जिस पर देशकरता है भरोसा
Advertisement

CGPSC परीक्षा घोटाला: ED ने CMO के पूर्व OSD चेतन बोरघरिया को किया गिरफ्तार, 66.64 लाख रुपये के लेनदेन का दावा

ED ने तत्कालीन मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) में OSD रहे और फिलहाल बलरामपुर-रामानुजगंज में अतिरिक्त कलेक्टर के पद पर तैनात चेतन बोर्घरिया को गिरफ्तार किया है.

Author
14 Sep 2026
( Updated: 14 Sep 2026
05:39 PM )
CGPSC परीक्षा घोटाला: ED ने CMO के पूर्व OSD चेतन बोरघरिया को किया गिरफ्तार, 66.64 लाख रुपये के लेनदेन का दावा
Image Credit: IANS
Advertisement

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (सीजीपीएससी) राज्य सेवा परीक्षा 2020 और 2021 में कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार से जुड़े धनशोधन मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए छत्तीसगढ़ सरकार के मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) में तत्कालीन ओएसडी रहे चेतन बोरघरिया को गिरफ्तार किया है. वर्तमान में बोरघरिया बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में अतिरिक्त कलेक्टर के पद पर तैनात हैं.

ईडी ने शुक्रवार (11 सितंबर) को धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 की धारा 19 के तहत उन्हें गिरफ्तार किया. इसके बाद उन्हें रायपुर स्थित विशेष पीएमएलए अदालत में पेश किया गया, जहां अदालत ने आगे की पूछताछ के लिए छह दिन की ईडी हिरासत मंजूर कर दी.

CGPSC परीक्षा में कथित भ्रष्टाचार की जांच

ईडी के अनुसार, यह जांच आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (ईओडब्ल्यू)/एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी), रायपुर द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की गई थी. बाद में मूल मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने अपने हाथ में ली और तत्कालीन सीजीपीएससी अध्यक्ष तमन सिंह सोनवानी सहित अन्य आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर चार्जशीट भी दाखिल की.

जांच एजेंसी का दावा है कि उत्कर्ष चंद्राकर, अनिल चंद्राकर और डॉ. विकास चंद्राकर ने सीजीपीएससी राज्य सेवा परीक्षा-2021 के कई अभ्यर्थियों से तीन करोड़ रुपये से अधिक की अवैध रिश्वत ली. बदले में उन्हें परीक्षा का प्रश्नपत्र पहले से उपलब्ध कराने और तत्कालीन मुख्यमंत्री कार्यालय में कथित पहुंच और प्रभाव का इस्तेमाल कर चयन सुनिश्चित कराने का आश्वासन दिया गया.

Advertisement

ऑपरेशन सफेद सागर के पूर्व सैनिक पर जानलेवा हमला, पार्किंग विवाद में लोहे की रॉड से पीटा

बोरघरिया के नाम और पद के कथित इस्तेमाल का दावा

ईडी की जांच में सामने आया कि उस समय सीएमओ में ओएसडी रहे चेतन बोरघरिया के नाम और पद का भी कथित तौर पर इस पूरे नेटवर्क में इस्तेमाल किया गया.

जांच के दौरान एजेंसी को यह भी जानकारी मिली कि प्रारंभिक परीक्षा से पहले कुछ अभ्यर्थियों को रायपुर के सिद्धि विनायक मैरिज पैलेस में एकत्र किया गया, जहां कथित तौर पर लीक हुआ प्रश्नपत्र बांटा गया. इसके बाद मुख्य परीक्षा से पहले अभ्यर्थियों को बरनवापारा सैंक्चुरी रिसॉर्ट में ठहराया गया, जहां लीक प्रश्नपत्रों के आधार पर उन्हें विशेष कोचिंग दी गई.

Advertisement

बैंक खाते में 66.64 लाख रुपये जमा होने का दावा

वित्तीय जांच में ईडी ने पाया कि संबंधित अवधि के दौरान चेतन बोरघरिया के बैंक खाते में 170 अलग-अलग लेनदेन के जरिए कुल 66.64 लाख रुपये नकद जमा किए गए. एजेंसी ने बोरघरिया और उत्कर्ष चंद्राकर के बीच कई वित्तीय लेनदेन का भी पता लगाया है.

डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आगे की जांच

ईडी ने एक सितंबर को बोरघरिया के ठिकानों पर तलाशी ली थी. इस दौरान मोबाइल फोन समेत कई डिजिटल उपकरण जब्त किए गए. फॉरेंसिक जांच में कथित तौर पर बोरघरिया और उत्कर्ष चंद्राकर के बीच पैसों के लेनदेन और रकम लौटाने या भुगतान की मांग से जुड़े संदेश मिले हैं.

यह भी पढ़ें

जांच एजेंसी के अनुसार, एम/एस फिगरकेव ई-कॉम (ओपीसी) प्राइवेट लिमिटेड के माध्यम से भी धन के लेयरिंग और ट्रांसफर किए जाने की आशंका है. ईडी का कहना है कि डिजिटल साक्ष्य, बैंकिंग लेनदेन और पीएमएलए के तहत दर्ज बयानों से यह संकेत मिले हैं कि चेतन बोरघरिया कथित अपराध से अर्जित धन के अधिग्रहण, कब्जे, छिपाने और उपयोग जैसी गतिविधियों में शामिल थे. ईडी ने कहा कि मामले में आगे की जांच जारी है.

Tags

Advertisement
टिप्पणियाँ 0
G
Guest (अतिथि)
LIVE
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
अधिक
Advertisement
Advertisement
शॉर्ट्स
वेब स्टोरीज़
होम वीडियो खोजें