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देश के अगले शिक्षा मंत्री होंगे प्रह्लाद जोशी, मोदी सरकार ने सौंपा अतिरिक्त प्रभार, धर्मेंद्र प्रधान की लेंगे जगह

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद देश के अगले शिक्षा मंत्री के नाम का ऐलान कर दिया गया है. प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है.

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25 Jul 2026
( Updated: 25 Jul 2026
08:58 PM )
देश के अगले शिक्षा मंत्री होंगे प्रह्लाद जोशी, मोदी सरकार ने सौंपा अतिरिक्त प्रभार, धर्मेंद्र प्रधान की लेंगे जगह
Image Source: IANS
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देश के नए शिक्षा मंत्री का ऐलान कर दिया गया है. धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद प्रह्लाद जोशी को नया शिक्षा मंत्री का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है. प्रधानमंत्री और सरकार की सलाह पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें उनके मौजूदा मंत्रालय की ज़िम्मेदारियों के अलावा शिक्षा मंत्रालय की भी अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी है.

राष्ट्रपति सचिवालय की ओर से जारी अधिसूचना के मुताबिक, प्रह्लाद जोशी शिक्षा मंत्रालय के अलावा अपने पूर्व के विभाग पहले की तरह संभालते रहेंगे.

सीजेपी का राष्ट्रव्यापी आंदोलन समाप्त, सरकार और प्रतिनिधिमंडल के बीच बनी बात

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के साथ ही केंद्र सरकार ने कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) की सभी मांगे मान ली हैं, जिसके बाद सीजेपी ने अपना राष्ट्रव्यापी आंदोलन तत्काल प्रभाव से वापस ले लिया है. सीजेपी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसकी जानकारी दी.

सीजेपी ने अपनी पोस्ट में लिखा कि कॉकरोच जनता पार्टी ने अपना राष्ट्रव्यापी आंदोलन तत्काल प्रभाव से वापस ले लिया है. कॉकरोच जनता पार्टी की सभी मांगें सरकार ने स्वीकार कर ली हैं, जिनमें नीट परीक्षा के पेपर लीक से संबंधित आत्महत्याओं के पीड़ितों के परिवारों को अधिकतम संभव मुआवजा दिया जाए.

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केंद्र सरकार और एनडीए शासित राज्यों द्वारा दर्ज सभी एफआईआर वापस ली जाएंगी, और भविष्य में इन विरोध प्रदर्शनों में शामिल किसी के भी खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी. सीजेपी के 5 सूत्रीय परीक्षा सुधार चार्टर पर सरकार विचार करेगी, और सीजेपी इन सुधारों पर आगे चर्चा करने के लिए सरकार से मुलाकात करेगी.

इससे पहले सरकार से बातचीत के बाद कॉकरोच जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि हमने सरकारी प्रतिनिधिमंडल के साथ तीन राउंड की बातचीत की. जंतर-मंतर पर हमारा प्रोटेस्ट, जो कई दिनों से चल रहा था, हमारी तीन मुख्य मांगें थीं: केंद्रीय शिक्षा मंत्री के पद से धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, प्रदर्शनकारियों और आयोजकों के खिलाफ फाइल किए गए सभी लीगल केस, एफआईआर वापस ली जाएं और प्रदर्शनकारियों या आयोजकों के खिलाफ भविष्य में कोई केस फाइल नहीं किया जाए.

सीजेपी ने कहा कि हमारी मांग थी कि नीट पेपर न होने के बाद जिन परिवारों ने अपनों को खो दिया, उन्हें 1 करोड़ रुपए का मुआवजा दिया जाए. अभी कुछ देर पहले ही धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दिया है. इसका मतलब है कि हमारी पहली डिमांड मान ली गई है. हमारी दूसरी मांग थी कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज सभी एफआईआर, सिर्फ दिल्ली में ही नहीं बल्कि सभी भाजपा शासित और भाजपा सहयोगी राज्यों में, वापस ली जाएं. सरकार ने वह मांग भी मान ली है. जल्द ही एफआईआर वापस ले ली जाएंगी.

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केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा, कहा-राष्ट्रसेवा मेरे जीवन की सर्वोच्च प्राथमिकता

जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के विरोध प्रदर्शन के बीच आखिरकार केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने अपना इस्तीफा पीएम मोदी को भेज दिया है. प्रधान ने कहा कि राष्ट्रसेवा मेरे जीवन की सर्वोच्च प्राथमिकता है.

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए धर्मेंद्र प्रधान ने लिखा कि मेरे युवा साथियों, मैं पिछले 4 दशकों से अधिक समय से छात्र, शिक्षक और शिक्षा सुधार के लिए समर्पित रहा हूं. मेरा सदैव यह विश्वास रहा है कि एक सशक्त, समावेशी और दूरदर्शी शिक्षा व्यवस्था ही सशक्त राष्ट्र की आधारशिला होती है. मैं देश के युवाओं की आकांक्षाओं, भावनाओं और उनकी न्यायोचित अपेक्षाओं का गहरा सम्मान करता हूं.

उन्होंने लिखा कि भारत की युवा पीढ़ी के सपनों को साकार करना हम सभी के राजनीतिक एवं सामाजिक जीवन का नैतिक संकल्प रहा है. प्रधानमंत्री मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में राष्ट्र की सेवा करने का जो अवसर मुझे प्राप्त हुआ, उसके लिए मैं प्रधानमंत्री का आभार प्रकट करता हूं. 

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3 मई को हुई नीट यूजी की परीक्षा में सामने आई अनियमितता पाई गई. भारत सरकार ने इसको तुरंत संज्ञान में लेते हुए जांच सीबीआई को सौंपी और परीक्षा को रद्द किया और पुनः परीक्षा की तिथि घोषित की गई. इसके साथ ही अगले वर्ष से इस परीक्षा को सीबीटी मोड में करने का निर्णय लिया गया. इस दौरान हमारी प्रमुख प्राथमिकता यह रही कि 20 लाख से अधिक छात्रों की परीक्षा सुचारू रूप से आयोजित की जाए. इसके लिए सरकार का समग्र दृष्टिकोण के तहत काम किया गया. इसमें भारत सरकार के साथ राज्य सरकार, विशेषकर जिला प्रशासन की महत्वपूर्ण भूमिका रही. साथ ही छात्रों, अभिभावक और माता-पिता के सहयोग से 21 जून को यह परीक्षा पूर्ण हुई.

धर्मेंद्र प्रधान ने लिखा कि पहले ही दिन से, इस पर मैंने जिम्मेदारी ली और इस परिस्थिति से कभी मुंह नहीं मोड़ा. मेरा यह संकल्प था कि हम किसी भी मेधावी छात्र की संभावना परीक्षा माफिया के कारण खराब नहीं होने देंगे. किसी भी छात्र के साथ अन्याय नहीं होने देंगे. 16 जुलाई को घोषित नीट-यूजी के परिणाम संतोषजनक रहे जिसमें गरीब पृष्ठभूमि से आए कई मेधावी छात्रों को भी सफलता मिली, परंतु इस दौरान भी कई छात्रों को गुमराह करने के लिए जिम्मेदार पदों पर बैठे व्यक्तियों ने बाधा डालने की कोशिश की, जिससे मन अत्यंत व्यथित हुआ. मैं सदैव हमारे प्रजातंत्र की शक्ति में अटूट विश्वास रखने वाला रहा हूं तथा युवाओं की आकांक्षाओं, सपनों और अपेक्षाओं का गहरा सम्मान करता आया हूं. वे केवल भारत का भविष्य ही नहीं हैं, बल्कि एक नए और विकसित भारत के वाहक, निर्माता और भविष्य के शिल्पकार भी हैं.

जंतर-मंतर पर सीजेपी के विरोध प्रदर्शन का जिक्र करते हुए प्रधान ने कहा कि पिछले 10 दिनों का घटनाक्रम देखकर मेरा मन दुखी है. यह मेरे लिए व्यक्तिगत प्रतिष्ठा का विषय नहीं है. भारत की युवा शक्ति ही इस देश की असली ताकत है. देश की युवा शक्ति को भ्रम के कुचक्र में फंसने नहीं देंगे, यही मेरा संकल्प है. जंतर-मंतर पर और देश में जो स्थिति बनी है, इस स्थिति का राष्ट्र विरोधी ताकतें लाभ न उठाएं. देश की एकता बनी रहे, भारत के एक भी विद्यार्थी का भविष्य कानूनी पेचीदगियों में न उलझे, हमारे बच्चे अपना समय पढ़ाई में लगाएं, करियर बनाने पर फोकस करें, इसी बात पर विचार करते हुए मैंने अपना त्यागपत्र प्रधानमंत्री मोदी को भेज दिया है.

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उन्होंने लिखा कि मैं प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन, विश्वास और निरंतर सहयोग के लिए हार्दिक कृतज्ञता व्यक्त करता हूं. साथ ही, मंत्रिपरिषद के अपने सभी सम्मानित सहयोगियों, मंत्रालय के अधिकारियों एवं कर्मचारियों तथा उन सभी व्यक्तियों का भी आभार व्यक्त करता हूं, जिनके साथ मुझे कार्य करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ. राष्ट्रसेवा मेरे जीवन की सर्वोच्च प्राथमिकता है. मैं इसके लिए सदैव समर्पित रहूंगा. प्रभु श्रीजगन्नाथ के आशीर्वाद से मैं भविष्य में भी भारत माता, ओडिशा की जनता तथा देश के युवाओं की आकांक्षाओं की पूर्ति के लिए हर संभव रूप में स्वयं को समर्पित रखूंगा.

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