होर्मुज में ईरानी हमला, भारतीय चालक की मौत, 6 घायल, अमेरिका ने भी बरसाए बम
US-Iran War: ईरान की ओर से दो तेल टैंकरों पर हमला किया गया, जिसमें एक भारतीय चालक दल के सदस्य की मौत हो गई. इस दुखद घटना ने न केवल भारत बल्कि पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खीच लिया है, क्योंकि होर्मुज का यह इलाका अंतरराष्ट्रीय व्यापार और तेल आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है.
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US-Iran War: दुनिया के सबसे अहम समुद्री रास्तों में गिने जाने होर्मुज जलडमरूमध्य में एक बार फिर तनाव काफी बढ़ गया है. ईरान और अमेरिका के बीच चल रही तनातनी अब समुद्र तक पहुंच गई है, जिसका असर वहां से गुजरने वाले जहाजों पर भी साफ दिखाई दे रहा है. ईरान की ओर से दो तेल टैंकरों पर हमला किया गया, जिसमें एक भारतीय चालक दल के सदस्य की मौत हो गई. इस दुखद घटना ने न केवल भारत बल्कि पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खीच लिया है, क्योंकि होर्मुज का यह इलाका अंतरराष्ट्रीय व्यापार और तेल आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है...
दो टैंकरों पर हमला, भारतीय समेत कई लोग हुए घायल
मंगलवार तड़के होर्मुज के दक्षिणी हिस्से में ओमान के समुद्री क्षेत्र के पास "मोंबासा" और "बाहिया" नाम के दो टैंकरों को निशाना बनाया गया. बताया जा रहा है कि इन जहाजों पर क्रूज मिसाइल से हमला किया गया, जिससे दोनों जहाजों को भारी नुकसान पहुंचा और उनमें आग भी लग गई. इस हमले में एक भारतीय चालक दल के सदस्य की जान चली गई, जबकि कई अन्य लोग घायल हो गए. घायलों में छह भारतीय और दो यूक्रेनी नागरिक शामिल बताए जा रहे हैं. हादसे के बाद बचाव दल ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया और घायलों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया.
यूएई ने जताई नाराजगी, ईरान को दी सख्त चेतावनी
हमले के बाद संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने इस घटना की कड़ी आलोचना की है. यूएई का कहना है कि इस तरह के हमले अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन हैं और इससे पूरे क्षेत्र की शांति और सुरक्षा पर खतरा पैदा हो रहा है. यूएई ने साफ कहा है कि यदि जरूरत पड़ी तो वह अपनी सुरक्षा के लिए उचित कदम उठाएगा. साथ ही सरकार ने अपने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी अफवाह पर भरोसा न करें और केवल सरकारी और आधिकारिक जानकारी पर ही विश्वास करें.
ईरान ने दी अपनी सफाई
दूसरी ओर ईरान का कहना है कि उसका निशाना आम जहाज नहीं, बल्कि वे जहाज हैं जो उसके मुताबिक गलत रास्तों का इस्तेमाल कर रहे हैं या दुश्मन देशों से जुड़े हुए हैं। ईरान के सरकारी मीडिया का दावा है कि उसका असली लक्ष्य अमेरिका से जुड़े जहाज थे. हालांकि इस हमले में आम चालक दल के लोगों के हताहत होने से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ईरान की आलोचना भी तेज हो गई है.
अमेरिका और ईरान के बीच लगातार बढ़ रही है टकराव की स्थिति
यह हमला ऐसे समय हुआ है जब कुछ ही दिन पहले अमेरिका ने ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए थे. रिपोर्टों के अनुसार अमेरिका ने करीब 140 सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया था. इसके जवाब में ईरान ने भी खाड़ी क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाने की कोशिश की. कुवैत, कतर और यूएई में स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डों पर हमलों की खबरें सामने आईं, जिससे पूरे मध्य पूर्व में तनाव और बढ़ गया है.
ईरान के कई इलाकों में भी हुए हमले
अमेरिका ने ईरान के बंदर अब्बास, केश्म द्वीप, खुजेस्तान प्रांत, अहवाज और अंदीमेश्क जैसे इलाकों में भी हमले किए हैं. ये इलाके ईरान के लिए रणनीतिक और आर्थिक रूप से बेहद अहम माने जाते हैं. खासकर खुजेस्तान प्रांत तेल उद्योग का बड़ा केंद्र है. इसके अलावा होर्मुज के पास स्थित फारुर द्वीप पर भी बमबारी की. इन लगातार हो रहे हमलों से पूरे क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ गई है और लोगों के बीच चिंता का माहौल बना हुआ है.
दुनिया की अर्थव्यवस्था पर भी दिखने लगा असर
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होर्मुज जलडमरूमध्य से दुनिया के बड़े हिस्से में कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस की सप्लाई होती है. ऐसे में इस इलाके में बढ़ते तनाव का असर सीधे वैश्विक बाजार पर पड़ रहा है. हमलों की खबर सामने आते ही कच्चे तेल और गैस की कीमतों में एक बार फिर तेजी देखने को मिली. यदि यह तनाव लंबे समय तक जारी रहता है, तो इसका असर कई देशों की अर्थव्यवस्था, ईंधन की कीमतों और आम लोगों की जेब पर भी पड़ सकता है.