जिस पर देशकरता है भरोसा
Advertisement

राहुल गांधी को हाईकोर्ट से बड़ा झटका, रद्द नहीं होगा 'चौकीदार चोर है' वाला मामला, आपराधिक मानहानि का दर्ज है केस

राहुल गांधी को बॉम्बे हाई कोर्ट से बड़ा झटका लगा है. 'चौकीदार चोर है' वाली टिप्पणी को लेकर चल रहे  आपराधिक मानहानि के एक मामले को रद्द करने से अदालत ने इनकार कर दिया है.

Author
08 Sep 2026
( Updated: 08 Sep 2026
02:23 PM )
राहुल गांधी को हाईकोर्ट से बड़ा झटका, रद्द नहीं होगा 'चौकीदार चोर है' वाला मामला, आपराधिक मानहानि का दर्ज है केस
Image Source-IANS
Advertisement

बॉम्बे हाई कोर्ट की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित 'चौकीदार चोर है' की टिप्पणी को लेकर कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को बड़ा झटका लगा है. उनकी इस टिप्पणी पर आपराधिक मानहानि केस रद्द करने से हाई कोर्ट ने इनकार कर दिया है. 

'चौकीदार चोर है' को लेकर दर्ज मामला रद्द नहीं होगा

इस मामले में राहुल गांधी ने मजिस्ट्रेट कोर्ट की ओर से जारी समन को हाई कोर्ट में चुनौती दी गई थी. उनकी ओर से तर्क दिया गया था कि शिकायत सुनवाई योग्य नहीं है. उनकी ओर से कहा गया था कि कथित बयान में किसी राजनीतिक दल का नाम नहीं लिया था और न ही किसी 'पहचाने जा सकने वाले या निश्चित वर्ग' को निशाना बनाया था.

आपराधिक मानहानि का दर्ज है केस

मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस नितिन बोरकर की सिंगल बेंच ने राहुल गांधी की दलील को खारिज करते हुए कहा कि भाजपा एक पंजीकृत राष्ट्रीय राजनीतिक दल है और इसलिए वह निश्चित रूप से एक पहचान योग्य संस्था है. कोर्ट ने कहा कि शिकायतकर्ता का दावा है कि वह दो दशक से भाजपा का सक्रिय सदस्य रहा है.

Advertisement

पहली नजर में प्रधानमंत्री को, जो भाजपा के सदस्य हैं, 'कमांडर-इन-थीफ' बताने वाले बयान को सिर्फ पार्टी के वरिष्ठ नेतृत्व तक सीमित नहीं माना जा सकता. कोर्ट के मुताबिक, इस बयान का वास्तविक आशय क्या था और इसका पार्टी के सदस्यों पर क्या प्रभाव पड़ा, यह सवाल मुकदमे के दौरान विचार किया जाना है.

ये भी पढ़ें: ‘पढ़े-लिखों से ज्यादा क्रिमिनल, रेड लाइट वालों ने वोट दिया’, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का चौंकाने वाला दावा, Video

बॉम्बे हाई कोर्ट से राहुल गांधी को बड़ा झटका

राहुल गांधी के वकील सुदीप पासबोला ने हाईकोर्ट में दलील दी कि कथित ट्वीट में राहुल गांधी ने भाजपा या किसी राजनीतिक दल का नाम नहीं लिया था. उन्होंने कहा कि किसी 'पहचाने जा सकने वाले या निश्चित वर्ग' को निशाना नहीं बनाया गया है. ऐसे में कोई स्पष्ट रूप से पीड़ित व्यक्ति या समूह मौजूद नहीं है, इसलिए शिकायतकर्ता के पास आपराधिक मानहानि का मामला चलाने का अधिकार नहीं है.

ये भी पढ़ें: यूपी टेक्सटाइल कॉन्क्लेव में CM योगी का चुनावी संदेश, बोले- अब दंगा नहीं, निवेश और रोजगार की पहचान बना यूपी

Advertisement

यह भी पढ़ें

राहुल गांधी की याचिका पर महाराष्ट्र सरकार की ओर से भी विरोध किया गया. महाराष्ट्र के एडवोकेट जनरल की ओर से कहा गया कि कोर्ट को यह देखना होगा कि मानहानि के अपराध के लिए जरूरी तत्व मौजूद हैं या नहीं. साथ ही यह भी देखना होगा कि क्या टिप्पणी किसी निश्चित एवं पहचान योग्य समूह से संबंधित थी.

Tags

Advertisement
टिप्पणियाँ 0
G
Guest (अतिथि)
LIVE
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
अधिक
Advertisement
Advertisement
शॉर्ट्स
वेब स्टोरीज़
होम वीडियो खोजें