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पहलगाम के जख़्म अभी हरे ही थे...होने लगी PAK से बात की मांग, मणिशंकर, अब्दुल्ला सहित 117 हस्तियों ने लिखी PM मोदी को चिट्ठी

भारत में एक बार फिर 'अमन की आशा' ग्रूप एक्टिव हो गया है. पहलगाम हमले के एक साल के भीतर पाकिस्तान से रिश्ते बहाली की मांग की जाने लगी है. इस संबंध में मणिशंकर अय्यर, अब्दुल्ला, हुमायूं कबीर सहित 117 हस्तियों ने PM मोदी को चिट्ठी लिखी है.

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01 Jul 2026
( Updated: 01 Jul 2026
06:31 PM )
पहलगाम के जख़्म अभी हरे ही थे...होने लगी PAK से बात की मांग, मणिशंकर, अब्दुल्ला सहित 117 हस्तियों ने लिखी PM मोदी को चिट्ठी
Shehbaz Sharif/PM Modi/ Image Source: IANS (File Photo)
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पहलगाम हमला के जख़्म अभी भरे भी नहीं थे कि भारत में एक बार फिर पाकिस्तान से बातचीत की वकालत की जाने लगी है. ऑपरेशन सिंदूर की कार्रवाई और फिर पाकिस्तान की ओर से भारत को दी जा रही गीदड़भभकियों, आतंकवाद जैसे मुद्दों को सिरे से नकारते हुए 'अमन की आशा' ग्रुप फिर से एक्टिव हो गया है. 

आपको बता दें कि भारत और पाकिस्तान के लगभग 117 लोगों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पड़ोसी मुल्क के पीएम शहबाज शरीफ को संयुक्त रूप से पत्र लिखा है. इन नेताओं में भारत की ओर से फारूक अब्दुल्ला, महबूबा मुफ्ती, मणिशंकर अय्यर, मनोज झा और हुमायूं कबीर जैसे नेता शामिल हैं. ये चिट्ठी-चिट्ठी का खेल उस वक्त हो रहा है जब पूरी दुनिया जानती है कि जब-जब भारत ने शांति के लिए प्रयास किए हैं, तब-तब पाकिस्तान ने छुरा घोंपने का काम किया है.

भारत-पाक के 117 हस्तियों ने लिखी मोदी-शहबाज को चिट्ठी

भारत और पाकिस्तान के बीच रिश्तों को सामान्य बनाने की दलील देते हुए इन दोनों देशों के करीब 117 प्रमुख हस्तियों ने संयुक्त रूप से चिट्ठी लिखी है. इस चिट्ठी में भारत के 61 और पाकिस्तान के 56 लोगों ने हस्ताक्षर किए हैं. यह पहल सेंटर फॉर पीस एंड प्रोग्रेस के अध्यक्ष ओपी शाह की तरफ से की गई है.

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भारत की ओर से किन लोगों ने लिखी पाकिस्तान से बात को लेकर पीएम मोदी को चिट्ठी!

मालूम हो कि भारत की ओर जम्मू और कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला, महबूबा मुफ्ती, अलगाववादी नेता मीरवाइज उमर फारूक, कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर, राज्यसभा सांसद मनोज झा, रॉ के पूर्व प्रमुख एएस दुलत समेत कई एकेडमिशियन, पत्रकार, वकील और सोशल एक्टिविस्ट ने पाकिस्तान से रिश्तों की बहाली के समर्थन में चिट्ठी पर हस्ताक्षर किया है. वहीं पाकिस्तान की तरफ से पूर्व विदेश मंत्री खुर्शीद महमूद कसूरी, पूर्व राजनयिक अशरफ जहांगीर काजी, वैज्ञानिक परवेज हूदभॉय और कई सोशल एक्टिविस्ट ने हस्ताक्षर किए हैं.

इस चिट्ठी में बातचीत के पक्ष में दलील दी गई है कि भारत और पाकिस्तान दुनिया की करीब 1/5 आबादी का प्रतिनिधित्व करते हैं. इतना ही नहीं दोनों देशों में बहुसंख्यक आबादी युवा है, लेकिन लगातार आपसी तनाव से उनके बेहतर भविष्य, रोजगार और विकास के अवसरों में बाधा बन रहा है.

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मोदी को लिखी चिट्ठी में क्या मांग की गई है?

इन 117 हस्तियों ने अपनी-अपनी सरकारों से नई दिल्ली और इस्लामाबाद में उच्चायुक्तों की नियुक्ति के साथ पूर्ण राजनयिक संबंध बहाल करने, आम नागरिकों के लिए वीजा सेवाएं फिर से शुरू करने और सीमा पार धार्मिक और सांस्कृतिक यात्राओं को आसान बनाने की मांग की है. साथ ही कश्मीरी पंडितों के पवित्र शारदा पीठ को श्रद्धालुओं के लिए खोलने की भी अपील की गई है. आपको बता दें कि पहलगाम हमले के बाद भारत की ओर से कई कदम उठाए गए थे जिसके तहत पाकिस्तानियों को वीजा देने पर रोक, डिप्लोमेटिक मिशन के स्तर में कमी, सिंधु जल समझौते पर अनिश्चित काल के लिए रोक शामिल हैं. इसके अलावा इनकी ओर से दोनों देशों के मीडिया पर लगी पाबंदियां हटाने और पत्रकारों को स्वतंत्र रूप से रिपोर्टिंग की अनुमति देने की भी मांग की गई है.

भारत में अमन की आशा गैंग को लेकर मचा बवाल!

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इन 117 लोगों द्वारा अपनी-अपनी सरकारों को लिखी गई चिट्ठियों के बाद बवाल शुरू हो गया है. भारत की बात करें तो जम्मू-कश्मीर विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुनील शर्मा ने भारत-पाकिस्तान के बीच बातचीत की पैरवी करने वालों की कड़ी आलोचना की है. उन्होंने जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा मजबूत करने की जारी कोशिशों के बीच इस मांग को अनुचित बताया. उन्होंने इस पर कहा कि, "इस देश की एक अजीब विडंबना है. जो विषय किसी के अधिकार क्षेत्र से बाहर है और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा है, उसमें जबरदस्ती दखल देना, जगजाहिर है कि यह किस चीज की ओर संकेत करता है."

उन्होंने कहा, "खासकर तब, जब फारूक अब्दुल्ला, महबूबा मुफ्ती और मीरवाइज उमर फारूक जैसे नेता इसमें शामिल हों, जिन्होंने हमेशा अलगाववाद का समर्थन किया और आतंकवाद को संरक्षण दिया है. ऐसे लोग पाकिस्तान के साथ बातचीत की वकालत करें, तो यह बहुत ही अजीब और गंभीर मामला है."

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'ऑपरेशन सिंदूर' का जिक्र करते हुए सुनील शर्मा ने कहा, "इस ऑपरेशन में भारतीय सेना का शौर्य और पराक्रम देखा गया. अपनी इस भूमि की रक्षा के लिए वीर जवानों ने जिस तरह प्रदर्शन किया, ऐसे वक्त में बातचीत की वकालत करना ये विवादित दिखाई पड़ता है."

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टिप्पणियाँ 9
G
Guest (अतिथि)
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Manish Mittal
3 months ago

भारत में जो लोग पाकिस्तान की करतूतों और भारत के गद्दारों के नापाक हरकतों के कारण शहीद हुवे हैँ, उनके परिवार के पास इन लोगों की ऐसी चिठ्ठी भेजनी चाहिए. उनके जवाब के आधार पर इनकी चिठ्ठी का जवाब देना उचित होगा.

A
Ankush Rana
3 months ago

ये जो इंडियन हिंदुओ ने पत्र पर सिग्नेचर किए है जो बड़े बड़े पदों पर बैठ कर पाकिस्तान के तरफदारी करते है इन जाहिलो के खिलाफ देशदध्रो का मुकदम होना चाहिए और ये अपनी पूरी उमर जेल से बाहर न निकले तब इनको समझ आएगी की इन्होंने क्या गलत किया है । ऐसा हो जाए ना तो कसम से आगे फिर किसी की हिम्मत नही होगी ऐसा कुछ सोचने के भी । कड़े कानून बनाने चाहिए बहुत जरूरी है देश के लिए । कुछ देशों में ऐसे कानून है जो 100 प्रतिशत सही है देश के लिए।

N
NAVNIT KIRI
3 months ago

No dialogue with terrorist country needed. Those who want peace talks should themselves should go to PAKISTAN.

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Vipul Baldev
3 months ago

हमारे देश के मुश्लिम नेता और हिन्दू होकर भी इशलामिक सोच रखने वाले नेता भारत देश का कभी अच्छा नही सोचेंग पडोशी जेहादी लोग अगर एक एक दाने पर तरस जाय तो भी हिंदू का जूठन भी नही देना है कुत्तो को खिलाना लेकिन जेहादी पाकिस्तान लोगो को नही

p
prakash Patel
3 months ago

Bhai e sab congress ,communist ki chal he jo pakistan ki bhasha bolte he ,jab congress party satta me 70 years thi ,tab pakistan ke saath batchit ke liye kisne rokakar rakhi thi ,tab iska solution baatchit ke jariye nahi nikal saka to ab kahase nikal ayega ,E log jo modi sarkar ne pani rokakar indus water treaty suspend kiya he usko bahal karne ke liye e sab natak he ,pakistan ki vakalat kar rahe he.

P
Pinky Ray
3 months ago

Sir Modiji ko in pr bilkul v dhyaan nahi dena chahiye...pakistaan k bycott se Bharat ke kisi v uva ko aam janta ko koi prblm nahi ho rahi h ..nd dono desh k logo ki soch mili kaise bhai ki ek hi time me ek hi idea aya ..mtlb inki batchit hoti rahti h... Waaahhhhhh... Ek taraf hmare jwaan balidaan ho rahe h pakistaan ki wajah se roj..dusri taraf ye neta pakistaniyo sedosti bnaye rakh rahe h ...in pr koi karyawahi q nahi hoti..🤬🤬🤬🤬🤬

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satyam781
3 months ago

These so called peace lovers are the biggest enemy of Bharat and Hindus. They are in some manner also responsible fornlot of issues created by radical islam in Bharat. Shame on them and their proposal. Radical islamic nation will always betray..we have seen this before and we can see if this proposal gets any acceptance

p
prakash Patel
3 months ago

Sab darbari ekaththa ho gaye he ,pakistan ki aur se vakalat karke indus water treaty bahal karke pakistan ko pani pahuchane ke liye.

S
Seema Sinha
3 months ago

पहले तो सरकार चिट्ठी को कचरे के डब्बे में डाले 🙏 फिर उन 61 लोगों के एकाउंट की जांच ED को सौंप दें ।इतना प्यार छलक रहा है तो वही जाकर रहें 😡

p
prakash Patel
3 months ago

Pakistan ki aur se chanda mila hoga .

S
Satish N G
3 months ago

यह सब टुकड़े टुकड़े गॅंग के लोग है| यह अमन नही अशांती फैलाने वाले देशद्रोही लोग है | पाकिस्तान का पीएम कहता है के 'हाथ तोड देगा' ऐसे आतंकी के साथ शांती संभव नही| पानी बंद किया तो कॉंग्रेसी और लिबरल गँग के गले सूखने लगे| खून और पानी एक साथ नही बह सकते|

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