असम में नशे के अवैध कारोबार पर चला बुलडोजर, 472 करोड़ की ड्रग्स और शराब नष्ट, CM सरमा ने खुद चलाया रोलर
असम में 472 करोड़ रुपये की ड्रग्स को नष्ट कर दिया गया. मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने खुद रोड रोलर चलाकर नशे के सामानों की एक बड़ी खेप को मिट्टी में मिला दिया. घुसपैठियों पर कड़े एक्शन के बाद यह एक बहुत बड़ी कार्रवाई है.
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असम से एक बड़ी ख़बर सामने आ रही है. बंगाल में गांजा और अवैध शराब के अड्डों पर ध्वस्तीकरण के आदेश के बीच असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने ड्रग कार्टेल पर बड़ा एक्शन लिया है. आपको बता दें कि असम सरकार ने नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए नलबाड़ी जिले में राज्य स्तरीय ड्रग्स डिस्पोजल कार्यक्रम आयोजित किया, जहां CM सरमा ने खुद रोड रोलर चलाया और मादक पदार्थों की खेप को नष्ट किया. सरमा के खुद एक्शन मोड में आने से पूर्वोत्तर में नशा तस्करों के सिंडिकेट में भूचाल आ गया है.
असम में ड्रग सिंडिकेट में भूचाल
असम के फायरब्रांड सीएम हिमंत बिस्वा सरमा की ओर से पहले ही घुसपैठियों पर की जा रही कार्रवाई के बाद अब नशे के कारोबार को निशाने पर लिया गया है. आपको बता दें कि मुख्यमंत्री खुद भारी-भरकम रोड रोलर की स्टीयरिंग थामे नजर आए और नशीले पदार्थों के काले साम्राज्य के ऊपर सीधे कानून का हथौड़ा और रोड रोलर चलाकर एक बड़ा मैसेज दिया है.
असम के नलबाड़ी में नशे के अवैध कारोबार पर चला बुलडोजर!
मामला रविवार का है, जब नलबाड़ी जिले के दौलासाल में स्थित 14वीं असम पुलिस बटालियन के मुख्यालय में नशा विरोधी बड़ी कार्रवाई की गई. यहां राज्य-स्तरीय 'ड्रग्स डिस्पोज़ल प्रोग्राम' का आयोजन किया गया था, जहां करोड़ों रुपए की मादक सामग्री को देखते ही देखते खाक में मिला दिया गया. इस दौरान मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा स्वयं वहां पहुंचे. उन्होंने बिना एक पल गंवाए, जब्त किए गए मादक पदार्थों के बड़े से ढेर के सामने जाकर खुद रोड रोलर को स्टार्ट किया और उसे ड्रग्स की पेटियों पर चढ़ा दिया.
सीमावर्ती जिलों में हिमंत बिस्वा सरमा के एक्शन से हड़कंप!
यह सिर्फ ड्रग्स को नष्ट करना नहीं था, बल्कि यह असम सरकार की तरफ से उन छिपे हुए तस्करों को एक सीधी चेतावनी थी कि अगर असम के युवाओं को बर्बाद करने की कोशिश की, तो उनका हश्र भी यही होगा. इस एक्शन ने यह साफ कर दिया है कि असम पुलिस का 'मिशन असम अगेंस्ट ड्रग्स' अब अपने सबसे अहम दौर में पहुंच चुका है, जहां अपराधियों के लिए किसी भी तरह की कोई रियायत या रहम की गुंजाइश बाकी नहीं बची है.
इस अभियान के पीछे की वजह और पूरी कार्रवाई की जानकारी देते हुए यह ऐलान किया गया कि जो ड्रग्स नष्ट की जा रही है, उसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत कोई मामूली रकम नहीं बल्कि पूरे 472.51 करोड़ रुपये से भी ज्यादा है.
यह खेप इतनी विशाल है कि इसे एक या दो दिन में खत्म नहीं किया जा सकता. अधिकारियों के मुताबिक इस मौत के सामान को पूरी तरह से राख में तब्दील करने के लिए अगले 10 दिनों तक लगातार भट्टियों को चौबीसों घंटे जलाना होगा. आप खुद अंदाजा लगाइए कि असम पुलिस ने तस्करों के नेटवर्क को किस कदर नेस्तनाबूद किया है.
It was a weekend well spent yesterday.
— Himanta Biswa Sarma (@himantabiswa) July 13, 2026
Throughout Assam, we destroyed drugs worth over ₹472cr and vowed to crack down hard on the narcotics network.
I also met with my parivarjan in Nalbari and reviewed the progress of our integrated sports complex in Amingaon.
Highlights ✨ pic.twitter.com/puzcB1Gpxc
अगले 10 दिनों के भीतर 60 किलोग्राम शुद्ध हेरोइन, 39 किलोग्राम खतरनाक मॉर्फिन, 3.2 किलोग्राम अफीम और पोस्ता के साथ-साथ युवाओं के दिमाग को सुन्न करने वाली 4 लाख 97 हजार से ज्यादा प्रतिबंधित गोलियों को वैज्ञानिक तरीके से जलाकर खाक कर दिया जाएगा. अगर पिछले पांच सालों के ट्रैक रिकॉर्ड को देखें, तो यह लड़ाई किसी बड़े युद्ध से कम नहीं रही है.
असम में नशे के कारोबार पर सख्त एक्शन!
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- पुलिस ने NDPS एक्ट के तहत 3300 से ज्यादा FIR दर्ज की हैं.
- अब तक 3227 करोड़ रुपये की ड्रग्स जब्त की जा चुकी है.
- साल 2021 से लेकर जुलाई 2026 तक के इस ऑपरेशन के दौरान असम सरकार ने कुल मिलाकर 3253 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध नशीली दवाएं पकड़ी हैं.
- मौत के इस काले व्यापार से जुड़े 26,500 से अधिक शातिर अपराधियों को सलाखों के पीछे भेज दिया गया है.
इतना ही नहीं पकड़े गए सामानों में सिर्फ हेरोइन ही नहीं, बल्कि भारी मात्रा में गांजा, अफीम, याबा टैबलेट और कफ सिरप के वो जखीरे शामिल हैं जो म्यांमार और अन्य अंतरराष्ट्रीय सीमाओं से भारत के भीतर तबाही मचाने के लिए भेजे जा रहे थे, लेकिन हिमंत बिस्वा सरमा के इस 'मिशन अगेंस्ट ड्रग्स' ने तस्करों की पूरी सप्लाई चेन को बीच से ही काट दिया है. अब आलम यह है कि असम की सीमाओं के भीतर घुसने से पहले ही बड़े-बड़े सिंडिकेट्स के तस्कर कांप रहे हैं, क्योंकि उन्हें पता है कि अगर वे पकड़े गए, तो न सिर्फ उनकी करोड़ों की खेप धुएं में उड़ा दी जाएगी, बल्कि खुद मुख्यमंत्री का रोड रोलर उनके पूरे साम्राज्य को मिट्टी में मिला देगा.