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खतरनाक मोड़ पर पहुंचा अमेरिका-ईरान के बीच तनाव, ईरानी रडार-ड्रोन कमांड सेंटर पर अमेरिकी सेना ने किया बड़ा हमला

अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर वार और पलटवार शुरू हो गया है. ईरान ने अमेरिकी MQ-1 ड्रोन मार गिराया तो अमेरिका ने भी ईरानी रडार-ड्रोन कमांड सेंटर को निशाना बनाते हुए जोरदार हमला किया.

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01 Jun 2026
( Updated: 01 Jun 2026
11:34 AM )
खतरनाक मोड़ पर पहुंचा अमेरिका-ईरान के बीच तनाव, ईरानी रडार-ड्रोन कमांड सेंटर पर अमेरिकी सेना ने किया बड़ा हमला
Image Source: @CENTCOM (File Photo)
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अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर को लेकर जारी बातचीत के बावजूद एक बार फिर हमले और पलटवार का दौर शुरू हो गया है. अमेरिकी सेना ने ईरान द्वारा अमेरिकी MQ-1 ड्रोन को मार गिराए जाने के बाद जवाबी हमला करते हुए ईरानी रडार सिस्टम और ड्रोन कमांड एंड कंट्रोल सेंटरों को निशाना बनाया है. अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी बयान में दावा किया कि U.S. सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने इस वीकेंड (हफ्ते के अंत में) ईरान के गोरुक और केशम द्वीप में ईरानी रडार और ड्रोन के कमांड और कंट्रोल ठिकानों पर आत्मरक्षा में हमले किए.

अमेरिका ने ईरान की दुखती रग पर कर दिया हमला

CENTCOM ने आगे कहा कि ये सोच-समझकर और जान-बूझकर किए गए हमले शनिवार और रविवार को, ईरान की आक्रामक कार्रवाइयों के जवाब में किए गए. इन कार्रवाइयों में एक U.S. MQ-1 ड्रोन को मार गिराना भी शामिल था, जो अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र के ऊपर उड़ान भर रहा था. U.S. के लड़ाकू विमानों ने तुरंत जवाबी कार्रवाई करते हुए ईरान के हवाई सुरक्षा तंत्र, एक ग्राउंड कंट्रोल स्टेशन और दो 'वन-वे' हमलावर ड्रोनों को नष्ट कर दिया. ये ड्रोन उस क्षेत्र के जलक्षेत्र से गुज़रने वाले जहाज़ों के लिए स्पष्ट खतरा बने हुए थे.

CENTCOM ने आगे दावा किया कि इस कार्रवाई में किसी भी अमेरिकी सैनिक को कोई नुकसान नहीं पहुंचा. CENTCOM, मौजूदा संघर्ष-विराम के दौरान ईरान की बेवजह की आक्रामकता के जवाब में, U.S. की संपत्तियों और हितों की रक्षा करना जारी रखेगा.

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ईरान ने गिराया था अमेरिकी ड्रोन, सेंटकॉम ने किया पलटवार

आपको बता दें कि ये कार्रवाई ऐसे वक्त हुई है जब अमेरिका और ईरान के वार्ताकार युद्ध की समाप्ति और शांति बहाली को लेकर किसी संभावित समझौते, लॉन्ग लास्टिंग डील को लेकर बातचीत कर रहे हैं. दोनों दल अपने-अपने पत्ते बारी-बारी से खोल रहे हैं, दबाव बढ़ाने, ज्यादा से ज्यादा हासिल करने की कोशिशें कर रहे हैं. हालांकि रुक-रुक कर सैन्य कार्रवाईयां भी चल रही हैं.

इससे पहले ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने रविवार को एक बयान में कहा कि उसने अमेरिका के एमक्‍यू-1 ड्रोन को मार गिराया है. रिपोर्ट के अनुसार, यह ड्रोन कथित तौर पर ईरान के क्षेत्रीय जलक्षेत्र में दाखिल हुआ था. आईआरजीसी ने कहा कि ड्रोन का तुरंत पता लगा लिया गया और उसे वायु रक्षा मिसाइलों से गिरा दिया गया.

IRGC और अमेरिका के बीच जुबानी जंग तेज

इससे पहले मंगलवार को आईआरजीसी ने कहा था कि अगर अमेरिका युद्धविराम (सीजफायर) का उल्लंघन करता है, तो उसके पास जवाबी कार्रवाई करने का 'वैध और निश्चित' अधिकार सुरक्षित है. आईआरजीसी ने दावा किया था कि उसकी वायु रक्षा इकाइयों ने अमेरिका के एमक्‍यू-9 ड्रोन को भी मार गिराया है.

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स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, आईआरजीसी ने यह भी कहा कि उसने एक लड़ाकू विमान पर फायरिंग की, जो कथित तौर पर ईरानी हवाई क्षेत्र में घुस आया था. यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब अमेरिका ने कहा है कि उसने ईरान पर नए 'आत्मरक्षा संबंधी हमले' किए हैं.

रविवार को अमेरिका ने ईरानी जहाजों, नौकाओं को बनाया था निशाना

वहीं अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) के अनुसार, सोमवार को अमेरिकी सेना ने दक्षिणी ईरान में मिसाइल लॉन्च साइटों और बारूदी सुरंगें बिछाने की कोशिश कर रही नौकाओं को निशाना बनाकर हमला किया. सेंटकॉम के प्रवक्ता टिम हॉकिन्स ने एक बयान में कहा क‍ि अमेरिकी बलों ने दक्षिणी ईरान में आत्मरक्षा के तहत कार्रवाई की है ताकि ईरानी बलों से पैदा होने वाले खतरों से अपने सैनिकों की रक्षा की जा सके.

उन्होंने कहा, "निशानों में मिसाइल लॉन्च साइटें और वे ईरानी नौकाएं शामिल थीं जो समुद्र में बारूदी सुरंगें बिछाने की कोशिश कर रही थीं. अमेरिकी सेंट्रल कमांड युद्धविराम के दौरान संयम बरतते हुए भी अपने सैनिकों की सुरक्षा जारी रखे हुए है."

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गुरुवार को भी अमेरिकी सेना ने रात के समय ईरान में नए हमले किए थे. कई अमेरिकी मीडिया संस्थानों के अनुसार, इन हमलों में एक सैन्य ठिकाने को निशाना बनाया गया, जिसे वॉशिंगटन ने अमेरिकी सैनिकों और क्षेत्र में चलने वाले व्यावसायिक जहाजों के लिए खतरा बताया था.

एक अमेरिकी अधिकारी ने इन हमलों को रक्षात्मक कार्रवाई बताया और कहा कि अमेरिका-ईरान के बीच युद्धविराम अभी भी कायम माना जा रहा है.

इस बीच, ईरान की समाचार एजेंसी फार्स के अनुसार, होर्मुज स्‍ट्रेट के पास स्थित बंदर अब्बास बंदरगाह शहर के पूर्वी इलाके में गुरुवार तड़के करीब 1:30 बजे (22:00 जीएमटी बुधवार) तीन धमाकों की आवाज़ें सुनी गई थीं.

अमेरिका ने किन-किन ठिकानों को बनाया निशाना?

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सेंटकॉम की मानें तो ये हमले दो प्रमुख जगहों पर किए गए. पहला गोरुक (Goruk) में मौजूद रडार साइट, वहीं दूसरा हमला केश्म द्वीप (Qeshm Island) पर ड्रोन कमांड एंड कंट्रोल सेंटर पर किया गया. अमेरिकी सेना ने कहा है कि इन ठिकानों का इस्तेमाल ड्रोन ऑपरेशन और निगरानी गतिविधियों के लिए किया जा रहा था.

ईरान के लोगों के अधिकार सुरक्षित करने तक कोई समझौता नहीं: बाघेर गालिबाफ

आपको बता दें कि ईरान के संसदीय स्पीकर और शीर्ष वार्ताकार मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने कहा है कि तेहरान अमेरिका के साथ अपने झगड़े को खत्म करने वाले किसी भी समझौते को तब तक स्वीकार नहीं करेगा, जब तक यह सुनिश्चित न हो जाए कि ईरानी लोगों के अधिकार सुरक्षित हैं. 

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मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, ईरानी संसद के स्पीकर गालिबाफ ने रविवार सुबह हुए एक वर्चुअल संसदीय सत्र के दौरान ईरान-अमेरिका समझौते को लेकर ये बयान दिया. गालिबाफ ने ईरानी संसद के प्रेसिडियम के साथ दोबारा चुने गए स्पीकर के तौर पर शपथ ली. कुछ देशों की राजनीतिक सभाओं में कार्यकारी अधिकारियों की एक परिषद होती है जो सामूहिक रूप से अध्यक्ष के साथ या उसके स्थान पर अपने कामकाज का संचालन करती है.

इसके बाद उन्होंने कहा, "दुश्मन की बातों और वादों पर कोई भरोसा नहीं है. हमारा एकमात्र क्राइटेरिया यह है कि बदले में अपने कमिटमेंट पूरे करने से पहले ठोस नतीजे हासिल करें."

ईरान से यूरेनियम निकालने पर अड़ा अमेरिका

बीते दिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत अपने आखिरी चरण में है. इसके साथ ही उन्होंने यह भी दावा किया कि अमेरिका ईरान में मलबे में दबे हुए संवर्धित यूरेनियम को निकालेगा और वहां से लेकर आएगा, हालांकि ईरान ने इन सभी दावों को खारिज कर दिया.

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अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह भी दावा किया है कि ईरान इस बात के लिए राजी हो गया है कि वो परमाणु हथियार नहीं बनाएगा और न ही हासिल करेगा. न्यूज एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने सरकारी टीवी चैनल आईआरआईबी के साथ एक टेलीफोन इंटरव्यू में अमेरिका के साथ समझौते पर कहा कि दोनों पक्षों के बीच संदेशों का आदान-प्रदान जारी है. यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ संभावित समझौते के लिए अपनी शर्तें सार्वजनिक करते हुए कहा कि वह जल्द ही इस पर निर्णय लेंगे.

ईरान ने अमेरिका के दावों को किया खारिज

इस्माइल बाघेई ने दोहराया कि बातचीत में ईरान का मौजूदा ध्यान युद्ध को खत्म करने पर है. उन्होंने कहा, "इस चरण पर हम ईरान के यूरेनियम संवर्धन या समृद्ध यूरेनियम से जुड़े मुद्दों के विवरण पर कोई बात नहीं कर रहे हैं."

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होर्मुज स्ट्रेट के संभावित रूप से फिर से खुलने के बारे में बात करते हुए इस्माइल बाघेई ने कहा कि इस स्ट्रेट का भविष्य का प्रबंधन सिर्फ ईरान और ओमान से संबंधित है. इससे पहले एक सोशल मीडिया पोस्ट में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी मांगें बताते हुए कहा, "ईरान को इस बात पर सहमत होना होगा कि उनके पास कभी कोई परमाणु हथियार या बम नहीं होगा."

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