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बंगाल में जल्द लागू होगा UCC! CM सुवेंदु ने गठित की 9 सदस्यीय कमेटी, रिटायर्ड जज रंजना देसाई करेंगी अध्यक्षता

UCC लागू करने की दिशा में बंगाल ने एक और कदम बढ़ा दिए हैं. रिटायर्ड जज रंजना देसाई की अध्यक्षता में 9 सदस्यीय कमेटी गठित कर दी गई है. पूर्व राज्यपाल तथागत राय को इस समिति का सदस्य बनाया गया है.

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12 Jul 2026
( Updated: 12 Jul 2026
06:03 PM )
बंगाल में जल्द लागू होगा UCC! CM सुवेंदु ने गठित की 9 सदस्यीय कमेटी, रिटायर्ड जज रंजना देसाई करेंगी अध्यक्षता
Suvendu Adhikari/ Image Source: IANS
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बंगाल में बहुप्रतिक्षित UCC पर सीएम सुवेंदु अधिकारी ने बड़ा फैसला लिया है. पश्चिम बंगाल सरकार ने प्रस्तावित समान नागरिक संहिता (UCC)-2026 के मसौदा विधेयक की समीक्षा और उसे अंतिम रूप देने के लिए नौ सदस्यीय कमेटी का गठन किया है. सुप्रीम कोर्ट की रिटायर्ड जज जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई इस कमेटी की अध्यक्षता करेंगी. इस संबंध में सरकार ने शुक्रवार को नोटिफिकेशन जारी किया. अब इस घटमाक्रम पर पूर्व राज्यपाल और कमेटी में सदस्य के तौर पर शामिल तथागत रॉय का बड़ा बयान सामने आया है.

बंगाल में UCC को लेकर 9 सदस्यीय कमेटी गठित

पश्चिम बंगाल के न्यायिक विभाग की ओर से जारी अधिसूचना में कहा गया कि राज्य सरकार ने विधानसभा में पेश किए जाने से पहले मसौदा विधेयक की समीक्षा करने के लिए कमेटी बनाई है. सरकार का मानना है कि विषय की व्यापकता और जटिलता को देखते हुए मसौदा विधेयक का विस्तृत परीक्षण जरूरी है. इसी उद्देश्य से 2 जुलाई को हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में लिए गए निर्णय के आधार पर समिति के गठन को मंजूरी दी गई है.

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जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई करेंगी अध्यक्षता

रिटायर्ड जज जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में बनी इस कमेटी में मेघालय के पूर्व राज्यपाल तथागत रॉय, आईएएस अधिकारी दुष्यंत नारियाला, रिटायर्ड आईएएस अधिकारी शत्रुघ्न सिंह, गृह विभाग की प्रधान सचिव संघमित्रा घोष, बंगबासी कॉलेज की रिटायर्ड एसोसिएट प्रोफेसर रत्ना भट्टाचार्य, गौर बंगा यूनिवर्सिटी के पूर्व वाइस-चांसलर गोपालचंद्र मिश्रा, कलकत्ता हाई कोर्ट के वकील उस्मान गनी मलिक और संभाग के पूर्व एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर निर्मल्य भट्टाचार्य शामिल हैं.

अधिसूचना के अनुसार, राज्य सरकार यह फैसला भारतीय संविधान के भाग-4 में निहित नीति-निर्देशक सिद्धांतों के अनुच्छेद 44 के अनुरूप उठाया है, जिसमें राज्य को नागरिकों के लिए समान नागरिक संहिता लागू करने का प्रयास करने का प्रावधान है.

क्या है सरकार की अधिसूचना में?

अधिसूचना में कहा गया है कि सरकार ने सभी धर्म, आस्था और समुदाय के निवासियों के लिए शादी, तलाक, बिना वसीयत के उत्तराधिकार और वसीयत के आधार पर उत्तराधिकार जैसे व्यक्तिगत नागरिक मामलों को एक समान कानूनी ढांचे में लाने के उद्देश्य से 'समान नागरिक संहिता, पश्चिम बंगाल- 2026' का मसौदा तैयार किया है.

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संविधान जितना जरूरी UCC: तथागत रॉय

भाजपा नेता और पूर्व राज्यपाल तथागत रॉय ने यूसीसी (समान नागरिक संहिता) पर गठित कमेटी में शामिल किए जाने पर पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी का आभार व्यक्त किया है. उन्होंने राज्य में यूसीसी लागू किए जाने का समर्थन करते हुए कहा कि यह उतना ही जरूरी है जितना कि खुद संविधान.

तथागत रॉय ने कहा, "जब हमारा संविधान तैयार और लागू किया गया था, तो अनुच्छेद 44 में ही यह कहा गया था कि राज्य समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को लागू करने का प्रयास करेगा. अब यह सवाल कैसे उठ सकता है कि यूसीसी कितना जरूरी है? यह उतना ही जरूरी है जितना कि खुद संविधान."

तथागत रॉय का टीएमसी पर बड़ा हमला

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उन्होंने कहा, "पिछली सरकार ने भ्रम और गलतफहमियां फैलाईं. मैं यह कहना चाहूंगा कि ऐसा जानबूझकर किया गया था. सत्ताधारी पार्टी तृणमूल कांग्रेस की कोई विचारधारा या सिद्धांत नहीं थे. उनका एकमात्र मकसद किसी भी तरह सत्ता में बने रहना और इस दौरान लोगों की जेबों व सरकारी खजाने से जितना हो सके पैसा निकालकर अपनी जेबें भरना था. यही उनका एकमात्र उद्देश्य था."

तथागत रॉय सहित 8 और सदस्य कमेटी में शामिल किए गए

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जब उनसे पूछा गया कि यूसीसी की ड्राफ्टिंग कमिटी में चुने जाने पर वे क्या कहना चाहेंगे, तो तथागत रॉय बोले, "इस बारे में मैं क्या कहूं? मैंने किसी से भी मुझे कमेटी में शामिल करने के लिए नहीं कहा था. मुख्यमंत्री को यह सही लगा और उन्होंने मेरा नाम शामिल किया और मैं इसके लिए आभारी हूं."

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टिप्पणियाँ 3
G
Guest (अतिथि)
C
C.E. Hariharan
3 months ago

Jai Ho Suvenduji We agree either your decision of implementing the Constitutional laws in the interest of the nation. Kudos to you. Also zll othe states should follow suit.

C
C.E. Hariharan
3 months ago

Jai Ho Suvenduji ki Each state should bring the rules as per the Constituion and the supporting judgement. We hail the decision in totality.

S
Satish N G
3 months ago

यूसीसी याने समान नागरिक संहिता संविधान के तहत है| पूरे देश मे यूसीसी उतना हि जरूरी है जितना संविधान|

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