भारत-रूस ऑयल ट्रेड के मुखर आलोचक रहे अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम का निधन, 71 वर्ष की उम्र में ली आखिरी सांस
रूस से ऑयल ट्रेड को लेकर भारत पर 500% टैरिफ लगाने वाला प्रस्ताव लाने वाले अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम का 71 वर्ष की उम्र में निधन हो गया है. कभी ट्रंप के आलोचक रहे ग्राहम के निधन में इजरायल ने भी शोक व्यक्त किया है.
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अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम का शनिवार शाम संक्षिप्त बीमारी के बाद निधन हो गया. उनके कार्यालय ने रविवार तड़के (स्थानीय समयानुसार) सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के माध्यम से यह जानकारी दी. ग्राहम पाकिस्तान की नीति और नीयत को लेकर कभी भी आश्वस्त नहीं रहे. हाल ही में उन्होंने अमेरिका-ईरान के बीच मध्यस्थता को लेकर भी काफी सवाल खड़े किए थे.
ट्रंप सपोर्टर लिंडसे ग्राहम का निधन
अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम की अचानक हुई मौत से दुनिया स्तब्ध है. उन्हें करीब से जानने वाले लोग बेहद मायूस भी हैं. दक्षिण कैरोलिना के रिपब्लिकन सीनेटर लिंडसे ग्राहम का शनिवार को अचानक बीमारी के बाद निधन हो गया. वह अमेरिका में इजरायल के प्रमुख समर्थकों में गिने जाते थे और विदेश नीति के साथ ही राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर एक प्रभावशाली आवाज रहे थे. रविवार सुबह ही उनके आधिकारिक एक्स अकाउंट से दुखद देहांत की सूचना दी.
भारत पर 500% टैरिफ लगवाना चाहते थे ग्राहम
आपको बता दें कि ग्राहम का निधन ऐसे वक्त में हुआ है जब वो भारत के खिलाफ एक बिल पारित करवाने की कोशिश कर रहे थे. रूस से भारत के व्यापार और कच्चे तेल के मुखर आलोचक ग्राहम द्वारा लाए जाने वाले इस बिल में भारत पर 500 प्रतिशत टैरिफ लगाने का प्रावधान था. कहा जा रहा है कि इस बिल को लेकर उन्होंने ट्रंप शासन से डील भी कर ली थी.
ग्राहम के निधन पर उनके कार्यालय ने कहा, "एक संक्षिप्त बीमारी के बाद सीनेटर ग्राहम का शनिवार शाम देहांत हो गया. परिवार इस समय लोगों से प्रार्थनाओं की अपील करता है और इस बेहद कठिन समय में निजता का सम्मान करने का अनुरोध करता है."
2002 में अमेरिकी सीनेट के लिए चुने गए थे लिंडसे ग्राहम
ग्राहम को 2002 में अमेरिकी सीनेट के लिए चुना गया था. इससे पहले वह 1994 में दक्षिण कैरोलिना के तीसरे कांग्रेसनल जिले से अमेरिकी प्रतिनिधि सभा के लिए चुने गए थे.
नेतन्याहू ने लिंडसे ग्राहम के निधन पर जताया शोक
इसी बीच इजरायल के पक्ष में हमेशा अपनी आवाज बुलंद करने वाले ग्राहम के निधन पर पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने दुख जताया.सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर उनके साथ खिंचवाई तस्वीर के साथ बयान जारी किया. उन्होंने लिखा, "हम यह समझते थे कि इजरायल और अमेरिका की सुरक्षा एक-दूसरे से जुड़ी हुई है. उन्होंने अपना जीवन अमेरिका की रक्षा, हमारे गठबंधन को मजबूत करने और स्वतंत्र विश्व के समर्थन में समर्पित कर दिया." उन्होंने आगे कहा, "इजरायल ने अपने सबसे बड़े मित्रों में से एक को खो दिया है. अमेरिका ने एक महान देशभक्त को खो दिया है. मैंने एक प्रिय मित्र खो दिया है."
इससे पहले अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर ग्राहम को महान और समर्पित देशभक्त बताया. कहा, "उन्हें हमेशा मिस किया जाएगा." एक समय ऐसा था कि ग्राहम राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कट्टर आलोचक थे लेकिन बाद में उनके पक्के समर्थक भी बन गए.
ग्राहम को इजरायल ने पक्का दोस्त इसलिए भी कहा क्योंकि वो हाल के यूएस-इजरायल-ईरान संघर्ष के दौरान पाकिस्तान की मध्यस्थता से नाखुश थे. कई मंचों पर वो कह चुके थे कि उन्हें पाकिस्तान पर भरोसा नहीं है. ये लगभग वैसी ही बात थी जैसी इजरायल जाहिर करता आया है.
Statement from the Office of U.S. Senator Lindsey Graham (R-South Carolina). pic.twitter.com/CQ5yVvqTH1
— Lindsey Graham (@LindseyGrahamSC) July 12, 2026
पाकिस्तान पर रहा हमेशा सख्त रुख!
71 वर्षीय ग्राहम दक्षिण कैरोलिना से रिपब्लिकन पार्टी के एक प्रमुख सीनेटर थे. अपने राजनीतिक करियर के शुरुआती दौर में वह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के मुखर आलोचक रहे थे, लेकिन बाद में कैपिटल हिल (अमेरिकी संसद) में उनके सबसे भरोसेमंद समर्थकों में शामिल हो गए.
उनके कार्यालय ने कहा, "एक संक्षिप्त बीमारी के बाद सीनेटर ग्राहम का शनिवार शाम देहांत हो गया. परिवार इस समय लोगों से प्रार्थनाओं की अपील करता है और इस बेहद कठिन समय में निजता का सम्मान करने का अनुरोध करता है."
रक्षा मामलों में कड़ा रुख रखने वाले नेता के रूप में उनकी पहचान थी. ग्राहम कार्यालय की वेबसाइट के अनुसार, उन्होंने "आतंकवाद के खिलाफ युद्ध में ऐसे परिणामों के लिए लगातार प्रयास किया, जो अमेरिका के दीर्घकालिक राष्ट्रीय सुरक्षा हितों की रक्षा करें."
हाल के समय में ग्राहम ने सीनेट बजट समिति के अध्यक्ष के रूप में कार्य किया था. इसके अलावा वह सीनेट विनियोग समिति, सीनेट न्यायपालिका समिति और सीनेट पर्यावरण एवं लोक निर्माण समिति के सदस्य भी रहे. लिंडसे ग्राहम अविवाहित थे और दक्षिण कैरोलिना के सेनेका में रहते थे.
पाकिस्तान की मध्यस्थता के कट्टर आलोचक थे ग्राहम!
ग्राहम, पाकिस्तान की मंशा को लेकर हमेशा सशंकित रहे. ईरान संघर्ष में उसकी मध्यस्थता की उन्होंने कभी भी प्रशंसा नहीं की. उन्होंने उसे "समस्याओं" से भरा और इजरायल के प्रति नकारात्मक रवैए वाला मध्यस्थ करार दिया था.
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पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ के अब्राहम अकॉर्ड्स में शामिल न होने को भी वो गलत बताते थे. यूएस-ईरान संघर्ष के दौरान ग्राहम ने ईरानी सैन्य विमानों के पाकिस्तानी हवाई अड्डों पर रखे जाने की खबरों पर भी चिंता जताई थी.