होंने कहा कि पेइचिंग शिखर बैठक में दोनों देशों के नेताओं द्वारा जिस "अमेरिका-चीन रचनात्मक रणनीतिक स्थिरता संबंध" पर सहमति बनी थी, उसे प्रभावी रूप से लागू करना एशिया-प्रशांत क्षेत्र और विश्व शांति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है. इस चर्चा में खुद शामिल रहे हेगसेथ ने बताया कि दोनों नेताओं ने इस संबंध के भविष्य की दिशा और अपेक्षाओं को स्पष्ट रूप से रेखांकित किया है. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अमेरिका और चीन एक-दूसरे का सम्मान करते हैं तथा दोनों देश एक-दूसरे की क्षमताओं और सामर्थ्य को भली-भांति स्वीकार करते हैं. उनका मानना है कि आपसी सम्मान और एक-दूसरे की ताकत को स्वीकार करने के इसी आधार पर, दोनों देशों के बीच भविष्य में स्थिर और रचनात्मक संबंधों को मजबूती से आगे बढ़ाया जा सकता है.

Tags

Advertisement
टिप्पणियाँ 0
G
Guest (अतिथि)
LIVE
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
अधिक
Advertisement
Advertisement
शॉर्ट्स
वेब स्टोरीज़
होम वीडियो खोजें