युद्धविराम के बाद फिर भड़का मिडिल ईस्ट, 24 घंटे में दूसरी बार अमेरिका का ईरान पर बड़ा हमला, ट्रंप बोले- नहीं रुका तो...
मिडिल ईस्ट में तनाव फिर बढ़ गया है. अमेरिका ने 24 घंटे के भीतर दूसरी बार स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास ईरानी सैन्य ठिकानों पर एयर स्ट्राइक की. अमेरिकी सेना के मुताबिक, हमले में सर्विलांस सिस्टम, एयर डिफेंस और ड्रोन ठिकानों को निशाना बनाया गया. वहीं, ईरान के सिरिक शहर के पास धमाकों की भी खबर सामने आई है.
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मिडिल ईस्ट में एक बार फिर हालात तेजी से बदलते नजर आ रहे हैं. कुछ ही समय पहले अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम को लेकर उम्मीद जगी थी कि क्षेत्र में शांति लौट सकती है, लेकिन अब ताजा घटनाक्रम ने इस उम्मीद को बड़ा झटका दिया है. अमेरिका ने 24 घंटे के भीतर दूसरी बार ईरान के सैन्य ठिकानों पर एयर स्ट्राइक की है. इस कार्रवाई के बाद दोनों देशों के बीच तनाव फिर से बढ़ने लगा है और पूरी दुनिया की नजर इस घटनाक्रम पर टिक गई है.
अमेरिका ने किन ठिकानों को बनाया निशाना?
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर अमेरिकी सेना ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास मौजूद ईरानी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया. इस ऑपरेशन में मिलिट्री सर्विलांस सिस्टम, कम्युनिकेशन नेटवर्क, एयर डिफेंस साइट्स, ड्रोन स्टोरेज सेंटर और समुद्री बारूदी सुरंग बिछाने से जुड़ी क्षमताओं पर हमला किया गया. अमेरिका का दावा है कि इन ठिकानों का इस्तेमाल सैन्य गतिविधियों के लिए किया जा रहा था.
सिरिक शहर में गूंजे धमाके
हमले के बाद ईरान के दक्षिणी शहर सिरिक के आसपास धमाकों की आवाज सुनाई दी. ईरान के सरकारी मीडिया IRIB ने सैन्य सूत्रों के हवाले से बताया कि कई प्रोजेक्टाइल एक दूरसंचार टावर से टकराए. हालांकि, नुकसान कितना हुआ और कितनी जगहों को निशाना बनाया गया, इसकी आधिकारिक जानकारी अभी सामने नहीं आई है. इससे पहले भी शुक्रवार को अमेरिका ने ईरान के भीतर कई सैन्य ठिकानों पर हमला किया था.
युद्धविराम पर फिर खड़े हुए सवाल
सबसे बड़ी बात यह है कि हाल ही में दोनों देशों के बीच युद्धविराम पर सहमति बनी थी. ऐसे में लगातार दो दिनों तक हुई अमेरिकी सैन्य कार्रवाई ने इस समझौते के भविष्य पर सवाल खड़े कर दिए हैं. अंतरराष्ट्रीय मामलों के जानकारों का मानना है कि अगर यही स्थिति बनी रही तो पूरे मिडिल ईस्ट में अस्थिरता और बढ़ सकती है.
ट्रंप ने दी कड़ी चेतावनी
हमले के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर ईरान को कड़ी चेतावनी दी. उन्होंने कहा कि ईरान ने युद्धविराम का कई बार उल्लंघन किया, जिसके जवाब में अमेरिकी सेना ने मिसाइल, ड्रोन और रडार ठिकानों को निशाना बनाया. ट्रंप ने साफ कहा कि अगर ईरान अपनी गतिविधियां नहीं रोकता है तो अमेरिका इससे भी बड़ी सैन्य कार्रवाई करने के लिए तैयार है. उन्होंने यह भी कहा कि जरूरत पड़ने पर ईरान को गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं.
तेल टैंकर पर हमले का दिया जवाब
अमेरिका का आरोप है कि ईरान ने शनिवार तड़के पनामा के झंडे वाले तेल टैंकर M/T Kiku पर वन-वे अटैक ड्रोन से हमला किया. यह टैंकर करीब 20 लाख बैरल कच्चा तेल लेकर होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहा था. अमेरिकी सेना का कहना है कि यही हमला ताजा एयर स्ट्राइक की सबसे बड़ी वजह बना. इससे पहले भी 25 जून को सिंगापुर के झंडे वाले मालवाहक जहाज M/V Ever Lovely पर हुए ड्रोन हमले के जवाब में अमेरिका ने कार्रवाई की थी.
अमेरिका ने क्या कहा?
CENTCOM ने अपने बयान में कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य से व्यावसायिक जहाजों की आवाजाही फिलहाल सामान्य रूप से जारी है और अमेरिकी सेना क्षेत्र में पूरी तरह सतर्क है. वहीं, अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने पहले ही ईरान को चेतावनी देते हुए कहा था कि युद्धविराम का सम्मान किया जाना चाहिए. उनका कहना था कि किसी भी विवाद का समाधान बातचीत से निकाला जा सकता है, लेकिन यदि हिंसा का रास्ता चुना गया तो उसका जवाब भी सख्ती से दिया जाएगा.
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बहरहाल, मिडिल ईस्ट की स्थिति बेहद संवेदनशील बनी हुई है. अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता टकराव केवल इन दो देशों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका असर वैश्विक तेल बाजार, समुद्री व्यापार और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा पर भी पड़ सकता है. अब पूरी दुनिया की नजर इस बात पर है कि आने वाले दिनों में दोनों देश बातचीत का रास्ता अपनाते हैं या फिर यह तनाव किसी बड़े संघर्ष का रूप लेता है.